मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव
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पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह और जैव-रासायनिक चक्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, जिसमें सूर्य से प्राप्त सौर ऊर्जा का केवल 1 प्रतिशत भाग ही हरे पौधों द्वारा प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है (लिंडेमैन का 10 प्रतिशत नियम ऊर्जा के हस्तांतरण को दर्शाता है)।
- 2. 'जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के अंतर्गत पोषक तत्वों का चक्रीकरण होता है, जिसमें 'अवसादी चक्र' (Sedimentary Cycle) के प्रमुख उदाहरण नाइट्रोजन चक्र और कार्बन चक्र हैं, जबकि 'गैसीय चक्र' (Gaseous Cycle) के अंतर्गत फास्फोरस और गंधक (Sulfur) चक्र आते हैं।
- 3. पारिस्थितिक पिरामिडों में, तालाब के पारिस्थितिकी तंत्र का 'जीवभार का पिरामिड' (Pyramid of Biomass) सामान्यतः 'उल्टा' (Inverted) बनता है, क्योंकि इसमें प्राथमिक उत्पादकों (पादपप्लवक) का कुल भार उच्च पोषण स्तर के उपभोक्ताओं (मछलियों) की तुलना में बहुत कम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है और लिंडेमैन के 10% नियम के अनुसार एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर केवल 10% ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है। कुल सौर ऊर्जा का लगभग 1% से 5% भाग पौधे प्रकाश संश्लेषण में उपयोग करते हैं। कथन 2 गलत है: 'गैसीय चक्र' (Gaseous Cycle) के अंतर्गत नाइट्रोजन, कार्बन, ऑक्सीजन और जल चक्र आते हैं, जबकि 'अवसादी चक्र' (Sedimentary Cycle) के अंतर्गत फास्फोरस, गंधक (Sulfur), कैल्सियम आदि चक्र आते हैं (यहाँ कथन में दोनों को विपरीत दिया गया है)। कथन 3 सही है: एक जलीय या तालाब के पारिस्थितिकी तंत्र में जीवभार का पिरामिड हमेशा उल्टा (Inverted) होता है क्योंकि पादपप्लवक (Phytoplankton) का भार कम और मछलियों (उपभोक्ता) का भार अधिक होता है।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) किस आयु वर्ग के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा की गारंटी देता है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के संस्तुतियों और निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29(2) के प्रावधानों का सूक्ष्मता से विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र को बढ़ावा देते हुए बच्चों के ज्ञान को उनके बाहरी जीवन से जोड़ता है, परीक्षा प्रणाली को लचीला बनाता है और संरागात्मक एवं संज्ञानात्मक विकास हेतु 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) को अनिवार्य रूप से लागू करता है, तो इन दोनों वैधानिक एवं शैक्षणिक दस्तावेजों के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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मानव शरीर के विभिन्न अंगों, ऊतकों और उनके सूक्ष्म अध्ययन (Histology & Organ Systems) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मानव यकृत (Liver) की कार्यात्मक इकाई 'हेपेटिक लोब्यूल' (Hepatic Lobule) होती है, जिसके चारों ओर कूपर कोशिकाएँ (Kupffer cells) पाई जाती हैं, जो भक्षकाणु (Phagocytic) प्रकृति की होती हैं और रक्त से मरे हुए लाल रुधिराणुओं एवं बैक्टीरिया का भक्षण करती हैं।
2. वृक्क (Kidney) के वल्कल (Cortex) क्षेत्र में मैल्पीघियन कॉर्पसल (Malpighian corpuscle) स्थित होते हैं, जिसमें बोमन कैप्सूल और ग्लोमेरुलस शामिल होते हैं, तथा हेनले का लूप (Loop of Henle) अधिकांशतः मज्जा (Medulla) क्षेत्र में गहराई तक फैला होता है।
3. मानव नेत्र में प्रकाश के प्रवेश को नियंत्रित करने वाली 'आइरिस' (Iris) पुतली (Pupil) के आकार को समायोजित करती है, तथा दृष्टि पटल (Retina) पर पाई जाने वाली 'शंकु कोशिकाएँ' (Cone cells) मंद प्रकाश या रात के समय देखने के लिए उत्तरदायी होती हैं, जबकि 'शलाका कोशिकाएँ' (Rod cells) रंगीन और तीव्र प्रकाश में देखने में सहायता करती हैं।
