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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'मुस्फीति' (Inflation), 'मुद्रास्फीति जनित मंदी' (Stagflation) तथा केंद्रीय बैंकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मौद्रिक नीति उपकरणों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. मुद्रास्फीति जनित मंदी (Stagflation) एक ऐसी आर्थिक स्थिति है जहाँ अर्थव्यवस्था में उच्च मुद्रास्फीति (High Inflation) के साथ-साथ आर्थिक विकास की गति धीमी (Stagnant Economic Growth) हो जाती है और बेरोजगारी का स्तर भी उच्च बना रहता है।
  2. 2. जब केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में बढ़ती मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए 'मात्रात्मक मौद्रिक नीति उपकरणों' (Quantitative Monetary Policy Tools) के तहत बैंक दर और रेपो रेट में वृद्धि करते हैं, तो वाणिज्यिक बैंकों के लिए ऋण लेना महंगा हो जाता है, जिससे समग्र माँग में कमी आती है और इसे मौद्रिक नीति का 'संकोचकारी रुख' (Contractionary Stance) कहा जाता है।
  3. 3. भारत में खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) का आकलन मुख्य रूप से 'थोक मूल्य सूचकांक' (WPI) के आधार पर किया जाता है, जिसका संकलन और प्रकाशन आर्थिक सलाहकार कार्यालय, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा मासिक आधार पर किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: मुद्रास्फीति जनित मंदी (Stagflation) अर्थव्यवस्था की एक प्रतिकूल स्थिति है जिसमें उच्च मुद्रास्फीति, सुस्त आर्थिक विकास और उच्च बेरोजगारी एक साथ विद्यमान होते हैं, जो सामान्य आर्थिक सिद्धांतों (फिलिप्स वक्र के पारंपरिक रूप) के विपरीत होता है। कथन 2 सही है: जब केंद्रीय बैंक (जैसे आरबीआई) मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए रेपो रेट, बैंक दर या नकद आरक्षित अनुपात (CRR) में वृद्धि करता है, तो बाजार में तरलता (Liquidity) कम होती है और ऋण महंगे होते हैं। इसे मौद्रिक नीति का संकोचकारी या कड़ा रुख (Contractionary Stance) कहा जाता है। कथन 3 गलत है: भारत में वर्तमान में 'खुदरा मुद्रास्फीति' (Retail Inflation) का आकलन मुख्य रूप से 'उपभोक्ता मूल्य सूचकांक' (CPI - Combined) के आधार पर किया जाता है, जिसका संकलन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा किया जाता है। वहीं, थोक मूल्य सूचकांक (WPI) का संकलन DPIIT द्वारा किया जाता है, किंतु इसका उपयोग खुदरा महंगाई के लिए नहीं बल्कि थोक स्तर पर कीमतों के बदलाव को मापने के लिए होता है। अतः कथन 3 असत्य है।
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'रंगनाथ मिश्रा बनाम भारत संघ' (2003) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया था कि मूल कर्तव्यों को केवल कानूनी रूप से लागू करने या दण्डित करने का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए, बल्कि देश में नागरिकों के बीच इनके प्रति जन-जागरूकता पैदा की जानी चाहिए और इन्हें कानून के अन्य प्रावधानों के साथ समेकित करके लागू किया जाना चाहिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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