शैक्षिक सांख्यिकी (माध्य, माध्यिका, बहुलक)
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सरल लोलक (Simple Pendulum) की गति और यांत्रिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी सरल लोलक का आवर्तकाल (Time Period) उसके गोलक (Bob) के द्रव्यमान और आकार पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह केवल लोलक की प्रभावी लंबाई और उस स्थान के गुरुत्वीय त्वरण ($g$) पर निर्भर करता है।
- 2. यदि किसी सरल लोलक की प्रभावी लंबाई को चार गुना बढ़ा दिया जाए, तो उसका आवर्तकाल दोगुना हो जाता है, जबकि उसकी आवृत्ति (Frequency) आधी रह जाती है।
- 3. जब कोई सरल लोलक अपने चरम बिंदु (Extreme position) से माध्य स्थिति (Mean position) की ओर गति करता है, तो उसकी स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) लगातार घटती है और गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) बढ़ती है, जिससे कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है।
- 4. यदि एक सरल लोलक को ऐसी लिफ्ट में लटकाया जाए जो ऊपर की ओर त्वरित गति (Accelerated upward) कर रही हो, तो उस लोलक का आवर्तकाल बढ़ जाएगा क्योंकि प्रभावी गुरुत्वीय त्वरण का मान कम हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के विश्लेषण के अनुसार, कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। कथन 1 के अनुसार सरल लोलक का आवर्तकाल $T = 2\pi\sqrt{L/g}$ होता है, जो गोलक के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता। कथन 2 के अनुसार लंबाई चार गुना करने पर आवर्तकाल $\sqrt{4} = 2$ गुना हो जाता है। कथन 3 ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है। किंतु कथन 4 असत्य है क्योंकि जब लिफ्ट ऊपर की ओर त्वरित होती है, तो प्रभावी गुरुत्वीय त्वरण $g' = g + a$ हो जाता है, जिससे आवर्तकाल $T$ घट जाता है (न कि बढ़ जाता है)। इस तरह के और अधिक महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।
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बिहार सरकार द्वारा डिजिटल शासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए…
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बिहार सरकार द्वारा नागरिकों को घर बैठे विभिन्न प्रशासनिक, वित्तीय और जन-कल्याणकारी सेवाएँ डिजिटल माध्यम से सुलभ कराने के लिए संचालित 'प्रमुख सरकारी पोर्टल और मोबाइल ऐप' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बिहार भूमि पोर्टल' (Bihabhumi) के माध्यम से राज्य के नागरिक अपनी जमीन का लगान ऑनलाइन भुगतान, जमाबंदी पंजी की स्थिति और भू-नक्शा जैसी सुविधाएँ प्राप्त कर सकते हैं, जिसे डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत विकसित किया गया है।
2. शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों तथा प्रशासनिक मॉनिटरिंग के लिए 'ई-शिक्षाकोष पोर्टल' और मोबाइल ऐप का अनिवार्य उपयोग लागू किया गया है।
3. 'विद्युत समाधान पोर्टल' की शुरुआत बिहार राज्य पावरHolding कंपनी लिमिटेड द्वारा केवल औद्योगिक उपभोक्ताओं के बिजली बिल सुधार और नए कनेक्शन के लिए की गई है, और इसका उपयोग घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रतिबंधित है।
4. 'फास्टैग' और 'परिवहन पोर्टल' के अतिरिक्त बिहार परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा और वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण की ऑनलाइन निगरानी के लिए 'वाहन पोर्टल' के माध्यम से एम-परिवहन सेवाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार की राजनीति एवं प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत स्थापित राज्य का उच्च सदन है, जिसमें कुल सदस्यों की संख्या वर्तमान में 75 है और इसके सदस्यों का निर्वाचन विभिन्न निर्वाचक मंडलों (स्नातक, शिक्षक, स्थानीय निकाय और विधानसभा) के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा होता है।
2. राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में 'मुख्य सचिव' (Chief Secretary) राज्य का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो मंत्रिमंडल सचिवालय का प्रमुख होने के साथ-साथ सभी प्रशासनिक विभागों के बीच समन्वय स्थापित करता है और इसकी नियुक्ति सीधे राज्यपाल द्वारा बिना मंत्रिपरिषद की सलाह के की जाती है।
3. बिहार में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत शामिल हैं, तथा 73वें संविधान संशोधन के अनुरूप बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 के तहत राज्य में महिलाओं को स्थानीय निकायों के चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण की ऐतिहासिक व्यवस्था की गई है।
4. राज्य मानवाधिकार आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग (BPSC) संवैधानिक निकाय हैं, जिनमें BPSC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, किंतु उन्हें उनके पद से हटाने का अधिकार केवल राज्य के मुख्यमंत्री के पास होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत राज्य सूची का विषय होने के बावजूद, उत्तर प्रदेश राज्य में उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के सेवायोजन, चयन, और अनुशासनात्मक नियंत्रण के लिए स्थापित 'उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड' (UP Secondary Education Services Selection Board) का मुख्यालय उत्तर प्रदेश के किस ऐतिहासिक एवं प्रशासनिक नगर में स्थित है?
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'हिंदी भाषा एवं व्याकरण' के अंतर्गत 'कारक और उनके विभक्ति चिह्नों' के सूक्ष्म व्याकरणिक विश्लेषण के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा वाक्य 'अपादान कारक' (जहाँ अलगाव, डर, तुलना, सीखने या लजाने का भाव हो) और 'करण कारक' (जहाँ साधन या माध्यम का बोध हो) के बीच के अंतर को सर्वोत्तम और व्याकरणिक दृष्टि से पूर्णतः शुद्ध रूप में स्पष्ट करता है?
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बुद्धि के बहु-कारक सिद्धांत (Multi-Factor Theory) के प्रणेता एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित बुद्धि के 'एसएआरए' (SARA) मॉडल में 'सोर्स' (Social), 'एब्स्ट्रैक्ट' (Abstract), 'रेडिएक्टिव' और 'अरिथमेटिक' जैसे आयामों के अतिरिक्त, थार्नडाइक ने बुद्धि के चार प्रमुख घटकों यानी 'स्तर' (Level), 'क्षेत्र' (Range), 'क्षेत्राधिकार' (Area) और 'गति' (Speed) को रेखांकित किया था। इस संदर्भात्मक परिप्रेक्ष्य में, यदि कोई मनोवैज्ञानिक किसी बुद्धि परीक्षण के माध्यम से व्यक्ति की विभिन्न प्रकार की समस्याओं को हल करने की 'कठिनता के अधिकतम स्तर' (Maximum Level of Difficulty) का आकलन करना चाहता है, तो थार्नडाइक के बुद्धि के इन चार घटकों में से वह किस विशिष्ट घटक को मापने का प्रयास कर रहा है?
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अधिगम के किस सिद्धांत में 'प्रतीक्षा' (Expectancy) को सीखने का आधार माना गया है?
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