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BPSC TRE 4.0
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बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों और उनकी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. राजगीर में स्थित 'विश्व शांति स्तूप' (Vishwa Shanti Stupa) रत्नागिरी पहाड़ी पर संगमरमर से निर्मित है, जिसका निर्माण जापानी बौद्ध भिक्षु फुजी गुरुजी द्वारा बुद्ध के संदेशों को प्रसारित करने के लिए कराया गया था।
- 2. कैमूर जिले में स्थित 'करकट गढ़ जलप्रपात' (Karkat Garh Waterfall) और तुतला भवानी मंदिर क्षेत्र को हाल ही में इको-टूरिज्म के रूप में विकसित किया गया है, जो कैमूर वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत जैव विविधता का एक प्रमुख केंद्र है।
- 3. गया जिले में स्थित बोधि वृक्ष, जिसके नीचे महात्मा बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था, वर्तमान में अपनी मूल प्रजाति का पांचवीं पीढ़ी का वृक्ष माना जाता है, तथा महाबोधि मंदिर परिसर को वर्ष 2002 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था।
- 4. पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर स्थित 'वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान' बिहार का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है, जो शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में स्थित है और यहाँ थारू जनजाति की संस्कृति पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। राजगीर का विश्व शांति स्तूप, कैमूर का करकट गढ़ जलप्रपात, बोधगया का महाबोधि मंदिर परिसर और वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान बिहार के समृद्ध पर्यटन, ऐतिहासिक और पारिस्थितिकीय धरोहरों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसी ही अन्य महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्रियों और परीक्षाओं की तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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चुम्बकत्व और चुम्बकीय पदार्थों के गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रतिचुम्बकीय पदार्थ (Diamagnetic substances) बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की विपरीत दिशा में अत्यंत क्षीण रूप से चुम्बकित होते हैं और चुम्बकीय क्षेत्र के प्रबल हिस्से से दुर्बल हिस्से की ओर प्रतिकर्षित होते हैं, जैसे बिस्मथ, तांबा और जल।
2. अनुचुम्बकीय पदार्थ (Paramagnetic substances) बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की दिशा में ही दुर्बल रूप से चुम्बकित होते हैं और चुम्बकीय क्षेत्र के दुर्बल हिस्से से प्रबल हिस्से की ओर आकर्षित होते हैं, तथा ताप बढ़ाने पर इनका चुम्बकीय गुण क्यूरी नियम के अनुसार बढ़ता है।
3. लौहचुम्बकीय पदार्थ (Ferromagnetic substances) बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर बहुत प्रबल रूप से चुम्बकित होते हैं और एक निश्चित क्रांतिक ताप, जिसे 'क्यूरी ताप' (Curie Temperature) कहा जाता है, के ऊपर ये अनुचुम्बकीय पदार्थों की भाँति व्यवहार करने लगते हैं।
4. भू-चुम्बकत्व (Earth's Magnetism) के अध्ययन में 'नति कोण' (Angle of Dip) वह कोण है जो पृथ्वी के परिणामी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा पृथ्वी की क्षैतिज रेखा के साथ बनाती है, और विषुवत रेखा (Equator) पर इसका मान 90 डिग्री होता है जबकि ध्रुवों पर इसका मान शून्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत के परिवहन तंत्र और राष्ट्रीय जलमार्गों (National Waterways) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय जलमार्ग 1 (NW-1) हल्दिया से प्रयागराज के बीच गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली पर स्थित है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 1,620 किलोमीटर है और यह देश का सबसे लंबा अंतर्देशीय जलमार्ग है।
2. 'कोंकण रेलवे' (Konkan Railway) परियोजना भारतीय रेलवे की एक अत्यंत महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि है, जो रोहा (महाराष्ट्र) को मंगलुरु (कर्नाटक) तक जोड़ती है और पश्चिमी घाट के कठिन भूभाग से गुजरते हुए कई लंबी सुरंगों और पुलों का निर्माण करती है।
3. भारत में 'स्वर्णिम चतुर्भुज' (Golden Quadrilateral) परियोजना का क्रियान्वयन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है, जो देश के चार महानगरों — दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को उच्च गति वाले छह-लेन के राजमार्गों से आपस में जोड़ती है।
