शिक्षा आयोग, समितियाँ एवं नीतियाँ
Asked 2 months ago · Viewed 21 times
प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत से लेकर ब्रिटिश काल तक 'भारत में शिक्षा के विकास' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. प्राचीन भारत में तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालय बौद्ध शिक्षा के प्रमुख केंद्र थे, जहाँ वेदमार्ग, दर्शन के साथ-साथ चिकित्सा शास्त्र और खगोल विज्ञान की भी उच्च शिक्षा दी जाती थी।
- 2. ब्रिटिश काल में वर्ष 1854 के 'वुड्स डिस्पैच' (Wood's Despatch), जिसे 'भारतीय शिक्षा का मैग्ना कार्टा' कहा जाता है, ने कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास में लंदन विश्वविद्यालय की तर्ज पर विश्वविद्यालयों की स्थापना की संस्तुति की थी और महिला शिक्षा पर विशेष बल दिया था।
- 3. लॉर्ड मैकाले के 'विवरण पत्र' (Minute on Education, 1835) का मुख्य उद्देश्य पाश्चात्य साहित्य और विज्ञान का अंग्रेजी भाषा के माध्यम से प्रसार करना था, जिससे एक ऐसा वर्ग तैयार किया जा सके जो 'रंग और रक्त से भारतीय हो किंतु रुचि, विचारों, नैतिकता और बुद्धि से अंग्रेज हो'।
- 4. वर्ष 1944 की 'सर्जेंट योजना' (Sergeant Plan) ने भारत में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के पुनर्गठन के लिए एक दीर्घकालिक योजना प्रस्तुत की थी, जिसके तहत 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। प्राचीन काल के बौद्ध विश्वविद्यालय, मैकाले का विवरण पत्र (1835), वुड्स डिस्पैच (1854) और सर्जेंट योजना (1944) सभी भारतीय शिक्षा के इतिहास के महत्वपूर्ण मील के पत्थर हैं। ऐसे ही उच्च स्तरीय और परीक्षा-उपयोगी प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
अगला प्रश्न →
बिहार के स्वतंत्रता संग्राम और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में…
← पिछला प्रश्न
ब्रिटिश भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास के संदर्भ में…
Related Questions
→
भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और विभिन्न ऐतिहासिक आयोगों/समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चार्ल्स वुड का डिस्पैच (Wood's Despatch, 1854), जिसे 'भारत में अंग्रेजी शिक्षा का मैग्ना कार्टा' कहा जाता है, ने जन-साधारण की शिक्षा के उत्तरदायित्व को सरकार का कर्तव्य माना और इसके तहत लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर कलकत्ता, बॉम्बई और मद्रास में विश्वविद्यालयों की स्थापना की संस्तुति की थी।
2. हंटर शिक्षा आयोग (1882) की नियुक्ति लॉर्ड रिपन के कार्यकाल में प्राथमिक शिक्षा के प्रसार और सुधार की समीक्षा के लिए की गई थी, तथा इसने प्राथमिक शिक्षा का नियंत्रण स्थानीय निकायों (Municipalities and District Boards) को सौंपने की सिफारिश की थी।
3. सर थॉमस रैले आयोग (1902) की संस्तुतियों के आधार पर लॉर्ड कर्जन के कार्यकाल में 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904' पारित किया गया, जिसके माध्यम से विश्वविद्यालयों की सीनेट में निर्वाचित सदस्यों की संख्या को बढ़ाकर उनके लोकतांत्रिक स्वरूप को अत्यधिक सुदृढ़ किया गया।
4. डॉ. जाकिर हुसैन समिति (1937) द्वारा प्रस्तुत 'वर्धा योजना' (बेसिक शिक्षा) का मुख्य उद्देश्य निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा के माध्यम से प्रदान करना तथा हस्तकला एवं उत्पादक कार्यों को पाठ्यक्रम का केंद्र बनाना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और ऐतिहासिक अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1854 के 'वुड्स डिस्पैच' (Wood's Despatch), जिसे 'भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, ने कलकत्ता, बंबई और मद्रास में लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर विश्वविद्यालयों की स्थापना की सिफारिश की थी और जन-शिक्षा के प्रसार का दायित्व सरकार पर सौंपा था।
2. वर्ष 1882 में गठित 'हंटर शिक्षा आयोग' (Hunter Commission) का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करना था, और इसने प्राथमिक शिक्षा का नियंत्रण जिला और नगरपालिका बोर्डों (स्थानीय निकायों) को सौंपने की सिफारिश की थी।
3. वर्ष 1904 के 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' के तहत विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा कर दिया गया, सीनेट के सदस्यों की संख्या सीमित कर दी गई और गवर्नर-जनरल को विश्वविद्यालयों के सीनेट द्वारा बनाए गए नियमों पर वीटो करने का अधिकार दिया गया।
