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BPSC TRE 4.0
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भारत में खनिज एवं ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता, उनके वितरण और औद्योगिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत में धारवाड़ क्रम की चट्टानें धात्विक खनिजों (जैसे लौह अयस्क, मैंगनीज, तांबा और सोना) के संचयन की दृष्टि से सर्वाधिक समृद्ध मानी जाती हैं, जिनका विस्तार मुख्य रूप से कर्नाटक, झारखंड, ओडिशा और राजस्थान के कुछ भागों में पाया जाता है।
  2. 2. देश में 'बॉक्साइट' (एल्युमिनियम का मुख्य अयस्क) का सर्वाधिक भंडार ओडिशा राज्य में स्थित है, और उत्पादन के मामले में भी ओडिशा का देश में प्रथम स्थान है, जिसके प्रमुख भंडार कोरापुट और कालाहांडी जिलों में पाए जाते हैं।
  3. 3. भारत के कुल तांबा (Copper) उत्पादन में 'मलाजखंड खदान' (मध्य प्रदेश) का योगदान सबसे अधिक है, तथा यह खदान भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार देश का सबसे बड़ा तांबा उत्पादक क्षेत्र है।
  4. 4. तापीय ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयोग किए जाने वाले 'एंथरासाइट' प्रकार के कोयले का विशाल भंडार भारत के दामोदर घाटी क्षेत्र (झारखंड-पश्चिम बंगाल) में बड़े पैमाने पर पाया जाता है, जहाँ से देश का 80% से अधिक कोयला निकाला जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। धारवाड़ क्रम की चट्टानें अत्यधिक कायांतरित होने के कारण आर्थिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण हैं और इनमें धात्विक खनिजों की प्रचुरता होती है। बॉक्साइट का सबसे बड़ा भंडार और उत्पादन ओडिशा में है। मलाजखंड (मध्य प्रदेश) भारत में तांबे का सबसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है। कथन 4 असत्य है क्योंकि भारत में पाए जाने वाले कोयले का अधिकांश भाग 'बिटुमिनस' प्रकार का है, न कि एंथरासाइट। एंथरासाइट कोयला भारत में बहुत कम मात्रा में (मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर में) पाया जाता है। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जाएँ।
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