4. सीमा सड़क संगठन (BRO - Border Roads Organisation) की स्थापना 1960 में की गई थी, जो देश के उत्तर और उत्तर-पूर्वी सीमावर्ती दुर्गम क्षेत्रों में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण और रख-रखाव करता है, तथा लद्दाख में स्थित 'उम्ला ला दर्रा' सड़क मार्ग इसी के द्वारा निर्मित विश्व की सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़कों में से एक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मौर्य कालीन प्रशासनिक व्यवस्था और मौर्योत्तर कालीन (शुंग, सातवाहन और कुषाण) राजनीतिक-आर्थिक संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्य काल में केंद्रीय प्रशासन के अंतर्गत 'अध्यक्ष' विभिन्न आर्थिक विभागों के अधीक्षक होते थे, जैसे 'पण्यध्यक्ष' वाणिज्य का और 'सुराध्यक्ष' आबकारी (मदिरा) का प्रमुख होता था, जबकि अशोक के शिलालेखों में न्याय व्यवस्था के विकेंद्रीकरण का उल्लेख मिलता है जहाँ महामात्रों को नगरों में न्यायिक सुधार और निष्पक्षता बनाए रखने का दायित्व सौंपा गया था।
2. मौर्योत्तर काल में सातवाहन वंश के शासकों ने सबसे पहले ब्राह्मणों और बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्त भूमि (Agrahara grants) दान देने की प्रथा को बड़े पैमाने पर संस्थागत रूप दिया, जिसका प्रमाण नानाघाट और नासिक के अभिलेखों में मिलता है।
3. कुषाण शासक कनिष्क के शासनकाल में गांधार और मथुरा कला शैलियों का अभूतपूर्व विकास हुआ, जहाँ गांधार शैली पर ग्रीक-रोमन (हेलेनिस्टिक) प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जबकि मथुरा शैली पूरी तरह से स्वदेशी लाल बलुआ पत्थर पर आधारित थी और इसमें बुद्ध की मूर्तियों के साथ-साथ हिंदू एवं जैन देवी-देवताओं का भी अंकन पहली बार बड़े पैमाने पर किया गया।
4. शुंग वंश के संस्थापक पुष्यमित्र शुंग ने बौद्ध धर्म का खुलकर समर्थन किया था और भरहुत तथा सांची के स्तूपों के लकड़ी के रेलिंग को तोड़कर उन्हें पूरी तरह से पाषाण में परिवर्तित करने का ऐतिहासिक कार्य उनके ही काल में किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की विभिन्न समितियों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण हेतु कुल प्रमुख और गौण (Minor) समितियों का गठन किया गया था, जिसमें डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता वाली 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) सबसे महत्वपूर्ण थी, जिसे 29 अगस्त 1947 को नियुक्त किया गया था और इसमें अध्यक्ष सहित कुल 7 सदस्य शामिल थे।
2. प्रांतीय संविधान समिति (Provincial Constitution Committee) और संघ शक्ति समिति (Union Powers Committee) के अध्यक्ष क्रमशः सरदार वल्लभभाई पटेल और जवाहरलाल नेहरू थे, जबकि 'मौलिक अधिकारों एवं अल्पसंख्यकों पर सलाहकार समिति' (Advisory Committee on Fundamental Rights and Minorities) के अध्यक्ष भी सरदार वल्लभभाई पटेल ही थे।
3. संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार (Constitutional Advisor) के रूप में सर बी.एन. राऊ (B.N. Rau) ने कार्य किया था, जिन्होंने संविधान का पहला प्रारूप तैयार किया था जिस पर डॉ. अंबेडकर की प्रारूप समिति ने विचार-विमर्श किया था।
4. संविधान सभा द्वारा संविधान को अंतिम रूप देने और उस पर हस्ताक्षर करने के लिए अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को आयोजित की गई थी, जिसमें संविधान सभा के सदस्यों द्वारा संविधान की तीन प्रतियों (दो अंग्रेजी और एक हिंदी) पर हस्ताक्षर किए गए थे, और उसी दिन संविधान सभा का अस्तित्व समाप्त होकर वह अंतरिम संसद में परिवर्तित हो गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के औद्योगिक विकास और आर्थिक परिदृश्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (BIIPP), 2022 के तहत वस्त्र (Textiles), चमड़ा (Leather), खाद्य प्रसंस्करण और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्रों को 'सर्वोच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र' (Priority Sectors) के रूप में घोषित किया गया है, तथा निवेशकों को पूंजीगत सब्सिडी और रोजगार सृजन अनुदान प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।
2. बरौनी (बेगूसराय) बिहार का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, जहाँ भारत का पहला सार्वजनिक क्षेत्र का तेल शोधक कारखाना (Refinery) सोवियत संघ के तकनीकी सहयोग से स्थापित किया गया था, और इसके समीप ही एक प्रमुख उर्वरक संयंत्र भी स्थित है।
3. राज्य में लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 'बिहार लॉजिस्टिक्स नीति' के तहत पटना, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर में मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्कों की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
4. भागलपुर को पारंपरिक रूप से 'सिल्क सिटी' के रूप में जाना जाता है, जहाँ उत्पादित होने वाले प्रसिद्ध टस्सर सिल्क को भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्रदान किया गया है, और यह शहर राज्य से रेशम उत्पादों के निर्यात का एक प्रमुख केंद्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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