BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Indian Polity
9 views

भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति के निर्वाचन, उनकी पदावधि, महाभियोग प्रक्रिया और कार्यकारी शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए निर्वाचक कॉलेज (Electoral College) में संसद के दोनों सदनों के सभी निर्वाचित और मनोनीत सदस्य शामिल होते हैं, तथा इसके साथ ही राज्यों की विधानसभाओं और संघ राज्य क्षेत्रों (दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर) के निर्वाचित सदस्य भी भाग लेते हैं।
  2. 2. संविधान के अनुच्छेद 61 के अनुसार राष्ट्रपति पर महाभियोग (Impeachment) केवल 'संविधान के अतिक्रमण' के आधार पर चलाया जा सकता है, और इस महाभियोग प्रस्ताव को संसद के किसी भी सदन में तब तक पुनः स्थापित नहीं किया जा सकता जब तक कि उस सदन के कुल सदस्यों के कम से कम एक-चौथाई सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित लिखित सूचना न दी गई हो।
  3. 3. संघ की सभी कार्यकारी शक्तियां राष्ट्रपति में निहित होती हैं, जिनका प्रयोग वह संविधान के अनुसार स्वयं या अपने अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से करता है, और अनुच्छेद 78 के अंतर्गत प्रधानमंत्री का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन और विधान विषयक प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद की सभी सूचनाएँ राष्ट्रपति को संसूचित करे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि राष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल में संसद के दोनों सदनों के केवल निर्वाचित सदस्य ही भाग लेते हैं, मनोनीत सदस्य इसमें शामिल नहीं होते हैं। इसके अलावा राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य और दिल्ली, पुडुचेरी व जम्मू-कश्मीर के निर्वाचक सदस्य भी भाग लेते हैं। कथन 2 और 3 बिल्कुल सही हैं। अनुच्छेद 61 के तहत महाभियोग केवल संविधान के उल्लंघन पर लाया जाता है जिसके लिए 1/4 सदस्यों के हस्ताक्षर वाली पूर्व सूचना आवश्यक है। राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के संबंधों के बारे में अधिक जानने के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के विस्तृत अध्यायों का अध्ययन कर सकते हैं।
Share:

Related Questions

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) की स्वतंत्रता, अधिकार क्षेत्र और संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 316 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग या किसी राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य अपनी पदावधि की समाप्ति पर उस आयोग के अध्यक्ष के रूप में पुनः नियुक्ति के पात्र होते हैं, किंतु वे भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य रोजगार के पात्र नहीं होते हैं। 2. अनुच्छेद 320 के अंतर्गत संघ लोक सेवा आयोग से अखिल भारतीय सेवाओं, केंद्रीय सेवाओं और केंद्रीय सेवाओं के पदों के लिए भर्ती से संबंधित सभी विषयों पर परामर्श किया जाना आवश्यक है, किंतु यदि सरकार किसी मामले में आयोग से परामर्श करने में असफल रहती है, तो प्रभावित अभ्यर्थी इस आधार पर किसी भी न्यायालय में वाद दायर कर सकता है। 3. अनुच्छेद 323 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग का यह कर्तव्य है कि वह राष्ट्रपति को आयोग के द्वारा किए गए कार्यों की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करे, और राष्ट्रपति ऐसी रिपोर्ट को संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाएगा, जिसके साथ उस मामले में (यदि कोई हों जिनमें आयोग की सलाह नहीं मानी गई थी) अस्वीकार किए जाने के कारणों का ज्ञापन भी संलग्न होगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की शक्तियों, क्षेत्राधिकारों और संवैधानिक स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 131 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय का मूल और अनन्य (Original and Exclusive) क्षेत्राधिकार उन विवादों तक विस्तृत है जो केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच अथवा दो या अधिक राज्यों के बीच उत्पन्न होते हैं, बशर्ते यह विवाद किसी ऐसे प्राग्-संविधान (Pre-constitution) संधि या समझौते से उत्पन्न हुआ हो जिसके नियमन में कोई अपवाद न हो। 2. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति को उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने की शक्ति प्राप्त है, और यदि लोक महत्व का कोई प्रश्न उत्पन्न होता है, तो उच्चतम न्यायालय राष्ट्रपति को अपनी राय देने के लिए बाध्य है, तथा न्यायालय द्वारा दी गई यह परामर्शकारी सलाह (Advisory Opinion) सरकार के लिए पूर्ण रूप से बाध्यकारी होती है। 3. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को उनके पद से हटाने की प्रक्रिया अत्यंत कठोर है, जिसके लिए संसद के प्रत्येक सदन द्वारा अपनी कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा समर्थित समावेदन राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाना आवश्यक होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? समान नागरिक संहिता (UCC) किस अनुच्छेद में वर्णित है? भारतीय संविधान के भाग-IV के अंतर्गत वर्णित 'राज्य के नीति निर्देशक तत्वों' (DPSP - अनुच्छेद 36-51) की प्रकृति, संशोधनों और न्यायिक व्याख्या के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 39(b) और 39(c) के अंतर्गत निहित नीति निर्देशक सिद्धांतों को प्रभावी बनाने के लिए संसद या राज्य विधानमंडलों द्वारा बनाई गई किसी विधि को इस आधार पर असंवैधानिक घोषित नहीं किया जा सकता कि वह अनुच्छेद 14 या अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को छीनती या न्यून करती है, और यह संरक्षण मूल संविधान में ही निहित था जिसे बाद में 42वें संविधान संशोधन द्वारा विस्तारित किया गया था। 2. निर्देशक तत्वों को न्यायपालिका द्वारा अपरिवर्तनीय (Non-justiciable) घोषित किया गया है, किंतु सर्वोच्च न्यायालय ने अपने कई ऐतिहासिक निर्णयों (जैसे मिनर्वा मिल्स वाद, 1980) में यह स्पष्ट किया है कि मूल अधिकार और नीति निर्देशक तत्व एक-दूसरे के पूरक हैं और इनके बीच का संतुलन संविधान के 'मूल ढाँचे' (Basic Structure) का एक अनिवार्य हिस्सा है। 3. अनुच्छेद 48 के तहत राज्य कृषि और पशुपालन को आधुनिक और वैज्ञानिक प्रणालियों से संगठित करने के प्रयास करेगा, और विशेष रूप से गायों और बछड़ों तथा अन्य दुधारू और वाहक पशुओं की नस्लों के परीक्षण और सुधार के लिए तथा उनके वध का प्रतिषेध करने के लिए कदम उठाएगा, और यह एक समाजवादी विचारधारा पर आधारित नीति निर्देशक तत्व है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त का वेतन किसके समकक्ष होता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.