त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
3 views
ध्वनि की तरंग गति और विभिन्न माध्यमों में तरंगों के संचरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी गैस में ध्वनि की चाल उस गैस के निरपेक्ष ताप (Absolute Temperature) के वर्गमूल के समानुपाती होती है, अर्थात तापमान बढ़ने पर ध्वनि की चाल बढ़ जाती है, जबकि गैस के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
- 2. अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal Waves) के संचरण के दौरान माध्यम में संपीड़न (Compression) और विरलन (Rarefaction) की प्रक्रियाएँ उत्पन्न होती हैं, जिनमें दाब और घनत्व में अधिकतम परिवर्तन संपीड़न के बिंदुओं पर होता है।
- 3. जब कोई ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति (Frequency) और तरंगदैर्ध्य (Wavelength) दोनों अपरिवर्तित रहती हैं, जबकि माध्यम के बदलने से उसकी चाल में परिवर्तन हो जाता है।
- 4. लाप्लास (Laplace) द्वारा न्यूटन के ध्वनि की चाल संबंधी सूत्र में संशोधन करते हुए यह बताया गया कि वायु में ध्वनि का संचरण एक समतापीय (Isothermal) प्रक्रिया के बजाय रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया है, क्योंकि ध्वनि संचरण की गति इतनी तीव्र होती है कि उत्पन्न ऊष्मा बाहर नहीं जा पाती।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि ध्वनि की चाल तापमान के वर्गमूल के समानुपाती ($v \propto \sqrt{T}$) और घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है। कथन 2 सत्य है; अनुदैर्ध्य तरंगों में संपीड़न के दौरान माध्यम का दाब और घनत्व दोनों अधिकतम होते हैं। कथन 3 असत्य है क्योंकि जब ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाती है, तो उसकी चाल और तरंगदैर्ध्य बदल जाती है, जबकि उसकी आवृत्ति (Frequency) स्रोत की विशेषता होने के कारण अपरिवर्तित रहती है। कथन 4 सत्य है; न्यूटन के समतापीय नियम को लाप्लास ने संशोधित कर रुद्धोष्म प्रक्रिया माना था, जिससे वायु में ध्वनि की चाल का सैद्धांतिक मान प्रायोगिक मान के सटीक रूप से प्राप्त हुआ। इस प्रकार के उच्च स्तरीय और पाठ्यक्रम-आधारित प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
→
कालिदास के किस महाकाव्य में सती प्रथा का संकेत/उल्लेख मिलता है?
→
भारत में अंतरिक्ष विज्ञान, प्रक्षेपण यान प्रौद्योगिकी और रक्षा अनुसंधान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के भारी उपग्रह प्रक्षेपण यान 'LVM3' (Launch Vehicle Mark-3) में क्रायोजेनिक ऊपरी चरण के रूप में 'CE-20' इंजन का उपयोग किया जाता है, जो पूरी तरह से स्वदेशी रूप से विकसित भारत का पहला क्रायोजेनिक इंजन है।
2. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा विकसित 'पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण यान स्वायत्त संरेखण लैंडिंग प्रयोग' (RLV-LEX) के तहत अंतरिक्ष यान को बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के स्वदेशी तकनीक से रनवे पर पूरी तरह स्वचालित लैंडिंग कराने में सफलता प्राप्त हुई है।
3. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित 'अग्नि-5' एक अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है, जो ठोस ईंधन (Solid Propellant) पर आधारित है और इसकी मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर से अधिक है, तथा इसमें एमआईआरवी (MIRV) तकनीक का भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है।
4. भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट 75 (Project 75) के तहत कलवरी श्रेणी की सभी छह अत्याधुनिक पारंपरिक पनडुब्बियों का निर्माण फ्रांस के नवल ग्रुप के सहयोग से मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में पूरी तरह से किया जा चुका है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारत के भू-आकृतिक स्वरूपों (पर्वतीय, पठारी एवं मैदानी क्षेत्रों) तथा प्रमुख पर्वतीय दरों (Mountain Passes) के भौगोलिक वितरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. काराकोरम दर्रा (Karakoram Pass) महान हिमालय श्रेणी में स्थित है, जो भारत को चीन के शिनजियांग क्षेत्र से जोड़ता है और यह भारत का सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित वाहन योग्य दर्रा है।
2. बुर्जिल दर्रा श्रीनगर को गिलगित से जोड़ता है, जबकि जोजिला दर्रा जास्कर श्रेणी में स्थित है जो लद्दाख को कश्मीर घाटी (श्रीनगर से लेह) से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है।
3. प्रायद्वीपीय पठार के अंतर्गत 'दण्डकारण्य पठार' मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ और ओडिशा राज्यों में फैला हुआ है, जो महानदी और गोडाहरी नदी घाटियों के बीच स्थित है और यहाँ खनिज सम्पदा की प्रचुरता है।
4. उत्तर भारत के विशाल मैदान का निर्माण सतलुज, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ (Alluvium) निक्षेपों से हुआ है, और इसके मैदानी भाग में ढाल के समानांतर कंकड़-पत्थर से युक्त छिद्रयुक्त (Porous) पट्टी को 'भाबर' कहा जाता है, जहाँ नियाँ विलुप्त हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारतीय संघ और उसकी राज्य व्यवस्था के संदर्भ में, भारत के भौगोलिक विस्तार एवं सीमाओं के निर्धारण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का मुख्य भूभाग 8°4' उत्तरी अक्षांश से 37°6' उत्तरी अक्षांश तथा 68°7' पूर्वी देशांतर से 97°25' पूर्वी देशांतर के मध्य स्थित है, जिसके कारण देश का अक्षांशीय और देशांतरीय विस्तार लगभग 30 डिग्री का है।
2. कर्क रेखा (23°30' उत्तरी अक्षांश) भारत के लगभग बीचों-बीच से गुजरती है और यह देश के कुल 8 राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से होकर निकलती है।
3. भारत की स्थलीय सीमा लगभग 15,106.7 किलोमीटर है, जो कुल 7 देशों (पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश) के साथ लगती है, जिसमें सबसे लंबी सीमा चीन के साथ और सबसे छोटी सीमा अफगानिस्तान के साथ साझा होती है।
4. भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु (इंदिरा पॉइंट) ग्रेट निकोबार द्वीप पर स्थित है, जबकि मुख्य भूमि का सबसे दक्षिणी छोर तमिलनाडु में कन्याकुमारी (केप कमोरिन) है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
कार्य कब अधिकतम होता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.