BPSC TRE 4.0
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बिहार की राजनीति एवं प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार विधान परिषद (Legislative Council) एक स्थायी सदन है, जिसका सृजन या उत्सादन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत संसद द्वारा संबंधित राज्य की विधानसभा के विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव के आधार पर किया जाता है।
- 2. बिहार के प्रशासनिक ढांचे में सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी 'मुख्य सचिव' (Chief Secretary) होता है, जो राज्य के मंत्रिमंडल सचिवालय का प्रमुख होने के साथ-साथ सभी प्रशासनिक विभागों के बीच समन्वय स्थापित करता है।
- 3. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, किंतु उन्हें उनके पद से हटाने की शक्ति केवल भारत के राष्ट्रपति के पास होती है, जो संविधान के अनुच्छेद 317 के प्रावधानों के तहत निहित है।
- 4. जिला स्तर पर 'जिला मजिस्ट्रेट' (District Magistrate) के रूप में कार्य करते समय आईएएस अधिकारी कानून-व्यवस्था और राजस्व प्रशासन दोनों का नियंत्रण संभालता है, तथा इस पद का सृजन सर्वप्रथम लॉर्ड डलहौजी के कार्यकाल में बंगाल प्रेसिडेंसी में किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के सभी कथनों में से कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 4 आंशिक रूप से असत्य है क्योंकि जिला कलेक्टर/मजिस्ट्रेट के पद का आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण मुख्य रूप से लॉर्ड कॉर्नवालिस और वारेन हेस्टिंग्स के काल में हुआ था, न कि विशेष रूप से लॉर्ड डलहौजी के काल में। बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक परिदृश्य से जुड़े ऐसे गहन प्रश्नों के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
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बिहार सरकार और केंद्र सरकार द्वारा डिजिटल गवर्नेंस, नागरिकों की सुविधा और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए प्रमुख सरकारी पोर्टलों, मोबाइल ऐप्स और उनके उद्देश्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा भूमि विवादों के त्वरित समाधान और ऑनलाइन दाखिल-खारिज (Mutation) की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 'परिचारी' (Parichari) पोर्टल और 'बिहार भूमि' मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने जमीन के रिकॉर्ड की जांच घर बैठे कर सकते हैं।
2. केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा असंगठित क्षेत्र के कामगारों का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने के लिए 'ई-श्रम' (e-Shram) पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिसके तहत पंजीकृत श्रमिकों को 2 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर प्रदान किया जाता है।
3. बिहार में नागरिकों को पुलिस सहायता और आपातकालीन सेवाओं के त्वरित निवारण के लिए 'डायल 112' (Dial 112) परियोजना के अंतर्गत 'बिहार पुलिस मदद' (Bihar Police Madad) मोबाइल ऐप का संचालन किया जा रहा है, जिससे किसी भी आपराधिक या आपातकालीन स्थिति में तुरंत पुलिस बल की सहायता प्राप्त की जा सकती है।
4. शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल इंडिया पहल के तहत स्कूली छात्रों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल पाठ्यपुस्तकें और शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा 'दीक्षा' (DIX hashedPassword / DIKSHA) पोर्टल और ऐप विकसित किया गया है, जिसका उपयोग शिक्षक प्रशिक्षण के लिए भी किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार की राजनीति एवं प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार विधान परिषद (Legislative Council) के सदस्यों का निर्वाचन एक निर्वाचक मंडल द्वारा होता है, जिसमें एक-तिहाई सदस्य स्थानीय संस्थाओं के निर्वाचकों द्वारा, एक-तिहाई विधानसभा सदस्यों द्वारा, एक-बारहवां भाग अध्यापकों द्वारा तथा एक-बारहवां भाग स्नातकों द्वारा चुने जाते हैं, और शेष एक-तिहाई सदस्यों को राज्यपाल द्वारा साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता आंदोलन और समाज सेवा के क्षेत्र से मनोनीत किया जाता है।
