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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' के अंतर्गत 'विधायन शक्तियों के वितरण' (Distribution of Legislative Powers - अनुच्छेद 245 से 255) तथा इससे जुड़े प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 249 के अनुसार यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन से कोई संकल्प पारित कर देती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या समीचीन है कि संसद राज्य सूची में शामिल किसी विषय पर कानून बनाए, तो संसद को पूरे भारत या उसके किसी भाग के लिए उस विषय पर विधि बनाने की शक्ति प्राप्त हो जाती है, और ऐसा संकल्प अधिकतम दो वर्ष की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है।
- 2. संविधान के अनुच्छेद 252 के प्रावधानों के तहत यदि दो या अधिक राज्यों के विधानमंडल इस आशय के संकल्प पारित कर दें कि राज्य सूची के किसी विषय पर संसद द्वारा विधि बनाई जानी चाहिए, तो संसद उस विषय पर उन राज्यों के लिए कानून बना सकती है, और ऐसा अधिनियमित कानून किसी अन्य ऐसे राज्य पर भी स्वतः लागू हो जाता है जो बाद में अपनी विधानसभा में बिना किसी संकल्प के इसमें शामिल होना चाहे।
- 3. भारत में अपशिष्ट विधायी शक्तियाँ (Residuary Powers) अमेरिकी संविधान की तर्ज पर राज्यों को प्रदान की गई हैं, जिसका अर्थ है कि वे सभी विषय जो संघ सूची, राज्य सूची या समवर्ती सूची में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं हैं, उन पर कानून बनाने का अंतिम अधिकार संबंधित राज्य विधानमंडलों के पास होता है, और इस पर सर्वोच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार केवल न्यायिक समीक्षा तक सीमित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 249 के तहत राज्य सभा के प्रस्ताव द्वारा संसद को राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने की शक्ति मिलती है, और ऐसा संकल्प अधिकतम 'एक वर्ष' की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है, न कि दो वर्ष के लिए (हालांकि इसे आवश्यकतानुसार और आगे बढ़ाया जा सकता है)। कथन 2 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 252 के तहत यदि दो या अधिक राज्यों के अनुरोध पर संसद कानून बनाती है, तो वह कानून केवल उन्हीं राज्यों पर लागू होता है जिन्होंने ऐसा संकल्प पारित किया है; किसी अन्य राज्य पर यह स्वतः लागू नहीं होता, इसके लिए उस राज्य के विधानमंडल को भी इस आशय का संकल्प पारित करना पड़ता है। कथन 3 गलत है क्योंकि भारतीय संविधान में अपशिष्ट विधायी शक्तियाँ (Residuary Powers - अनुच्छेद 248) अमेरिकी मॉडल (जहाँ राज्यों के पास अवशिष्ट शक्तियाँ होती हैं) के विपरीत 'कनाडा के संविधान' से प्रेरित होकर 'संघ (केंद्र) सरकार' को प्रदान की गई हैं, न कि राज्यों को। अतः कोई भी कथन सही नहीं है।
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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'मुस्फीति' (Inflation), 'मुद्रास्फीति जनित मंदी' (Stagflation) तथा केंद्रीय बैंकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मौद्रिक नीति उपकरणों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मुद्रास्फीति जनित मंदी (Stagflation) एक ऐसी आर्थिक स्थिति है जहाँ अर्थव्यवस्था में उच्च मुद्रास्फीति (High Inflation) के साथ-साथ आर्थिक विकास की गति धीमी (Stagnant Economic Growth) हो जाती है और बेरोजगारी का स्तर भी उच्च बना रहता है।
2. जब केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में बढ़ती मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए 'मात्रात्मक मौद्रिक नीति उपकरणों' (Quantitative Monetary Policy Tools) के तहत बैंक दर और रेपो रेट में वृद्धि करते हैं, तो वाणिज्यिक बैंकों के लिए ऋण लेना महंगा हो जाता है, जिससे समग्र माँग में कमी आती है और इसे मौद्रिक नीति का 'संकोचकारी रुख' (Contractionary Stance) कहा जाता है।
3. भारत में खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) का आकलन मुख्य रूप से 'थोक मूल्य सूचकांक' (WPI) के आधार पर किया जाता है, जिसका संकलन और प्रकाशन आर्थिक सलाहकार कार्यालय, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा मासिक आधार पर किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था के संदर्भ में, भारतीय संविधान की 'सातवीं अनुसूची' (Seventh Schedule) के अंतर्गत संघ, राज्य और समवर्ती सूचियों (Union, State, and Concurrent Lists) तथा विधायी शक्तियों के वितरण के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुच्छेद 246 के तहत विधायी विषयों का त्रिविध वितरण किया गया है, जिसमें 'संघ सूची' (List I) में मूल रूप से 97 विषय थे जो वर्तमान में बढ़कर 100 हो गए हैं, 'राज्य सूची' (List II) में मूल रूप से 66 विषय थे जिन्हें घटाकर वर्तमान में 61 कर दिया गया है, और 'समवर्ती सूची' (List III) में मूल रूप से 47 विषय थे जिन्हें 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा बढ़ाकर 52 कर दिया गया है।
2. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा राज्य सूची के पाँच महत्वपूर्ण विषयों—शिक्षा, वन, वन्यजीवों और पक्षियों का संरक्षण, नाप-तोल, तथा न्याय का प्रशासन (उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के गठन को छोड़कर)—को समवर्ती सूची में स्थानांतरित कर दिया गया था।
3. यदि संघ सूची या समवर्ती सूची के किसी विषय पर संसद द्वारा बनाई गई विधि और राज्य सूची के किसी विषय पर राज्य विधानमंडल द्वारा बनाई गई विधि के बीच कोई असंगति या विरोधाभास उत्पन्न होता है, तो हमेशा राज्य विधानमंडल की विधि को सर्वोच्चता प्राप्त होगी, भले ही वह समवर्ती सूची का मामला क्यों न हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1930 के 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' (Civil Disobedience Movement) और उससे जुड़े घटनाक्रमों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत महात्मा गांधी द्वारा अपने 78 चुने हुए अनुयायियों के साथ साबरमती आश्रम से दांडी तक की 240 मील की ऐतिहासिक पदयात्रा (दांडी मार्च) के साथ 12 मार्च 1930 को की गई थी, और गांधीजी ने 6 अप्रैल 1930 को दांडी में नमक कानून तोड़कर औपचारिक रूप से इस आंदोलन का शुभारंभ किया था।
2. उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत में इस आंदोलन का नेतृत्व खान अब्दुल गफ्फार खान (जिन्हें 'सीमांत गांधी' भी कहा जाता है) द्वारा किया गया था, जिन्होंने 'खुदाई खिदमतगार' (Red Shirts) नामक संगठन की स्थापना की थी, जिसने अंग्रेजों के विरुद्ध अहिंसक संघर्ष का मार्ग अपनाया था।
3. धरसाणा (गुजरात) में नमक कारखाने पर सत्याग्रहियों के शांतिपूर्ण मार्च का नेतृत्व सरोजिनी नायडू और इमाम साहब ने किया था, जिस पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और बर्बरता का प्रत्यक्ष आँखों देखा हाल अमेरिकी पत्रकार वेस्ली फ्रॉस्ट (Wesley Frost) ने अपनी रिपोर्टिंग में दुनिया के सामने रखा था।
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'जेट स्ट्रीम' (Jet Streams) और ऊपरी क्षोभमंडलीय परिसंचरण (Upper Tropospheric Circulation) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जेट स्ट्रीम क्षोभमंडल की ऊपरी परतों में अत्यधिक तीव्र गति से बहने वाली भू-विक्षेपी (Geostrophic) हवाएँ हैं, जो सामान्यतः पश्चिम से पूर्व की ओर प्रवाहित होती हैं और इनकी गति सर्दियों में ग्रीष्मकाल की तुलना में अधिक होती है क्योंकि इस दौरान तापमान का क्षैतिज प्रवणता (Horizontal Temperature Gradient) बढ़ जाती है।
2. 'ध्रुवीय वाताग्र जेट स्ट्रीम' (Polar Front Jet Stream) और 'उपोषणीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम' (Subtropical Westerly Jet Stream) दोनों ही उत्तरी गोलार्ध में तिब्बत के पठार की विशाल स्थलाकृति से अप्रभावित रहती हैं और वर्षभर भूमध्य रेखा के समांतर सीधी रेखा में बहती हैं।
3. भारत में ग्रीष्मकालीन मानसून के अचानक आगमन और उसकी सक्रियता में 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो गर्मियों के महीनों में ऊपरी क्षोभमंडल में भारतीय उपमहाद्वीप के ऊपर पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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हुरुन ग्लोबल यूनिकॉर्न इंडेक्स 2026 में भारत की रैंक क्या है?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IVक' (मूल कर्तव्य - अनुच्छेद 51क) तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए विभिन्न निर्णयों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल कर्तव्यों को मूल संविधान में शामिल नहीं किया गया था, बल्कि इन्हें स्वर्ण सिंह समिति की संस्तुति पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान के भाग IVक में जोड़ा गया, और वर्तमान में संविधान में कुल 11 मूल कर्तव्य हैं जिन्हें वर्ष 2002 के 86वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा अंतिम बार संशोधित किया गया था।
2. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51क के अंतर्गत उल्लिखित सभी 11 मूल कर्तव्य प्रकृति से वाद योग्य (Justiciable) हैं, जिसका अर्थ है कि यदि कोई नागरिक अपने किसी मूल कर्तव्य का पालन नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 226 और अनुच्छेद 32 के तहत सीधे रिट याचिका जारी की जा सकती है।
3. 'रंगनाथ मिश्रा बनाम भारत संघ' (2003) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया था कि मूल कर्तव्यों को केवल कानूनी रूप से लागू करने या दण्डित करने का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए, बल्कि देश में नागरिकों के बीच इनके प्रति जन-जागरूकता पैदा की जानी चाहिए और इन्हें कानून के अन्य प्रावधानों के साथ समेकित करके लागू किया जाना चाहिए।
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