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संवेगात्मक विकास
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत गति के नियमों, कार्य, ऊर्जा और संरक्षण सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. किसी वस्तु का संवेग (Momentum) उसके द्रव्यमान और वेग का गुणनफल होता है, और न्यूटन की गति का द्वितीय नियम बल को संवेग परिवर्तन की दर के रूप में परिभाषित करता है, जो वास्तविक रूप से गति का एक मौलिक नियम है।
  2. 2. जब कोई वस्तु किसी ऊर्ध्वाधर वृत्त में गति करती है, तो वृत्त के उच्चतम बिंदु पर डोरी या सतह में तनाव का न्यूनतम मान शून्य हो सकता है, बशर्ते वस्तु की चाल न्यूनतम आवश्यक वेग (Critical Velocity) के बराबर हो।
  3. 3. 'कार्य-ऊर्जा प्रमेय' (Work-Energy Theorem) के अनुसार किसी वस्तु पर कुल बल द्वारा किया गया कार्य उस वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है, और यह नियम केवल रूढ़िवादी (Conservative) बलों के लिए ही सत्य है, गैर-रूढ़िवादी बलों के लिए नहीं।
  4. 4. अपकेंद्रीय बल (Centrifugal Force) एक वास्तविक बल है जो जड़त्वीय फ्रेम (Inertial Frame) में वृत्तीय गति करते हुए प्रेक्षक को केंद्र की ओर अनुभव होता है, और यह अभिकेंद्रीय बल के विपरीत दिशा में कार्य करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि संवेग $p = mv$ होता है और न्यूटन का द्वितीय नियम बल ($F = dp/dt$) को परिभाषित करता है। कथन 2 सत्य है क्योंकि ऊर्ध्वाधर वृत्त में उच्चतम बिंदु पर न्यूनतम वेग $\sqrt{rg}$ होने पर डोरी का तनाव शून्य हो सकता है। कथन 3 असत्य है क्योंकि कार्य-ऊर्जा प्रमेय रूढ़िवादी और गैर-रूढ़िवादी दोनों प्रकार के बलों के लिए समान रूप से लागू होती है। कथन 4 असत्य है क्योंकि अपकेंद्रीय बल एक 'छद्म बल' (Pseudo Force) है जो केवल अजड़त्वीय (Non-inertial) फ्रेम में अनुभव होता है। अधिक अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।

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→ यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत घूर्णी गति (Rotational Motion) और न्यूटन के गति नियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी दृढ़ पिंड पर कार्य करने वाला बाह्य बल आघूर्ण (Torque) उस पिंड के कोणीय संवेग (Angular Momentum) में परिवर्तन की दर के अनुक्रमानुपाती होता है, जो रेखीय गति में न्यूटन के द्वितीय नियम के पूर्णतः समरूप है। 2. यदि किसी घूर्णी गति करती हुई विलगित (Isolated) वस्तु पर आरोपित बाह्य बल आघूर्ण का मान शून्य (τ = 0) हो, तो उस वस्तु का कुल कोणीय संवेग संरक्षित रहता है, जिसे कोणीय संवेग संरक्षण का नियम कहा जाता है। 3. जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) एक सदिश (Vector) राशि है जिसका एसआई मात्रक किग्रा-मीटर प्रति सेकंड (kg·m/s) होता है, और यह वस्तु के द्रव्यमान तथा उसके घूर्णन अक्ष से दूरी के वर्ग पर निर्भर करता है। 4. जब कोई बर्फ पर नृत्य करने वाली स्केटिंग खिलाड़ी (Ice Skater) अपने हाथों और पैरों को अपने शरीर के करीब सिकोड़ लेती है, तो उसका जड़त्व आघूर्ण घट जाता है, जिससे उसकी कोणीय चाल (Angular Speed) बढ़ जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → केप्लर के ग्रहों की गति के नियमों और गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. केप्लर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) इस बात का संकेत देता है कि सूर्य के चारों ओर परिक्रमण करते हुए ग्रह का कोणीय संवेग (Angular Momentum) संरक्षित रहता है, क्योंकि केंद्रीय बलों के अधीन गति में क्षेत्रीय वेग ($dA/dt$) अचर होता है। 