त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
5 views
भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की विभिन्न समितियों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण हेतु कुल प्रमुख और गौण (Minor) समितियों का गठन किया गया था, जिसमें डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता वाली 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) सबसे महत्वपूर्ण थी, जिसे 29 अगस्त 1947 को नियुक्त किया गया था और इसमें अध्यक्ष सहित कुल 7 सदस्य शामिल थे।
- 2. प्रांतीय संविधान समिति (Provincial Constitution Committee) और संघ शक्ति समिति (Union Powers Committee) के अध्यक्ष क्रमशः सरदार वल्लभभाई पटेल और जवाहरलाल नेहरू थे, जबकि 'मौलिक अधिकारों एवं अल्पसंख्यकों पर सलाहकार समिति' (Advisory Committee on Fundamental Rights and Minorities) के अध्यक्ष भी सरदार वल्लभभाई पटेल ही थे।
- 3. संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार (Constitutional Advisor) के रूप में सर बी.एन. राऊ (B.N. Rau) ने कार्य किया था, जिन्होंने संविधान का पहला प्रारूप तैयार किया था जिस पर डॉ. अंबेडकर की प्रारूप समिति ने विचार-विमर्श किया था।
- 4. संविधान सभा द्वारा संविधान को अंतिम रूप देने और उस पर हस्ताक्षर करने के लिए अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को आयोजित की गई थी, जिसमें संविधान सभा के सदस्यों द्वारा संविधान की तीन प्रतियों (दो अंग्रेजी और एक हिंदी) पर हस्ताक्षर किए गए थे, और उसी दिन संविधान सभा का अस्तित्व समाप्त होकर वह अंतरिम संसद में परिवर्तित हो गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की समितियों के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। संविधान सभा ने संविधान निर्माण के विभिन्न कार्यों को पूरा करने के लिए कई बड़ी और छोटी समितियों का गठन किया था। प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे तथा इसके कुल 7 सदस्य थे। प्रांतीय संविधान समिति और मौलिक अधिकार समिति के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे, जबकि संघ शक्ति और संघ संविधान समिति के अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू थे। सर बी.एन. राऊ संविधान सभा के कानूनी या संवैधानिक सलाहकार थे। संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई थी, जिसके बाद यह भारत की अंतरिम संसद बन गई। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए ऐसे गहन और विश्लेषणात्मक प्रश्नों का अभ्यास करना अत्यंत आवश्यक है।
Related Questions
→
भारत की प्रमुख अपवाह प्रणालियों और उनके तट पर स्थित ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण नगरों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. डिब्रूगढ़ — ब्रह्मपुत्र नदी
2. अयोध्या — सरयू नदी
3. कोटा — चंबल नदी
4. हैदराबाद — गोदावरी नदी
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
→
बिहार की लोक कला, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सुजानी' और 'खतवा' बिहार की पारंपरिक सुई-शिल्प (Applique and Quilting) कलाएँ हैं, जिनका मुख्य केंद्र मुजफ्फरपुर और वैशाली क्षेत्र रहा है, जहाँ पुराने कपड़ों की परतों को सिलकर उस पर विभिन्न प्रकार के लोक-मोटीफ और ज्यामितीय डिजाइन उकेरे जाते हैं।
2. भोजपुरी क्षेत्र का प्रसिद्ध लोकनृत्य 'डोमकाच' मुख्य रूप से विवाह उत्सवों और मांगलिक अवसरों पर महिलाओं द्वारा किया जाने वाला एक स्वांग (Dance-drama) आधारित नृत्य है, जिसमें पुरुष वेशभूषा धारण कर व्यंग्यात्मक और हास्य प्रस्तुतियां देते हैं।
3. ऐतिहासिक धरोहरों के अंतर्गत प्रसिद्ध 'सकीना मस्जिद' या शेर शाह सूरी का मकबरा सासाराम में स्थित है, जो इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का एक बेहतरीन नमूना है और एक कृत्रिम झील के मध्य ऊंचे चबूतरे पर अष्टकोणीय योजना में निर्मित है।
4. मिथिला क्षेत्र में दीपावली और गोवर्धन पूजा के अवसर पर गाय के गोबर से घर के आंगनों और दीवारों पर गोवर्धन पर्वत तथा विभिन्न पशु-पक्षियों के पारंपरिक भित्ति चित्र बनाने की लोक परंपरा को 'गोवर्धना पूजा कला' या 'यामा कला' कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
जीव जगत के वर्गीकरण (Biological Classification) और मोनेरा जगत (Kingdom Monera) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आर.एच. व्हिटेकर द्वारा प्रतिपादित पाँच जगत वर्गीकरण (Five Kingdom Classification) में प्रोकैरियोटिक जीवों को केवल 'मोनेरा' जगत में रखा गया है, जिनकी कोशिका भित्ति मुख्य रूप से पॉलीसैकेराइड और अमीनो अम्ल से बनी पेप्टिडोग्लाइकान की होती है।
2. मोनेरा जगत के अंतर्गत आने वाले सभी जीव अनिवार्य रूप से परपोषी (Heterotrophic) होते हैं, और इनमें किसी भी प्रकार के स्वपोषी जीव जैसे प्रकाशसंश्लेषी या रासायनसंश्लेषी बैक्टीरिया शामिल नहीं होते हैं।
3. सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल), जिन्हें मोनेरा जगत में वर्गीकृत किया गया है, में क्लोरोफिल-ए पाया जाता है और ये नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) करने में सक्षम होते हैं।
4. माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma), जिन्हें पी.पी.एल.ओ. (PPLO) भी कहा जाता है, मोनेरा जगत के ऐसे जीव हैं जिनमें कोशिका भित्ति (Cell Wall) पूरी तरह अनुपस्थित होती है और वे बिना ऑक्सीजन के भी जीवित रह सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारत में मानसून की उत्पत्ति, उसकी क्रियाविधि और बिहार में वर्षा के क्षेत्रीय वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति का मुख्य कारण ग्रीष्म ऋतु में भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिम भाग (विशेषकर थार मरुस्थल) पर अत्यधिक न्यून दाब का क्षेत्र बनना है, जिससे हिंद महासागर की उच्च दाब पेटी से आने वाली दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनें विषुवत रेखा को पार करने के बाद फेरेल के नियम के कारण दक्षिण-पश्चिम दिशा में मुड़ जाती हैं।
2. 'मानसून का प्रस्फोट' (Burst of Monsoon) मुख्य रूप से भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों और पश्चिम बंगाल में एक साथ दर्ज किया जाता है, जहाँ मानसूनी हवाएँ अचानक भारी गर्जन और बिजली कड़कने के साथ प्रवेश करती हैं।
3. बिहार राज्य में वर्षा का वितरण मुख्य रूप से पूर्व से पश्चिम और दक्षिण से उत्तर की ओर घटता है, जिसके परिणामस्वरूप किशनगंज और तराई क्षेत्रों में सबसे अधिक वर्षा होती है, जबकि औरंगाबाद और गया जैसे दक्षिण-पश्चिमी जिलों में वर्षा की मात्रा अपेक्षाकृत कम दर्ज की जाती है।
4. एल नीनो (El Nino) घटना के दौरान प्रशांत महासागर में दक्षिण अमेरिकी तट (पेरू के पास) के पास सतही जल का तापमान असामान्य रूप से कम हो जाता है, जिससे भारतीय मानसून पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है और देश में सामान्य से अधिक वर्षा होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
अभिकथन (A): एल्युमिनियम स्मेलटिंग में अधिक बिजली की खपत होती है। कारण (R): इसमें इलेक्ट्रोलिटिक रिडक्शन का उपयोग होता है।
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.