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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों (High Courts), अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) की कार्यप्रणाली व संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार, किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति उस राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है।
  2. 2. संसद को विधि द्वारा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक उच्च न्यायालय स्थापित करने या किसी उच्च न्यायालय की अधिकारिता को किसी संघ राज्य क्षेत्र तक विस्तारित करने अथवा उसे कम करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है (अनुच्छेद 241)।
  3. 3. अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) का दायरा उच्चतम न्यायालय के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्रदत्त रिट अधिकारिता की तुलना में अधिक व्यापक है, क्योंकि उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के साथ-साथ किसी अन्य विधिक अधिकार के उल्लंघन होने पर भी रिट जारी कर सकते हैं।
  4. 4. किसी राज्य के उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का स्थानांतरण भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) द्वारा अकेले अपने विवेक के आधार पर, संबंधित राज्य के राज्यपाल और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से बिना किसी परामर्श के किया जा सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

भारतीय संविधान के भाग VI (अध्याय V) और भाग VIII में उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों का प्रावधान किया गया है। कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। अनुच्छेद 233 के तहत जिला जजों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय के परामर्श से होती है। अनुच्छेद 241 संसद को संघ राज्य क्षेत्रों के लिए उच्च न्यायालय के गठन का अधिकार देता है। अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता मौलिक अधिकारों के साथ-साथ अन्य विधिक अधिकारों के लिए भी है, जो कि अनुच्छेद 32 से अधिक विस्तृत है। कथन 4 असत्य है क्योंकि उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का स्थानांतरण भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य (CJI) परामर्श से किया जाता है, न कि CJI द्वारा अकेले। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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