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Indian Polity
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भारत के महान्यायवादी (Attorney General) को संसद के किस सदन में बोलने का अधिकार है?

Detailed Explanation

महान्यायवादी दोनों सदनों की कार्यवाही में भाग ले सकते हैं, पर वोट नहीं दे सकते।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों की प्रशासनिक शक्तियों, अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण तथा उनकी अधिकारिता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 227 के अनुसार प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर आने वाले सभी न्यायालयों और न्यायाधिकरणों (Tribunals) पर अधीक्षण (Superintendence) की शक्ति प्राप्त है, और इस शक्ति में केवल न्यायिक अधीक्षण ही शामिल है, प्रशासनिक या वित्तीय निरीक्षण का अधिकार उच्च न्यायालय के पास नहीं होता है। 2. अनुच्छेद 235 के तहत राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों (जिनमें जिला न्यायालय और उनके अधीन अन्य सिविल न्यायालय शामिल हैं) पर नियंत्रण, जिसमें उनकी पोस्टिंग, प्रमोशन, पदस्थापन और न्यायिक सेवा के अधिकारियों को छुट्टी देने का अधिकार है, पूर्ण रूप से संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय में निहित होता है। 3. संसद को यह संवैधानिक शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा किसी राज्य के उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को किसी संघ राज्यक्षेत्र (Union Territory) तक विस्तारित कर सकती है या किसी संघ राज्यक्षेत्र के उच्च न्यायालय को किसी अन्य राज्य के अधीन कर सकती है, और ऐसा विस्तार करते समय उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि करने का अधिकार भी संसद के पास ही होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और चुनाव सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य आयुक्तों की नियुक्ति संसद द्वारा बनाई गई विधि के अधीन राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और संविधान में निर्वाचन आयोग के सदस्यों की अहर्ताओं या योग्यताओं का उल्लेख स्पष्ट रूप से किया गया है। 2. 'मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023' के प्रावधानों के अनुसार, चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता (या सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता) और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं। 3. निर्वाचन आयोग को यह संवैधानिक और विधिक अधिकार प्राप्त है कि वह चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा अपने घोषणापत्रों (Manifesto) में किए जाने वाले वादों की वित्तीय और आर्थिक व्यवहार्यता की अनिवार्य रूप से पूर्व-जांच कर सके तथा अव्यवहारिक वादों को आचार संहिता के उल्लंघन के रूप में प्रतिबंधित कर सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के भाग-IV के अंतर्गत वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) और उनके न्यायिक तथा गैर-न्यायिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 37 के अनुसार नीति निर्देशक तत्व देश के शासन में मूलभूत हैं और विधि बनाने में इन तत्वों को लागू करना राज्य का कर्तव्य होगा, किंतु इन्हें किसी भी न्यायालय द्वारा न्यायोचित (Justiciable) नहीं ठहराया जा सकता है, अर्थात् इनके उल्लंघन पर न्यायालय द्वारा इन्हें प्रवर्तित नहीं कराया जा सकता। 2. संविधान के अनुच्छेद 39A के तहत 'समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता' का प्रावधान जोड़ा गया था, जिसे मूल संविधान में शामिल नहीं किया गया था, बल्कि इसे 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा अंतःस्थापित किया गया था। 3. सर्वोच्च न्यायालय ने विभिन्न निर्णयों में यह प्रतिपादित किया है कि नीति निर्देशक तत्व और मूल अधिकार एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इनके बीच संतुलन संविधान के 'मूल ढांचे' (Basic Structure) का एक अभिन्न अंग है, और निदेशक तत्वों को प्रभावी बनाने के लिए यदि कोई विधि अनुच्छेद 14 या अनुच्छेद 19 के मूल अधिकारों का अतिक्रमण करती है, तो उसे अनुच्छेद 31C के तहत असंवैधानिक घोषित नहीं किया जा सकता यदि वह विधि अनुच्छेद 39(b) या 39(c) के लक्ष्यों को पूरा करती हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? मौलिक अधिकार किस भाग में हैं? भारतीय संविधान सभा की निर्माण प्रक्रिया और उसकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी, जिसमें मुस्लिम लीग ने भाग लिया था, और इस बैठक में डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया था। 2. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण के लिए कुल 22 प्रमुख समितियों का गठन किया गया था, जिनमें से प्रारूप समिति (Drafting Committee) सबसे महत्वपूर्ण थी और इसके अध्यक्ष डॉ. बी. आर. अंबेडकर थे। 3. संविधान के निर्माण में कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था, तथा संविधान सभा द्वारा इसके वाचन के दौरान कुल तीन वाचन (Readings) हुए थे, जिसके पश्चात 26 नवंबर 1949 को इसे अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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