4. वर्ष 1944 की 'सार्जेंट योजना' (Sergeant Plan), जो भारत में युद्धोत्तर शैक्षिक विकास की योजना थी, ने देश में 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य अगले 40 वर्षों के भीतर प्राप्त करने का प्रस्ताव रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चार्ल्स वुड का शिक्षा पर प्रेषित घोषणा-पत्र (Wood's Despatch, 1854), जिसे 'भारतीय शिक्षा का मैग्ना कार्टा' कहा जाता है, ने जन-साधारण की शिक्षा के उत्तरदायित्व को कंपनी सरकार का मुख्य कर्तव्य माना और प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा तथा उच्च शिक्षा के स्तर पर अंग्रेजी माध्यम के प्रयोग की सिफारिश की थी।
2. लॉर्ड मैकाले के मिनट (1835) और आंग्ल-प्राच्य विवाद (Anglican-Orientalist Controversy) के पश्चात विलियम बेंटिंक की सरकार ने अंग्रेजी शिक्षा अधिनियम पारित किया, जिसका मुख्य उद्देश्य यूरोपीय साहित्य और विज्ञान का प्रसार तथा पाश्चात्य शिक्षा के माध्यम से प्रशासन के लिए लिपिक तैयार करना था।
3. हंटर शिक्षा आयोग (1882) का मुख्य गठन प्राथमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करना था, और इस आयोग ने प्राथमिक शिक्षा का नियंत्रण पूरी तरह से केंद्रीय सरकार को सौंपने की जोरदार वकालत की थी, जिससे स्थानीय निकायों की भूमिका समाप्त हो जाए।
4. सैडलर विश्वविद्यालय आयोग (1917-19) ने कलकत्ता विश्वविद्यालय की समस्याओं की जांच के साथ-साथ स्कूली शिक्षा की अवधि 12 वर्ष करने की सिफारिश की थी, और साथ ही यह भी सुझाव दिया था कि माध्यमिक और इंटरमीडिएट शिक्षा का नियंत्रण विश्वविद्यालयों के नियंत्रण से मुक्त होना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और औपनिवेशिक शिक्षा नीतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चार्ल्स वुड का शिक्षा पर प्रेषित घोषणा-पत्र (Wood's Despatch, 1854), जिसे 'भारतीय शिक्षा का मैग्ना कार्टा' कहा जाता है, ने जन-साधारण की शिक्षा के उत्तरदायित्व को कंपनी सरकार का मुख्य कर्तव्य माना और प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा तथा उच्च शिक्षा के स्तर पर अंग्रेजी माध्यम के प्रयोग की सिफारिश की थी।
2. लॉर्ड मैकाले के मिनट (1835) और आंग्ल-प्राच्य विवाद (Anglican-Orientalist Controversy) के पश्चात विलियम बेंटिंक की सरकार ने अंग्रेजी शिक्षा अधिनियम पारित किया, जिसका मुख्य उद्देश्य यूरोपीय साहित्य और विज्ञान का प्रसार करना तथा पाश्चात्य शिक्षा के माध्यम से प्रशासन के लिए सस्ते लिपिक तैयार करना था।
3. हंटर शिक्षा आयोग (1882) का मुख्य गठन प्राथमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करना था, और इस आयोग ने प्राथमिक शिक्षा का नियंत्रण नवनिर्मित जिला बोर्डों और नगरपालिका बोर्डों (स्थानीय निकायों) को सौंपने की जोरदार वकालत की थी।
4. सैडलर विश्वविद्यालय आयोग (1917-19) ने कलकत्ता विश्वविद्यालय की समस्याओं की जांच के साथ-साथ स्कूली शिक्षा की अवधि 12 वर्ष करने की सिफारिश की थी, और साथ ही यह भी सुझाव दिया था कि विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
1882 में ब्रिटिश सरकार द्वारा गठित भारतीय शिक्षा आयोग के चेयरमैन कौन थे?
→
भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और उससे संबंधित ऐतिहासिक अधिनियमों तथा आयोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1854 का 'वुड्स डिस्पैच' (Wood's Despatch), जिसे भारत में 'शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, ने कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास में लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर विश्वविद्यालयों की स्थापना की सिफारिश की थी तथा महिला शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष बल दिया था।
2. वर्ष 1882 में गठित 'हंटर शिक्षा आयोग' (Hunter Commission) का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करना था, और इसने स्थानीय निकायों (Municipalities and District Boards) को प्राथमिक शिक्षा के नियंत्रण और वित्तपोषण का उत्तरदायित्व सौंपने की संस्तुति की थी।
3. वर्ष 1904 के 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' (Indian Universities Act) को लॉर्ड कर्जन के कार्यकाल में पारित किया गया था, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों में सीनेट के सदस्यों की संख्या बढ़ाना और उन्हें लोकतांत्रिक स्वरूप प्रदान करना था ताकि उच्च शिक्षा में अधिक स्वायत्तता मिल सके।
4. वर्ष 1944 की 'सार्जेंट योजना' (Sergeant Plan), जिसे 'युद्धोत्तर शिक्षा विकास की योजना' भी कहा जाता है, ने देश में 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने तथा आगामी 40 वर्षों में ब्रिटिश भारत जैसी साक्षरता दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.