2. बिहार के प्रशासनिक ढांचे में जब किसी जिले में विधि-व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न होती है, तो पुलिस प्रशासन पर नियंत्रण और दिशा-निर्देशन के लिए 'जिला दंडाधिकारी' (District Magistrate - DM) सर्वोच्च प्राधिकारी होता है, जिसके पास पुलिस अधिनियम के तहत पुलिस बल के उपयोग और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 लागू करने की अनन्य शक्ति होती है।
3. राज्य के मुख्य सचिव (Chief Secretary) का पद बिहार सरकार के प्रशासनिक संवर्ग में सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी का होता है, और यह पद मंत्रिमंडल सचिवालय का प्रशासनिक प्रमुख होने के साथ-साथ राज्य के सभी विभागों के बीच नीतिगत समन्वय स्थापित करने का मुख्य केंद्र बिंदु होता है।
4. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल संविधान के अनुच्छेद 316 के प्रावधानों के तहत 6 वर्ष की अवधि अथवा 62 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक निर्धारित किया गया है, तथा अपने पद से हटने के बाद वे संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में नियुक्ति के पात्र होते हैं, किंतु किसी अन्य राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष नहीं बन सकते।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों (High Courts), अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) की कार्यप्रणाली व संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार, किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति उस राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है।
2. संसद को विधि द्वारा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक उच्च न्यायालय स्थापित करने या किसी उच्च न्यायालय की अधिकारिता को किसी संघ राज्य क्षेत्र तक विस्तारित करने अथवा उसे कम करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है (अनुच्छेद 241)।
3. अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) का दायरा उच्चतम न्यायालय के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्रदत्त रिट अधिकारिता की तुलना में अधिक व्यापक है, क्योंकि उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के साथ-साथ किसी अन्य विधिक अधिकार के उल्लंघन होने पर भी रिट जारी कर सकते हैं।
4. किसी राज्य के उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का स्थानांतरण भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) द्वारा अकेले अपने विवेक के आधार पर, संबंधित राज्य के राज्यपाल और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से बिना किसी परामर्श के किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मानव प्रजातियों (Human Races) के वर्गीकरण, उनके शारीरिक लक्षणों तथा वैश्विक वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रिफ़िथ टेलर (Griffith Taylor) द्वारा प्रतिपादित 'प्रवास कटिबंध सिद्धांत' (Migration Zone Theory) के अनुसार, मानव जातियों की उत्पत्ति एशिया के मध्य भाग में हुई थी और सबसे पहले विकसित होने वाली 'प्रिमिटिव' (प्राचीन) प्रजातियाँ प्रवास के कारण सबसे बाहरी परिधीय क्षेत्रों (जैसे ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी और तस्मानियाई) में पहुँच गईं, जबकि सबसे बाद में विकसित होने वाली नवीन प्रजातियाँ केंद्रीय क्षेत्रों में ही रहीं।
2. शारीरिक लक्षणों के आधार पर नॉर्डिक (Nordic) प्रजाति के लोगों की मुख्य विशेषता चौड़ी खोपड़ी (Brachycephalic), गहरी भूरी आँखें, काले व घुंघराले बाल और छोटा कद होती है, और यह प्रजाति मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्वी एशिया और अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाई जाती है।
3. मंगोलियाई (Mongoloid) प्रजाति के लोगों में एपिकैंथिक फोल्ड (Epicanthic fold) आँखें, चपटा चेहरा, सीधी व काले रंग की बाल और मध्यम कद जैसी विशेषताएँ पाई जाती हैं, जिनका मूल निवास क्षेत्र एशिया का मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भाग है।
4. ऑस्ट्रोलाइड (Australoid) प्रजाति के लोगों में घुंघराले बाल, चौड़ी नाक (Platyrrhine), और गहरी त्वचा का रंग पाया जाता है, और यह प्रजाति केवल अफ्रीकी महाद्वीप तक ही सीमित है, एशिया के भारतीय उपमहाद्वीप की जनजातियों में इसका कोई अवशेष नहीं मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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