BPSC TRE 4.0
Asked 2 months ago · Viewed 22 times
भारत के सामान्य भौगोलिक परिचय और अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर तथा देशांतीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है, जिसके कारण देश के सबसे पूर्वी और सबसे पश्चिमी छोर के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे (1 घंटे 57 मिनट) का अंतर पाया जाता है।
- 2. भारत का कुल क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर है, जो विश्व के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 2.4% है, जबकि क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व का सातवां सबसे बड़ा देश है।
- 3. भारत की मानक समय रेखा (82°30' पूर्वी देशांतर) देश के कुल छः राज्यों—उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बिहार से होकर गुजरती है।
- 4. कर्क रेखा ($23°30'$ उत्तरी अक्षांश) भारत के लगभग मध्य से गुजरती है और यह देश के कुल आठ राज्यों से होकर जाती है, जिनमें गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर और देशांतीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है। देशांतीय विस्तार में लगभग 30° का अंतर होने के कारण अरुणाचल प्रदेश और गुजरात के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर होता है। भारत का कुल क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किमी है जो विश्व का 2.4% है और यह क्षेत्रफल में 7वां बड़ा देश है। कर्क रेखा 8 राज्यों से गुजरती है। किंतु, कथन 3 असत्य है क्योंकि भारत की मानक समय रेखा (82°30' पूर्वी देशांतर) बिहार से नहीं गुजरती है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश कुल 5 राज्यों से होकर गुजरती है। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
अगला प्रश्न →
भारतीय संविधान की उद्देशिका (प्रस्तावना) तथा संघ एवं उसके राज्य क्षेत्र के…
← पिछला प्रश्न
बिहार के स्वतंत्रता संग्राम और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के…
Related Questions
→
भारतीय संविधान के भाग-I (संघ एवं उसके राज्य क्षेत्र) और अनुच्छेदों की अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अनुच्छेद 1 के अनुसार 'इंडिया, अर्थात् भारत, राज्यों का एक संघ (Union of States)' होगा, जिसमें राज्यों के संघ होने की तुलना में 'राज्यों का फेडरेशन' शब्द का प्रयोग अधिक उपयुक्त माना गया है क्योंकि यह अमेरिकी संघ की भांति राज्यों के बीच समझौते का परिणाम है।
2. अनुच्छेद 2 संसद को संघ में नए राज्यों के प्रवेश या उनकी स्थापना करने की शक्ति प्रदान करता है, जबकि अनुच्छेद 3 संसद को किसी राज्य के क्षेत्र को घटाने, बढ़ाने या उसके नाम में परिवर्तन करने की एकतरफा शक्ति देता है।
3. अनुच्छेद 3 के अंतर्गत किसी नए राज्य के निर्माण या उसकी सीमा में परिवर्तन से संबंधित विधेयक को संसद में प्रस्तुत करने से पहले राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश अनिवार्य है, और राष्ट्रपति को यह विधेयक उस राज्य के विधानमंडल के पास उसके विचार जानने के लिए भेजना पड़ता है, जिसका मत संसद के लिए पूर्णतः बाध्यकारी होता है।
4. 92वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा भारतीय संघ में नए राज्यों या क्षेत्रों के समायोजन की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया, जिसके तहत किसी भी भारतीय भू-भाग को विदेशी राज्य को सौंपने के लिए संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह और जैव-रासायनिक चक्र (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदिशीय (Unidirectional) होता है, और ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम के अनुसार, जब ऊर्जा का एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर स्थानांतरण होता है, तो प्रत्येक चरण में ऊर्जा का ह्रास होता है।
2. 'लिंडमैन का 10 प्रतिशत का नियम' (Lindeman's 10% Law) यह बताता है कि एक पोषण स्तर से अगले पोषण स्तर तक केवल लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा ही संचित हो पाती है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा श्वसन, ऊष्मा और उपापचय क्रियाओं के दौरान नष्ट हो जाती है।
