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BPSC TRE 4.0
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भारत के भू-आकृतिक स्वरूपों (पर्वतीय, पठारी एवं मैदानी क्षेत्रों) तथा प्रमुख पर्वतीय दरों (Mountain Passes) के भौगोलिक वितरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. काराकोरम दर्रा (Karakoram Pass) महान हिमालय श्रेणी में स्थित है, जो भारत को चीन के शिनजियांग क्षेत्र से जोड़ता है और यह भारत का सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित वाहन योग्य दर्रा है।
- 2. बुर्जिल दर्रा श्रीनगर को गिलगित से जोड़ता है, जबकि जोजिला दर्रा जास्कर श्रेणी में स्थित है जो लद्दाख को कश्मीर घाटी (श्रीनगर से लेह) से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है।
- 3. प्रायद्वीपीय पठार के अंतर्गत 'दण्डकारण्य पठार' मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ और ओडिशा राज्यों में फैला हुआ है, जो महानदी और गोडाहरी नदी घाटियों के बीच स्थित है और यहाँ खनिज सम्पदा की प्रचुरता है।
- 4. उत्तर भारत के विशाल मैदान का निर्माण सतलुज, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ (Alluvium) निक्षेपों से हुआ है, और इसके मैदानी भाग में ढाल के समानांतर कंकड़-पत्थर से युक्त छिद्रयुक्त (Porous) पट्टी को 'भाबर' कहा जाता है, जहाँ नियाँ विलुप्त हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि काराकोरम दर्रा 'महान हिमालय' (Great Himalayas) में नहीं, बल्कि 'लद्दाख श्रेणी' (Trans-Himalayas) के अंतर्गत काराकोरम पर्वतमाला में स्थित है। यह भारत का सबसे ऊंचा मोटर योग्य दर्रा है। कथन 2 सत्य है; बुर्जिल दर्रा कश्मीर घाटी को गिलगित-बाल्टिस्तान से जोड़ता है और जोजिला दर्रा जास्कर श्रेणी में स्थित है जो श्रीनगर को लेह से जोड़ता है। कथन 3 सत्य है, दण्डकारण्य पठार छत्तीसगढ़ और ओडिशा में विस्तृत है। कथन 4 सत्य है, भाबर पेटी में नदियाँ कंकड़-पत्थरों के नीचे विलुप्त हो जाती हैं। अधिक तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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बिहार सरकार द्वारा राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, बच्चों के नामांकन तथा उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना' के अंतर्गत बिहार के सभी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को सप्ताह में छह दिन निशुल्क मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) के साथ-साथ फोर्टिफाइड चावल और पूरक पोषण के रूप में सप्ताह में दो दिन दूध उपलब्ध कराया जाता है।
2. 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना' के तहत बालिकाओं के जन्म से लेकर स्नातक स्तर की शिक्षा पूरी करने तक कुल 50,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता विभिन्न चरणों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से प्रदान की जाती है, जिसका मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या रोकना और उच्च शिक्षा में लड़कियों की ड्रापआउट दर को कम करना है।
3. 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के माध्यम से राज्य के उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले इच्छुक विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए बिना किसी ब्याज के अधिकतम 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण (Education Loan) उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें महिलाओं, दिव्यांगों और ट्रांसजेंडर्स के लिए ब्याज दर पूरी तरह शून्य (0%) रखी गई है।
4. राज्य के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों से विद्यालयों में आने वाली छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए 'मुख्यमंत्री साइकिल योजना' और 'मुख्यमंत्री पोशाक योजना' की शुरुआत की गई थी, जिसे बाद में लड़कों के लिए भी विस्तारित कर दिया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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ब्रह्माण्ड के निर्माण, तारामंडल की उत्पत्ति तथा सौर मण्डल के विभिन्न पिंडों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति से संबंधित सर्वाधिक स्वीकृत 'महाविस्फोट सिद्धांत' (Big Bang Theory) का प्रतिपादन सर्वप्रथम जॉर्ज लेमैत्रे (Georges Lemaître) द्वारा किया गया था, जिसके अनुसार आज से लगभग 13.8 अरब वर्ष पूर्व समस्त ब्रह्माण्ड का पदार्थ एक अत्यधिक सघन, गर्म और छोटे 'सिंगुलैरिटी' (Singularity) बिंदु के रूप में केंद्रित था।
