मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव
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पारितंत्र (Ecosystem) के गतिकी और जैव-भू-रासायनिक चक्रों (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव एकदिशीय (Unidirectional) होता है, जो ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम के अनुसार सौर ऊर्जा से शुरू होकर विभिन्न पोषण स्तरों से गुजरता हुआ अंततः ऊष्मा के रूप में पर्यावरण में अपक्षयित हो जाता है, तथा लिंडमैन के 'दस प्रतिशत नियम' के अनुसार एक पोषण स्तर से अगले पोषण स्तर तक केवल 10% ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है।
- 2. वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करने वाले जीवाणु (जैसे राइजोबियम और एजोटोबैक्टर) वायुमंडल की मुक्त नाइट्रोजन को नाइट्रेट्स या अमोनिया में परिवर्तित करते हैं, जिसे पौधे आसानी से अवशोषित कर लेते हैं, जबकि विनाइट्रीकरण (Denitrification) करने वाले बैक्टीरिया (जैसे स्यूडोमोनास) नाइट्रेट्स को पुनः नाइट्रोजन गैस में बदलकर वायुमंडल में वापस मुक्त करते हैं।
- 3. फॉस्फोरस चक्र एक अवसादी चक्र (Sedimentary Cycle) है, जिसमें वायुमंडल की भूमिका नगण्य होती है, क्योंकि फॉस्फोरस का मुख्य भंडार पृथ्वी की पपड़ी में चट्टानों के अपरदन के रूप में होता है, जो जल के माध्यम से पारितंत्र के जीवमंडलीय घटकों में प्रवाहित होता है।
- 4. पारिस्थितिक पिरामिडों (Ecological Pyramids) में ऊर्जा का पिरामिड सदैव सीधा (Upright) बनता है, जबकि संख्या का पिरामिड और जीवभार (Biomass) का पिरामिड कुछ विशिष्ट पारितंत्रों (जैसे जलीय पारितंत्र या वृक्ष पारितंत्र) में उल्टा (Inverted) भी हो सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (Environment & Ecology) के मूल सिद्धांतों के अनुसार पूर्णतः सत्य हैं। पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदिशीय होता है और लिंडमैन का 10% नियम लागू होता है। नाइट्रोजन चक्र में राइजोबियम और स्यूडोमोनास दोनों अपनी विशिष्ट भूमिका निभाते हैं। फॉस्फोरस चक्र पूरी तरह से एक अवसादी चक्र है जिसमें वायुमंडलीय चरण नहीं होता। इसके अलावा, ऊर्जा का पिरामिड हमेशा सीधा बनता है जबकि जलीय पारितंत्र में जीवभार का पिरामिड उल्टा होता है। ऐसी और उच्च-स्तरीय अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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मानव शरीर में होने वाली जैव-रासायनिक प्रक्रियाओं और विभिन्न पादप तथा जंतु हॉर्मोन्स के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'एब्सिसिक एसिड' (Abscisic Acid) एक पादप हॉर्मोन है जो मुख्य रूप से वृद्धि-रोधक (Growth Inhibitor) के रूप में कार्य करता है, तथा यह तनाव की स्थिति (जैसे जल की कमी) में पत्तियों के रंध्रों (Stomata) को तेजी से बंद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. पौधों में प्रकाशानुवर्तन (Phototropism) और गुरुत्वानुवर्तन (Geotropism) जैसी गतियों के लिए मुख्य रूप से 'ऑक्सिन' (Auxin) हॉर्मोन उत्तरदायी होता है, जिसका संश्लेषण प्ररोह (Shoot) के अग्रभाग पर होता है और यह प्रकाश के विपरीत दिशा में संचित होकर कोशिकाओं की लंबाई को बढ़ाता है।
3. जंतुओं में 'वैसोप्रेसिन' (Vasopressin), जिसे एंटीडाईयूरेटिक हॉर्मोन (ADH) भी कहा जाता है, का स्रावण हाइपोथैलेमस द्वारा निर्मित होकर पश्च पिट्यूटरी से होता है, और यह वृक्क (Kidney) की नलिकाओं में जल के पुनравशोषण (Reabsorption) को नियमित करके शरीर में जल संतुलन बनाए रखता है।
4. मानव शरीर में 'थायरोक्सिन' (Thyroxine) हॉर्मोन के निर्माण के लिए आयोडीन अनिवार्य तत्व है, और इस हॉर्मोन की अत्यधिक कमी से वयस्कों में 'मिक्सोएडिमा' (Myxedema) जबकि बच्चों में 'क्रेटीनिज्म' (Cretinism) नामक विकार उत्पन्न हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह और जैव-रासायनिक चक्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, जिसमें सूर्य से प्राप्त सौर ऊर्जा का केवल 1 प्रतिशत भाग ही हरे पौधों द्वारा प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है (लिंडेमैन का 10 प्रतिशत नियम ऊर्जा के हस्तांतरण को दर्शाता है)।
2. 'जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के अंतर्गत पोषक तत्वों का चक्रीकरण होता है, जिसमें 'अवसादी चक्र' (Sedimentary Cycle) के प्रमुख उदाहरण नाइट्रोजन चक्र और कार्बन चक्र हैं, जबकि 'गैसीय चक्र' (Gaseous Cycle) के अंतर्गत फास्फोरस और गंधक (Sulfur) चक्र आते हैं।
3. पारिस्थितिक पिरामिडों में, तालाब के पारिस्थितिकी तंत्र का 'जीवभार का पिरामिड' (Pyramid of Biomass) सामान्यतः 'उल्टा' (Inverted) बनता है, क्योंकि इसमें प्राथमिक उत्पादकों (पादपप्लवक) का कुल भार उच्च पोषण स्तर के उपभोक्ताओं (मछलियों) की तुलना में बहुत कम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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