बिहार में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रारंभिक अधिवेशनों और स्वतंत्रता संग्राम में यहाँ के नेतृत्वकर्ताओं के योगदान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1912 में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 27वें बांकीपुर (पटना) अधिवेशन के स्वागत समिति के अध्यक्ष मजहरुल हक थे, जबकि इस अधिवेशन की अध्यक्षता आर. एन. मध्ोलकर द्वारा की गई थी।
- 2. चंपारण सत्याग्रह (1917) की सफलता के बाद महात्मा गांधी को 'महात्मा' की उपाधि से सम्मानित करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में बिहार के स्थानीय नेता ब्रजकिशोर प्रसाद और राजकुमार शुक्ल शामिल थे।
- 3. असहयोग आंदोलन के दौरान बिहार में विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा के प्रसार के लिए पटना में 'बिहार नेशनल कॉलेज' की स्थापना की गई थी, जिसके प्राचार्य के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने अपनी सेवाएँ दी थीं।
- 4. वर्ष 1928 में साइमन कमीशन के पटना आगमन के दौरान विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में अनुग्रह नारायण सिंह, अली इमाम और सचिंद्रनाथ सान्याल प्रमुख रूप से शामिल थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि वर्ष 1912 में बांकीपुर (पटना) में हुए कांग्रेस के 27वें अधिवेशन के स्वागत समिति के अध्यक्ष मजहरुल हक थे और अध्यक्षता आर. एन. मध्होलकर ने की थी। कथन 3 सत्य है क्योंकि असहयोग आंदोलन के दौरान स्थापित बिहार नेशनल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे। कथन 2 असत्य है क्योंकि महात्मा गांधी को 'महात्मा' की उपाधि रविंद्रनाथ टैगोर ने दी थी (या चंपारण के स्थानीय किसानों का दृष्टिकोण अलग था)। कथन 4 असत्य है क्योंकि साइमन कमीशन के पटना विरोध प्रदर्शन के समय सचिंद्रनाथ सान्याल क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़े थे, मुख्य नेतृत्व अनुग्रह नारायण सिंह और अली इमाम आदि ने किया था। इस प्रकार के उच्च स्तरीय प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।