2. न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के अनुसार, किन्हीं दो पिंडों के बीच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल माध्यम की प्रकृति पर निर्भर करता है, और यदि दोनों पिंडों को पानी के भीतर रख दिया जाए, तो उनके बीच का आकर्षण बल शून्य हो जाता है। 3. पृथ्वी की सतह से अनंत दूरी तक किसी पिंड को भेजने के लिए आवश्यक 'पलायन वेग' (Escape Velocity) उस पिंड के द्रव्यमान और प्रक्षेपण कोण पर निर्भर करता है, तथा अधिक द्रव्यमान वाले पिंड के लिए पलायन वेग का मान अधिक होता है। 4. यदि पृथ्वी अपने वर्तमान कोणीय वेग से 17 गुना अधिक वेग से घूमने लगे, तो भूमध्य रेखा (Equator) पर रखी वस्तुओं का आभासी भार शून्य हो जाएगा और वहाँ की वस्तुएँ भारहीनता का अनुभव करेंगी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → भौतिक राशियों, उनके विमीय सूत्रों और मापन की पद्धतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) का विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-1}]$ होता है, तथा इसका एसआई मात्रक पास्कल-सेकंड ($Pa\cdot s$) या किलोग्राम प्रति मीटर-सेकंड ($kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$) होता है। 2. प्लांक नियतांक (Planck's Constant) और कोणीय संवेग (Angular Momentum) दोनों की विमाएँ पूर्ण रूप से समान होती हैं, और दोनों का विमीय सूत्र $[ML^2T^{-1}]$ होता है। 3. जब किसी भौतिक राशि के मापन में त्रुटि (Error) की गणना की जाती है, तो यदि कोई राशि $X = \frac{A^2 B^3}{C}$ के रूप में संबंधित है, तो उस राशि में अधिकतम आनुपेक्षिक त्रुटि (Maximum Fractional Error) का मान $\frac{\Delta X}{X} = 2\left(\frac{\Delta A}{A}\right) + 3\left(\frac{\Delta B}{B}\right) - \left(\frac{\Delta C}{C}\right)$ होता है। 4. प्रकाश वर्ष (Light Year) और पार्सेक (Parsec) दोनों खगोलीय दूरियाँ मापने की इकाइयाँ हैं, जिसमें 1 पार्सेक का मान लगभग $3.26$ प्रकाश वर्ष के बराबर होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → केपलर के ग्रहों की गति के नियमों और गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. केपलर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) इस तथ्य पर आधारित है कि केंद्रीय बलों के अंतर्गत गति करते हुए किसी पिंड का कोणीय संवेग संरक्षित रहता है, जिसके कारण ग्रह सूर्य के पास होने पर अधिक तेजी से गति करते हैं। 2. न्यूटन के सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार दो पिंडों के बीच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के व्युत्क्रमानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होता है। 3. पृथ्वी की सतह से अनंत दूरी पर गुरुत्वाकर्षण विभव (Gravitational Potential) का मान शून्य माना जाता है, तथा पृथ्वी तल से ऊपर जाने पर यह विभव ऋणात्मक से बढ़कर शून्य की ओर अग्रसर होता है। 4. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) का परिक्रमण काल पृथ्वी के अपने अक्ष के चारों ओर घूमने के आवर्त काल (24 घंटे) के बराबर होता है, और यह विषुवत वृत्त के तल में पश्चिम से पूर्व की ओर चक्कर लगाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → संवेग p का मात्रक? → पियाजे के अनुसार, 'संवेगात्मक विकास' (Emotional Development) किस अवस्था में सबसे अधिक सामाजिक होता है?
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