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History of India
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मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, केंद्रीय तंत्र और अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मौर्य प्रशासन में 'तीर्थ' नामक सर्वोच्च अधिकारियों की संख्या अठारह थी, जिनमें 'सनिधाता' राजकीय कोष का मुख्य अधिकारी और 'समहर्ता' साम्राज्य भर के कर संग्रह तथा आय-व्यय के वार्षिक लेखा-जोखा का प्रमुख अधिकारी होता था।
- 2. अशोक के धम्म महामात्रों (Dhamma Mahamats) की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य साम्राज्य के विभिन्न धार्मिक संप्रदायों के बीच सद्भाव स्थापित करना और आम जनता के नैतिक कल्याण की देखरेख करना था, जिनका उल्लेख सम्राट अशोक के विभिन्न शिलालेखों में मिलता है।
- 3. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार मौर्य राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि और व्यापार पर कड़ा नियंत्रण था, तथा राज्य द्वारा संचालित कृषि फार्मों की देखरेख करने वाले सर्वोच्च अधिकारी को 'सीताध्यक्ष' कहा जाता था।
- 4. मौर्यकालीन प्रांतीय प्रशासन के अंतर्गत साम्राज्य चार प्रमुख प्रांतों में विभाजित था, जिनकी राजधानियाँ उत्तरापथ (तक्षशिला), दक्षिणापथ (सुवर्णगिरि), अवंती राष्ट्र (उज्जैन) और प्राच्य (पाटलिपुत्र) थीं, और इन प्रांतों का प्रशासन केवल राजकुमारों (कुमार या आर्यपुत्र) द्वारा ही चलाया जाता था, जिसमें स्थानीय मंत्रिपरिषद का कोई हस्तक्षेप नहीं होता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। मौर्य प्रशासनिक व्यवस्था में कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार सर्वोच्च पदाधिकारियों को 'तीर्थ' कहा जाता था जिनकी संख्या 18 थी। 'समहर्ता' कर संग्रह और आय-व्यय के विवरण का प्रमुख था, जबकि 'सनिधाता' कोषाध्यक्ष (राजकीय कोष) का अधिकारी था। इसी प्रकार, अशोक ने अपने राज्यभिषेक के 13वें वर्ष के बाद 'धम्म महामात्रों' की नियुक्ति की जिनका कार्य धार्मिक सहिष्णुता और जनता का नैतिक उत्थान था। कृषि अर्थव्यवस्था में राजकीय भूमि की देखरेख 'सीताध्यक्ष' करता था। किंतु कथन 4 असत्य है, क्योंकि प्रांतीय प्रशासन में राजकुमारों के अतिरिक्त स्थानीय महामात्रों या अधिकारियों की भी नियुक्ति होती थी और तक्षशिला तथा उज्जैन जैसे प्रांतों में विद्रोहों के दमन एवं प्रशासनिक नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था थी। विकिपीडिया संदर्भ
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान भारत के विभिन्न केंद्रों में ब्रिटिश सत्ता को पुनर्जीवित करने और विद्रोह का दमन करने वाले ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली - जॉन निकलसन और हडसन
2. लखनऊ - सर कॉलिन कैंपबेल और हेनरी लॉरेंस
3. कानपुर - जनरल नील और सर कॉलिन कैंपबेल
4. झांसी और ग्वालियर - सर ह्यूरोज
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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मुगलकालीन प्रशासनिक व्यवस्था और प्रांतीय शासन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अकबर के शासनकाल के 24वें वर्ष (1582 ई.) में राजा टोडरमल की सहायता से 'दहसाला' (या जरबती) नामक नई राजस्व प्रणाली लागू की गई, जिसके अंतर्गत पिछले दस वर्षों के उत्पादन और मूल्यों के औसत के आधार पर मालगुजारी निश्चित की जाती थी।
2. शाहजहां के शासनकाल में मनसबदारी व्यवस्था में 'दुअस्पा-सिंहअस्पा' (दो-घोड़ा और तीन-घोड़ा) की नई पद-मर्यादा जोड़ी गई, जिससे बिना जात मनसब बढ़ाए सवार मनसब को दोगुना किया जा सकता था।
3. औरंगजेब के शासनकाल में साम्राज्य के प्रांतों (सूबों) की संख्या सबसे अधिक थी, और उसके दक्षिण अभियानों के दौरान 'फौजदार' नामक अधिकारी को प्रांतीय स्तर पर धार्मिक मामलों और जजिया कर की वसूली का विशेष जिम्मा सौंपा गया था।
