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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, भारत में 'सार्वजनिक ऋण प्रबंधन' (Public Debt Management) और राजकोषीय नीति के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 292 के अनुसार भारत सरकार को भारत की संचित निधि की प्रतिभूति पर देश के भीतर और बाहर ऋण लेने की शक्ति प्राप्त है, और केंद्र सरकार द्वारा लिए जाने वाले ऐसे कुल ऋणों की कोई भी संवैधानिक या विधिक सीमा संसद द्वारा निर्धारित नहीं की जा सकती है।
  2. 2. 'सार्वजनिक ऋण प्रबंधन एजेंसी' (Public Debt Management Agency - PDMA) की स्थापना का मुख्य उद्देश्य सरकारी ऋण प्रबंधन और मौद्रिक नीति संचालन के उत्तरदायित्वों को एक ही संस्था के अंतर्गत समेकित करना है, ताकि बाजार में ब्याज दरों पर नियंत्रण और अधिक प्रभावी रूप से रखा जा सके।
  3. 3. राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम, 2003 के प्रावधानों के अंतर्गत केंद्र सरकार को यह अनिवार्य किया गया था कि वह राजकोषीय घाटे को एक निश्चित लक्ष्य तक सीमित रखे, तथा सामान्य परिस्थितियों में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा प्राथमिक बाजार में केंद्र सरकार की प्रतिभूतियों की खरीद पर प्रतिबंध लगाया गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है: संविधान के अनुच्छेद 292 के अनुसार केंद्र सरकार भारत की संचित निधि की प्रतिभूति पर ऋण ले सकती है, किंतु इस पर संसद को यह अधिकार है कि वह विधि बनाकर ऐसी उधार लेने की सीमा (Borrowing Limits) निर्धारित कर सकती है। अतः 'कोई भी संवैधानिक या विधिक सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती' कथन को गलत बनाता है। कथन 2 असत्य है: PDMA (सार्वजनिक ऋण प्रबंधन एजेंसी) की स्थापना का उद्देश्य सरकार के ऋण प्रबंधन और मौद्रिक नीति संचालन (जो आरबीआई का मुख्य कार्य है) के बीच हितों के टकराव (Conflict of Interest) को समाप्त करने के लिए ऋण प्रबंधन को मौद्रिक प्राधिकरण से स्वतंत्र करना था, न कि दोनों को एक ही संस्था में समेकित करना। कथन 3 सत्य है: FRBM अधिनियम, 2003 के तहत केंद्र सरकार के लिए राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने का सांविधिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है, और इसके तहत यह भी प्रावधान किया गया कि आरबीआई सामान्य परिस्थितियों में प्राथमिक बाजार (Primary Market) से सरकारी बॉण्ड्स की सीधी खरीद नहीं करेगा, जिससे मौद्रिक नीति की स्वायत्तता सुरक्षित रहती है।
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