4. फेफड़ों के भीतर गैसीय विनिमय सूक्ष्म वायुकोषों (Alveoli) की पतली उपकला (Squamous epithelium) के माध्यम से विसरण (Diffusion) द्वारा होता है, जिनकी आंतरिक सतह पर 'पल्मोनरी सरफेक्टेंट' नामक फॉस्फोलिपिड का लेप होता है, जो सतह तनाव (Surface Tension) को कम करके वायुकोषों को सिकुड़ने से बचाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पारितंत्र (Ecosystem) के गतिकी और जैव-भू-रासायनिक चक्रों (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव एकदिशीय (Unidirectional) होता है, जो ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम के अनुसार सौर ऊर्जा से शुरू होकर विभिन्न पोषण स्तरों से गुजरता हुआ अंततः ऊष्मा के रूप में पर्यावरण में अपक्षयित हो जाता है, तथा लिंडमैन के 'दस प्रतिशत नियम' के अनुसार एक पोषण स्तर से अगले पोषण स्तर तक केवल 10% ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है।
2. वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करने वाले जीवाणु (जैसे राइजोबियम और एजोटोबैक्टर) वायुमंडल की मुक्त नाइट्रोजन को नाइट्रेट्स या अमोनिया में परिवर्तित करते हैं, जिसे पौधे आसानी से अवशोषित कर लेते हैं, जबकि विनाइट्रीकरण (Denitrification) करने वाले बैक्टीरिया (जैसे स्यूडोमोनास) नाइट्रेट्स को पुनः नाइट्रोजन गैस में बदलकर वायुमंडल में वापस मुक्त करते हैं।
3. फॉस्फोरस चक्र एक अवसादी चक्र (Sedimentary Cycle) है, जिसमें वायुमंडल की भूमिका नगण्य होती है, क्योंकि फॉस्फोरस का मुख्य भंडार पृथ्वी की पपड़ी में चट्टानों के अपरदन के रूप में होता है, जो जल के माध्यम से पारितंत्र के जीवमंडलीय घटकों में प्रवाहित होता है।
4. पारिस्थितिक पिरामिडों (Ecological Pyramids) में ऊर्जा का पिरामिड सदैव सीधा (Upright) बनता है, जबकि संख्या का पिरामिड और जीवभार (Biomass) का पिरामिड कुछ विशिष्ट पारितंत्रों (जैसे जलीय पारितंत्र या वृक्ष पारितंत्र) में उल्टा (Inverted) भी हो सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण और 'जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के अंतर्गत 'जल चक्र' (Hydrological Cycle) और 'ऑक्सीजन चक्र' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'वाष्पोत्सर्जन' (Transpiration) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा पौधों की पत्तियों के रंध्रों (Stomata) से जल वाष्प के रूप में वायुमंडल में छोड़ता है, जो संघनन (Condensation) के माध्यम से बादलों का निर्माण करता है।
2. ऑक्सीजन चक्र एक विशुद्ध रूप से अवसादी चक्र (Sedimentary Cycle) है, जिसका मुख्य भंडार पृथ्वी की पर्पटी (Crust) की चट्टानें हैं और इसका वायुमंडलीय संतुलन केवल प्रकाश संश्लेषण से ही नियंत्रित होता है।
3. 'ओजोन परत' (Ozone Layer) का क्षरण करने वाले प्रमुख गैसों में क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) शामिल हैं, जो समताप मंडल (Stratosphere) में पहुंचकर पराबैंगनी किरणों के प्रभाव से क्लोरीन मुक्त मूलक (Chlorine Free Radicals) बनाते हैं और ओजोन के अणुओं को ऑक्सीजन में विघटित कर देते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण और 'जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'नाइट्रोजन चक्र' के अंतर्गत वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) कुछ स्वतंत्रजीवी जीवाणुओं (जैसे एजोटोबैक्टर) और सहजीवी जीवाणुओं (जैसे राइजोबियम) द्वारा किया जाता है, जो इसे नाइट्रेट्स में बदल देते हैं, जबकि 'अमोनीकरण' (Ammonification) की प्रक्रिया में मृत कार्बनिक पदार्थों और उत्सर्जी पदार्थों से अमोनिया का निर्माण होता है।
2. 'फॉस्फोरस चक्र' एक अवसादी चक्र (Sedimentary Cycle) है, जिसका वायुमंडलीय भंडार (Atmospheric Reservoir) बहुत बड़ा होता है, क्योंकि फॉस्फोरस मुख्य रूप से गैसीय अवस्था में वाष्पीकृत होकर बादलों का निर्माण करता है और वर्षा के माध्यम से पुनः महासागरों में लौटता है।
3. 'कार्बन चक्र' में हरित पौधे प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया द्वारा वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करते हैं और श्वसन, दहन तथा अपघटन जैसी जैविक और अजैविक क्रियाओं के माध्यम से कार्बन पुनः वायुमंडल में वापस लौट जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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