4. मुगल प्रशासनिक शब्दावली में 'अमीन' का मुख्य कार्य राजस्व का मूल्यांकन करना तथा भूमि की पैमाइश और वर्गीकरण में सहायता देना था, जबकि 'अरोरा' या 'पोदार' प्रांतीय खजाने का प्रमुख अधिकारी होता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वैदिक सभ्यता और वैदिक साहित्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऋग्वैदिक काल में 'अयस' शब्द का प्रयोग सामान्यतः तांबे या कांस्य के लिए किया जाता था, जबकि उत्तर वैदिक काल में लोहे के प्रचलन के बाद इसके लिए 'कृष्ण अयस' या 'श्याम अयस' शब्द का प्रयोग किया जाने लगा।
2. 'गोपथ ब्राह्मण' का संबंध शुक्ल यजुर्वेद से है, जिसमें विभिन्न यज्ञीय अनुष्ठानों और कर्मकांडों के साथ-साथ ब्रह्मांड की उत्पत्ति और प्राचीन ऋषियों की वंशावली का विस्तृत विवरण मिलता है।
3. उत्तर वैदिक काल की चित्रित धूसर मृद्भांड (PGW) संस्कृति मुख्य रूप से गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र से जुड़ी हुई है, जो इस काल के लोहे के प्रयोग और ग्रामीण से अर्द्ध-नगरीय जीवन की ओर संक्रमण को दर्शाती है।
4. वैदिक कालीन राजनीतिक संस्था 'विदथ' आर्यों की सबसे प्राचीन संस्था मानी जाती है, जिसमें न केवल धार्मिक अनुष्ठान और सैन्य लूट के माल का वितरण होता था, बल्कि इसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी होती थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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1857 के महान विद्रोह के राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक कारणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के तहत सतारा, नागपुर और झांसी जैसे राज्यों का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय किया गया, जिससे भारतीय शासकों और रियासतों के भीतर गहरा राजनीतिक अविश्वास और रोष उत्पन्न हुआ।
2. ब्रिटिश आर्थिक नीतियों के परिणामस्वरूप भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों का तेजी से पतन हुआ, जिससे पारंपरिक कारीगर और शिल्पकार बेरोजगार होकर कृषि पर निर्भर होने लगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया।
3. वर्ष 1850 में पारित 'धार्मिक असुविधा अधिनियम' (Religious Disabilities Act) के तहत पुश्तैनी संपत्ति में उत्तराधिकार के अधिकार को धर्म परिवर्तन से जोड़ दिया गया, जिससे ईसाई धर्म अपनाने वाले भारतीयों को अपने पैतृक धन से वंचित होना पड़ा और रूढ़िवादी भारतीय जनता में भारी धार्मिक असंतोष फैल गया।
4. ब्रिटिश सेना में सेवारत भारतीय सैनिकों (सिपाहियों) के साथ नस्लीय भेदभाव किया जाता था, उन्हें यूरोपीय सैनिकों की तुलना में बहुत कम वेतन मिलता था और 'सामान्य सेना सेवा अधिनियम' (General Service Enlistment Act) के तहत समुद्र पार कर विदेशों में सेवा देने की अनिवार्यता ने सैनिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे पटना, दानापुर, आरा, मुजफ्फरपुर और छपरा) में हुए संघर्षों और उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पटना में 3 जुलाई 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व एक स्थानीय पुस्तक विक्रेता पीर अली खान ने किया था, जिसे बाद में ब्रिटिश कमिश्नर विलियम टेलर के आदेश पर गिरफ्तार कर सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका दिया गया था।
2. दानापुर छावनी की 7वीं, 8वीं और 40वीं रेजिमेंट के सिपाहियों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया और सोन नदी पार कर आरा पहुंचे, जहां उन्होंने जगदीशपुर के 80 वर्षीय जमींदार कुंवर सिंह के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध संयुक्त मोर्चा बनाया।
3. मुजफ्फरपुर और छपरा (सारण) क्षेत्र में विद्रोह के दौरान यूरोपीय अधिकारियों और अफीम एजेंटों पर हमले किए गए, तथा छपरा में मोहम्मद हुसैन खान और मुजफ्फरपुर में स्थानीय ब्रिटिश विरोधी तत्वों ने संगठित होकर अंग्रेजी प्रशासन को गंभीर चुनौती दी थी।
4. कुंवर सिंह की मृत्यु के पश्चात उनके छोटे भाई अमर सिंह ने विद्रोह की कमान संभाली और कैमूर की पहाड़ियों (जुगसलाई और जंगल क्षेत्र) से ब्रिटिश सेना के खिलाफ छापामार युद्ध (Guerrilla Warfare) का सफल नेतृत्व जारी रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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