2. तारों के जीवन चक्र में, जब किसी तारे का हाइड्रोजन ईंधन समाप्त हो जाता है और उसके क्रोड (Core) का संपीडन होने लगता है, तो उसका बाह्य आवरण फैल जाता है और वह 'लाल दानव' (Red Giant) में परिवर्तित हो जाता है, तथा अत्यधिक द्रव्यमान वाले तारों के अंत में सुपरनोवा विस्फोट के पश्चात अत्यधिक घनत्व वाला 'न्यूट्रॉन तारा' या 'पल्सर' बनता है।
3. सौर मण्डल के ग्रहों में 'शुक्र' (Venus) और 'अरुण' (Uranus) अन्य ग्रहों की विपरीत दिशा में (पूर्व से पश्चिम की ओर) घूर्णन करते हैं, जिसके कारण इन दोनों ग्रहों पर सूर्योदय पश्चिम दिशा में और सूर्यास्त पूर्व दिशा में होता है।
4. ऐस्ट्रॉइड बेल्ट (क्षुद्रग्रह पेटी) मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है, जहाँ परिक्रमा करने वाले अधिकांश पिंड प्राचीन ग्रहों के विखंडित अवशेष हैं, तथा इस बेल्ट का सबसे बड़ा क्षुद्रग्रह 'सेरेस' (Ceres) है जिसे बौना ग्रह भी माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय अर्थव्यवस्था में 'आर्थिक नियोजन' (Economic Planning) तथा 'राष्ट्रीय आय एवं बजट' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में पंचवर्षीय योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने और उन्हें अंतिम स्वीकृति प्रदान करने वाली सर्वोच्च संस्था 'राष्ट्रीय विकास परिषद' (NDC) थी, जिसकी स्थापना वर्ष 1952 में की गई थी और इसके पदेन अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते थे, हालांकि अब नीति आयोग के गठन के बाद योजना आयोग और एनडीसी का प्रभाव समाप्तप्राय हो चुका है।
2. सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की गणना करते समय 'बाजार मूल्य' (Market Price) और 'साधन लागत' (Factor Cost) के बीच का मुख्य अंतर 'शुद्ध अप्रत्यक्ष कर' (Net Indirect Taxes, जो कि अप्रत्यक्ष कर घटा subsidies होता है) का होता है, जबकि राष्ट्रीय आय को 'साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद' (NNP at Factor Cost) के रूप में परिभाषित किया जाता है।
3. भारत सरकार के वार्षिक बजट में 'राजकोषीय घाटा' (Fiscal Deficit) सरकार के कुल व्यय और कुल प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) के बीच का अंतर होता है, जो यह दर्शाता है कि सरकार को अपने कुल खर्चों को पूरा करने के लिए कुल कितने उधार लेने की आवश्यकता है।
4. वर्ष 1950 में जयप्रकाश नारायण द्वारा प्रस्तुत 'सर्वोदय योजना' (Sarvodaya Plan) गांधीवादी और समाजवादी दर्शन पर आधारित थी, जिसमें कृषि और छोटे कुटीर उद्योगों के विकास पर विशेष बल दिया गया था, और यह बॉम्बे प्लान से पूरी तरह प्रेरित थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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जीव जगत के जैविक वर्गीकरण (Biological Classification) और मोनेरा जगत (Kingdom Monera) के विशिष्ट लक्षणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आर.एच. व्हिटेकर द्वारा प्रतिपादित पाँच जगत वर्गीकरण (Five-Kingdom Classification) में प्रोकैरियोटिक जीवों को यूकैरियोटिक जीवों से अलग करने के लिए मुख्य रूप से कोशिका भित्ति की रासायनिक संरचना और केंद्रक झिल्ली की अनुपस्थिति को आधार बनाया गया है, जिसके अंतर्गत सभी प्रोकैरियोट्स को मोनेरा जगत में रखा गया है।
2. मोनेरा जगत के अंतर्गत आने वाले अधिकांश बैक्टीरिया में पोषण की विधि मुख्य रूप से स्वपोषी (Autotrophic) होती है, और वे अपनी अधिकांश ऊर्जा रासायनिक प्रतिक्रियाओं के माध्यम से अकार्बनिक पदार्थों का ऑक्सीकरण करके (रसायनसंश्लेषी) प्राप्त करते हैं, जबकि प्रकाशसंश्लेषी बैक्टीरिया में क्लोरोप्लास्ट स्पष्ट रूप से पाया जाता है।
3. सायनोबैक्टेरिया (Cyanobacteria), जिन्हें नील-हरित शैवाल भी कहा जाता है, मोनेरा जगत के अंतर्गत आते हैं और इनमें विशिष्ट कोशिकाएँ जिन्हें 'हेटरोसिस्ट' (Heterocyst) कहा जाता है, वायुमंडलीय नाइट्रोजन के स्थिरीकरण (Nitrogen fixation) का कार्य करती हैं।
4. माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma), जिन्हें पादप जगत का जोकर भी कहा जाता है, मोनेरा जगत के ऐसे सूक्ष्मजीव हैं जिनमें कोशिका भित्ति (Cell wall) पूरी तरह अनुपस्थित होती है और वे ऑक्सीजन के बिना भी जीवित रह सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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