बिहार सरकार द्वारा राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण को सुदृढ़ करने के लिए चलाई जा रही प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना' के तहत बालिकाओं के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसके अंतर्गत इंटरमीडिएट (12वीं) उत्तीर्ण करने वाली अविवाहित लड़कियों को ₹25,000 और स्नातक उत्तीर्ण करने वाली सभी महिलाओं को ₹50,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
- 2. स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु शुरू की गई 'मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष' योजना के तहत गंभीर बीमारियों (जैसे कैंसर, हृदय रोग, किडनी प्रत्यारोपण आदि) से पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर और गैर-सूचीबद्ध श्रेणी के गरीब मरीजों को अस्पतालों में मुफ्त इलाज के लिए वित्तीय अनुदान दिया जाता है।
- 3. 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए न्यूनतम 4% की सामान्य ब्याज दर पर और महिला, दिव्यांग तथा ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के लिए मात्र 1% ब्याज दर पर ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
- 4. सात निश्चय पार्ट-2 के अंतर्गत संचालित 'बिहार उद्यमी योजना' (मुख्यमंत्री युवा/महिला/अतिपिछड़ा उद्यमी योजना) के तहत नया उद्योग या स्टार्टअप स्थापित करने के लिए कुल परियोजना लागत का 50% (अधिकतम ₹5 लाख तक) अनुदान और शेष 50% राशि बिना किसी ब्याज के ऋण के रूप में 7 वर्षों में चुकाने के लिए प्रदान की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
दिए गए कथनों में से कथन 1, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 2 आंशिक रूप से त्रुटिपूर्ण है क्योंकि 'मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष' के तहत मुख्य रूप से उन गरीब एवं असाध्य रोगों से ग्रस्त मरीजों को सहायता दी जाती है जो आयुष्मान भारत योजना या अन्य केंद्रीय योजनाओं के दायरे से बाहर होते हैं, लेकिन इसका दायरा और प्रशासनिक प्रक्रियाएँ समय-समय पर संशोधित होती रहती हैं। बिहार सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी और तैयारी के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए मील का पत्थर साबित हुई है, जिसके तहत स्नातक पास करने पर ₹50,000 की राशि सीधे लाभुक के खाते में भेजी जाती है। इसी प्रकार, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना उच्च शिक्षा के उच्चाकांक्षी युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है, जहाँ महिलाओं और दिव्यांगों के लिए ब्याज दर मात्र 1% है।