BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
14 views

सल्तनत काल में वजीर के विभाग को क्या कहा जाता था?

Detailed Explanation

वजीर का विभाग दीवान-ए-विजारत था।
Share:

Related Questions

बंगाल विभाजन एवं उससे उत्पन्न स्वदेशी आंदोलन (1905) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल विभाजन के निर्णय की आधिकारिक घोषणा सर्वप्रथम जुलाई 1905 में की गई थी, और इसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में ऐतिहासिक ऐतिहासिक बैठक में 'स्वदेशी आंदोलन' का औपचारिक प्रस्ताव पारित किया गया। 2. 16 अक्टूबर 1905 को जिस दिन बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ, उस दिन पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, लोगों ने उपवास रखा, नंगे पाँव जुलूस निकाले और रवीन्द्रनाथ टैगोर के आह्वान पर एक-दूसरे की कलाई पर 'राखी बांधी' गई जो आपसी भाईचारे और एकता का प्रतीक बनी। 3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार और आत्मनिर्भरता के नारे के तहत बंगाल में राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 'राष्ट्रीय शिक्षा परिषद' (National Council of Education) की स्थापना की गई, किंतु इस पूरे आंदोलन के दौरान मुस्लिम बहुसंख्यक वर्ग और मुस्लिम लीग ने शुरू से अंत तक इस आंदोलन में खुलकर बढ़-चढ़कर भाग लिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह की भूमिका तथा ब्रिटिश दमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिस कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ की रेजिडेंसी पर हुए हमलों का प्रभावी नेतृत्व किया और विद्रोह के विफल होने पर अंग्रेजों के समक्ष आत्मसमर्पण करने के बजाय नेपाल की तराई में आश्रय लिया। 2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह, जिन्हें उनके ओजस्वी भाषणों और विद्रोही गतिविधियों के कारण 'डंका शाह' भी कहा जाता था, ने चिनहट के युद्ध में ब्रिटिश सेना को पराजित किया था और ब्रिटिश सरकार ने उनके ऊपर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। 3. मौलवी अहमदुल्लाह शाह को अंततः अवध के ही पुवायाँ के एक स्थानीय राजा के सहयोग और विश्वासघात के कारण अंग्रेजों द्वारा घेर लिया गया, जहाँ वे वीरतापूर्वक लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? वर्ष 1858 के शुरुआती महीनों में ब्रिटिश जनरल ह्यूरोज़ (Hugh Rose) के नेतृत्व में झाँसी और ग्वालियर क्षेत्र में चलाए गए सैन्य अभियानों तथा रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे की रणनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मार्च 1858 में ब्रिटिश सेना द्वारा झाँसी के किले की घेराबंदी किए जाने पर, रानी लक्ष्मीबाई ने अत्यंत वीरता के साथ किले की रक्षा की और तात्या टोपे द्वारा कालपी से लाई गई राहत सेना के सहयोग से अंग्रेजों को निर्णायक रूप से पराजित कर झाँसी को स्वतंत्र कराने में सफल रहीं। 2. झाँसी के पतन के उपरांत रानी लक्ष्मीबाई कालपी पहुँचीं, जहाँ उन्होंने तात्या टोपे के साथ मिलकर ग्वालियर के तत्कालीन शासक जयाजीराव सिंधिया की सेना को अपने पक्ष में मिलाया और ग्वालियर के रणनीतिक किले पर अधिकार कर लिया। 3. जनरल ह्यूरोज़ ने ग्वालियर के समीप कोटा-की-सराय के युद्ध में विद्रोही सेना को पराजित किया, जहाँ 18 जून 1858 को रानी लक्ष्मीबाई अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं, जिन्हें ह्यूरोज़ ने स्वयं 'भारतीय विद्रोहियों में एकमात्र मर्द' कहकर संबोधित किया था। 4. ग्वालियर के पतन के बाद तात्या टोपे ने मध्य भारत के जंगलों और राजस्थान के क्षेत्रों में ब्रिटिश सेना के विरुद्ध छापामार युद्ध (Guerrilla Warfare) का सफल नेतृत्व किया, किंतु अंततः उनके एक विश्वासघाती मित्र मान सिंह के धोखे के कारण वे पकड़े गए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? फिरोज शाह तुगलक के काल में किस विभाग का मुख्य कार्य अनाथों, विधवाओं और गरीब लड़कियों की सहायता करना था? दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक विकास और विभिन्न विभागों (दीवान) के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. दीवान-ए-कोही — इस कृषि विभाग की स्थापना मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य दोआब क्षेत्र में बंजर भूमि को उपजाऊ बनाना और किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता (तकावी ऋण) प्रदान करना था। 2. दीवान-ए-अर्ज — इस सैन्य विभाग की स्थापना बलबन द्वारा की गई थी, जिसका उद्देश्य मंगोल आक्रमणों का मुकाबला करने के लिए एक मजबूत और केंद्रीय सेना का गठन करना था, और इस विभाग का प्रमुख 'आइज-ए-मुमालिक' कहलाता था। 3. दीवान-ए-बदगान — इस दास विभाग की स्थापना फिरोज शाह तुगलक द्वारा की गई थी, जिसके अंतर्गत राज्य द्वारा दासों की देखभाल की जाती थी और उन्हें विभिन्न शिल्पों में प्रशिक्षित किया जाता था। 4. दीवान-ए-मुस्तखराज — इस राजस्व विभाग की स्थापना अलाउद्दीन खिलजी द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य कार्य बकाया लगान की वसूली करना और राजस्व अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले भ्रष्टाचार व घपलों की जांच करना था। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.