शैक्षिक सांख्यिकी (माध्य, माध्यिका, बहुलक)
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मानव शरीर के परिसंचरण तंत्र (Circulatory System) और हृदय की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मानव हृदय में दोहरा परिसंचरण (Double Circulation) पाया जाता है, जिसके तहत अशुद्ध रक्त महाधमनी के माध्यम से फेफड़ों में ऑक्सीजनीकरण के लिए जाता है और शुद्ध रक्त महाशिरा के द्वारा शरीर के विभिन्न अंगों में पंप किया जाता है।
- 2. 'पेसमेकर' (Pacemaker), जिसे सिनोएट्रियल नोड (SA Node) भी कहा जाता है, दाएँ आलिंद (Right Atrium) की दीवार पर स्थित होता है, जो स्वतः उत्तेजित होकर विद्युत आवेग उत्पन्न करता है और हृदय की धड़कन की लय को नियंत्रित करता है।
- 3. मनुष्य के हृदय में रुधिर प्रवाह की सही दिशा 'महाशिरा $\rightarrow$ दाएँ आलिंद $\rightarrow$ त्रिवलनी वाल्व (Tricuspid Valve) $\rightarrow$ दाएँ निलय $\rightarrow$ फुफ्फुसीय धमनी' होती है।
- 4. रुधिर दाब (Blood Pressure) को मापने के लिए स्फिग्मोमैनोमीटर (Sphygmomanometer) का उपयोग किया जाता है, जिसमें सामान्य स्वस्थ मनुष्य का प्रकुंचन दाब (Systolic Pressure) लगभग 120 मिमी पारा (mmHg) और अनुशिथिलन दाब (Diastolic Pressure) लगभग 80 मिमी पारा होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि मानव शरीर में अशुद्ध (डीऑक्सीजनेटेड) रक्त महाशिरा (Vena Cava) के द्वारा दाएँ आलिंद में आता है और फुफ्फुसीय धमनी (Pulmonary Artery) के माध्यम से फेफड़ों में जाता है, जबकि शुद्ध (ऑक्सीजनेटेड) रक्त फुफ्फुसीय शिरा (Pulmonary Vein) से बाएँ आलिंद में आता है और महाधमनी (Aorta) के माध्यम से शरीर के अंगों में पंप किया जाता है। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। ऐसे उच्च स्तरीय और परीक्षा-उपयोगी प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के संस्तुतियों और निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29(2) के प्रावधानों का सूक्ष्मता से विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र को बढ़ावा देते हुए बच्चों के ज्ञान को उनके बाहरी जीवन से जोड़ता है, परीक्षा प्रणाली को लचीला बनाता है और संरागात्मक एवं संज्ञानात्मक विकास हेतु 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) को अनिवार्य रूप से लागू करता है, तो इन दोनों वैधानिक एवं शैक्षणिक दस्तावेजों के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के संकलित प्रावधानों और दार्शनिक संस्तुतियों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय बाल-केंद्रित शिक्षा प्रणाली को अपनाते हुए ज्ञान के निर्माण में बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करता है, रटने की प्रवृत्ति (Rote Learning) का पूर्णतः निषेध करता है, तथा प्रारंभिक शिक्षा के स्तर पर किसी भी प्रकार की प्रवेश परीक्षा या साक्षात्कार को प्रतिबंधित करते हुए गुणवत्तापूर्ण समावेशी शिक्षा का प्रावधान करता है, तो इन दोनों वैधानिक एवं शैक्षणिक दस्तावेजों के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन तथा नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक सामान्य विद्यालय में विभिन्न अक्षमताओं (जैसे दृष्टिबाधकता, श्रवणबाधकता, चलन दिव्यांगता और विशिष्ट अधिगम विकलांगता) से ग्रसित बच्चों के साथ-साथ सामाजिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों को भी एक ही छत के नीचे समान शैक्षणिक वातावरण प्रदान किया जा रहा है, तो इस समावेशी परिवेश में 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'सार्वभौमिक डिजाइन अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के अनुप्रयोग के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मूल दर्शन तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के विधिक प्रावधानों का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई विद्यालय बाल-केन्द्रित शिक्षा, ज्ञान को बाहरी जीवन से जोड़ने, रटने की प्रणाली से मुक्ति और सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) को लागू करते हुए प्रत्येक 6 से 14 वर्ष के बालक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए बाध्य है, तो इन दोनों दस्तावेजों के अंतर्संबंधों और शैक्षणिक निहितार्थों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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बिहार सरकार द्वारा राज्य में डिजिटल शासन, प्रशासनिक पारदर्शिता और नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए प्रमुख पोर्टलों और डिजिटल पहलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार सरकार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तथा सामान्य प्रशासन विभाग के सहयोग से विकसित 'बिहार ई-गवर्नेंस पोर्टल' के माध्यम से नागरिकों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भू-अभिलेख और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ ऑनलाइन डिजिटल माध्यम से प्रदान किया जा रहा है।
2. भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण के लिए शुरू किए गए 'बिहार भूमि पोर्टल' (Biharbhoomi) पर नागरिक अपनी जमाबंदी पंजी, भू-नक्शा और खसरा विवरण घर बैठे ऑनलाइन देख सकते हैं, जिससे भूमि विवादों में उल्लेखनीय कमी आई है।
3. राज्य के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों के दैनिक कार्यों और मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) योजना की पारदर्शी निगरानी के लिए शिक्षा विभाग द्वारा 'ई-शिक्षाकोष' (E-Shikshakosh) पोर्टल और मोबाइल ऐप का सफल संचालन किया जा रहा है।
4. बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन के तहत शुरू किया गया 'लोक सेवा अधिकार अधिनियम' (RTPS) पोर्टल नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जाति, आवासीय, आय प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक लोक सेवाएँ ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बुद्धि के बहु-कारक सिद्धांत (Multi-Factor Theory) के प्रणेता एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित बुद्धि के 'एसएआरए' (SARA) मॉडल में 'सोर्स' (Social), 'एब्स्ट्रैक्ट' (Abstract), 'रेडिएक्टिव' और 'अरिथमेटिक' जैसे आयामों के अतिरिक्त, थार्नडाइक ने बुद्धि के चार प्रमुख घटकों यानी 'स्तर' (Level), 'क्षेत्र' (Range), 'क्षेत्राधिकार' (Area) और 'गति' (Speed) को रेखांकित किया था। इस संदर्भात्मक परिप्रेक्ष्य में, यदि कोई मनोवैज्ञानिक किसी बुद्धि परीक्षण के माध्यम से व्यक्ति की विभिन्न प्रकार की समस्याओं को हल करने की 'कठिनता के अधिकतम स्तर' (Maximum Level of Difficulty) का आकलन करना चाहता है, तो थार्नडाइक के बुद्धि के इन चार घटकों में से वह किस विशिष्ट घटक को मापने का प्रयास कर रहा है?
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बिहार में हाल ही में लागू की गई प्रशासनिक, आर्थिक और लोक कल्याणकारी योजनाओं तथा डिजिटल पहलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011' के अंतर्गत नागरिकों को तय समय-सीमा के भीतर आवश्यक सेवाएँ प्रदान करने की वैधानिक गारंटी दी जाती है, और इसके सफल क्रियान्वयन के लिए 'सर्विस प्लस' पोर्टल के माध्यम से जाति, आय और निवास प्रमाण पत्रों के ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है।
2. बिहार सरकार द्वारा राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए 'बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति' (खाद्य प्रसंस्करण एवं टेक्सटाइल) के तहत निवेशकों को पूँजीगत सब्सिडी और स्टांप ड्यूटी में विशेष छूट प्रदान की जा रही है, तथा इसी क्रम में राज्य में इथेनॉल उत्पादन को भी प्राथमिकता दी गई है।
3. राज्य के विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति तथा प्रशासनिक अनुश्रवण (Monitoring) को सुदृढ़ करने के लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (BEPC) द्वारा 'ई-शिक्षाकोष' (e-Shikshakosh) पोर्टल और मोबाइल ऐप का संचालन किया जा रहा है।
4. 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' का संचालन समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है, जिसके अंतर्गत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को ₹10 लाख तक का शिक्षा ऋण बिना किसी ब्याज के उपलब्ध कराया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार सरकार द्वारा राज्य में डिजिटल शासन को बढ़ावा देने और सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता तथा सुगमता सुनिश्चित करने के लिए शुरू किए गए प्रमुख डिजिटल पोर्टलों एवं पहलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बिहार ई-गवर्नेंस पोर्टल' और 'राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग' द्वारा शुरू किए गए 'बिहार भूमि' (Bihar Bhumi) पोर्टल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी जमीन के भू-नशा, जमाबंदी पंजी और दाखिल-खारिज (Mutation) की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं तथा इसके लिए आवेदन भी कर सकते हैं।
2. शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य के विद्यालयों के सुचारू संचालन, शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति की वास्तविक समय (Real-time) निगरानी के लिए 'ई-शिक्षाकोष' (e-Shikshakosh) पोर्टल और मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई है।
3. राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण के लिए शुरू की गई 'ई-संजीवनी' (e-Sushrut / Telemedicine) पहल के तहत मरीजों को घर बैठे ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अस्पतालों में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
4. लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम (RTPS) के तहत विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र (जैसे आय, जाति, आवासीय प्रमाण पत्र) प्राप्त करने के लिए 'आरटीपीएस बिहार' पोर्टल पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और अब सभी सेवाएं केवल ऑफलाइन माध्यम से ही प्रदान की जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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