3. गाद और मलबे पर आधारित खाद्य श्रृंखला (Detritus Food Chain - DFC) में प्राथमिक उपभोक्ता अपघटक (Decomposers) होते हैं, जो मृत कार्बनिक पदार्थों को अकार्बनिक खनिजों में बदलते हैं, और यह जलीय पारिस्थितिकी तंत्र की तुलना में स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में कम महत्वपूर्ण होती है।
4. नाइट्रोजन चक्र (Nitrogen Cycle) में 'नाइट्रीकरण' (Nitrification) की प्रक्रिया के दौरान अमोनिया पहले नाइट्राइट में और फिर नाइट्रेट में परिवर्तित होती है, जिसे पौधों द्वारा मुख्य रूप से अवशोषित किया जाता है, और यह चक्र एक पूर्णतः गैसीय जैव-रासायनिक चक्र का उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भौतिकी के विविध अनुप्रयोगों एवं सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सीबेक प्रभाव (Seebeck Effect) इस सिद्धांत पर कार्य करता है कि जब दो अलग-अलग धातुओं के जंक्शनों के बीच तापीय अंतर (Temperature Difference) उत्पन्न किया जाता है, तो परिपथ में विद्युत धारा प्रवाहित होने लगती है, जिसका उपयोग थर्मोकपल (Thermocouple) बनाने में किया जाता है।
2. 'रमन प्रभाव' (Raman Effect) के अनुसार जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम से गुजरता है, तो उसका एक अंश प्रकीर्णित हो जाता है और प्रकीर्णित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य में जो परिवर्तन होता है, वह आपतित प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर करता है; इसी खोज के लिए सी.वी. रमन को वर्ष 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया था।
3. 'सुपरकंडक्टिविटी' (Superconductivity) की स्थिति में किसी चालक का विद्युत प्रतिरोध शून्य हो जाता है और वह चुंबकीय क्षेत्र को अपने भीतर से बाहर धकेल देता है, जिसे 'माइस्नर प्रभाव' (Meissner Effect) कहा जाता है।
4. डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) केवल ध्वनि तरंगों पर ही लागू होता है, और प्रकाश तरंगों या विद्युत चुंबकीय तरंगों में गति के कारण आवृत्ति या तरंगदैर्ध्य में कोई आभासी परिवर्तन देखने को नहीं मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
वायुदाब पेटियों (Pressure Belts) के विस्थापन, पवन संचार एवं उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की उत्पत्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी के परिक्रमण (Revolution) और सूर्य के आभासी उत्तरायण तथा दक्षिणायन गमन के कारण सभी वायुदाब पेटियाँ उत्तर और दक्षिण की ओर खिसक जाती हैं, जिसके कारण विषुवतरेखीय निम्न दाब पेटी (Doldrums) का उत्तरायण होने पर व्यापारिक पवनें (Trade Winds) विषुवत रेखा को पार कर दक्षिणी गोलार्द्ध की दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवन के रूप में प्रवाहित होती हैं और फेरल के नियम के कारण विक्षेपित होकर दक्षिण-पश्चिम मानसून का रूप लेती हैं।
2. उत्तरी गोलार्द्ध में चक्रवात (Cyclones) की हवाओं की दिशा घड़ी की सुइयों की दिशा के अनुकूल (Clockwise) होती है, जबकि दक्षिणी गोलार्द्ध में प्रतिचक्रवात (Anticyclones) की दिशा घड़ी की सुइयों के विपरीत (Counter-clockwise) होती है, जिसका मुख्य कारण कोरियोलिस बल (Coriolis Force) की उपस्थिति है।
3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के विकास के लिए समुद्र की सतह का तापमान न्यूनतम 27° से कम होना आवश्यक है, और साथ ही पर्याप्त मात्रा में कोरिऑलिस बल की उपस्थिति तथा ऊर्ध्वाधर पवनों की गति में कम अंतर (Low Wind Shear) होना अनिवार्य स्थितियाँ हैं।
4. जेट स्ट्रीम (Jet Streams), जो क्षोभमंडल की ऊपरी परतों में तीव्र गति से चलने वाली भू-विक्षेपी पवनें हैं, भारतीय उपमहाद्वीप में मानसूनी हवाओं के आगमन और उनके निवर्तन (Withdrawal) में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार में भीम बांध वन्यजीव अभ्यारण्य किस जिले में है?
→
सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश पहुँचने में कितना समय लगता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.