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सामान्य विज्ञान एवं पर्यावरण के संदर्भ में, 'ग्लोबल वार्मिंग' (Global Warming) के शमन और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए उपयोग की जाने वाली 'कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज' (CCUS) तथा 'डायरेक्ट एयर कैप्चर' (DAC) प्रौद्योगिकियों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. कार्बन कैप्चर और स्टोरेज (CCS) तकनीक के अंतर्गत उद्योगों और ऊर्जा संयंत्रों (जैसे तापीय विद्युत संयंत्र) के उत्सर्जक स्रोतों से कार्बन डाइऑक्साइड को सीधे वायुमंडल में छोड़ने से रोका जाता है, जिसे बाद में संपीड़ित करके भूगर्भीय संरचनाओं जैसे कि समाप्त हो चुके तेल और गैस भंडारों या गहरी खारा जल भंडारों (Saline Aquifers) में स्थायी रूप से संग्रहीत किया जाता है।
- 2. 'डायरेक्ट एयर कैप्चर' (DAC) प्रणाली, CCS से इस प्रकार भिन्न है कि यह औद्योगिक चिमनियों या उत्सर्जक स्रोतों से निकलने वाले धुएँ का उपचार करने के बजाय, विशाल पंखे जैसे उपकरणों के माध्यम से सीधे परिवेशी वायु (Ambient Air) से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करती है।
- 3. वायुमंडल से हटाई गई कार्बन डाइऑक्साइड का 'कार्बन कैप्चर एंड यूटिलाइजेशन' (CCU) के तहत केवल सिंथेटिक ईंधन और पर्यावरण के अनुकूल निर्माण सामग्री बनाने के लिए ही उपयोग किया जा सकता है, तथा इसका उपयोग खाद्य एवं पेय पदार्थ उद्योग या उन्नत तेल पुनर्प्राप्ति (EOR) प्रक्रियाओं में वाणिज्यिक रूप से पूर्णतः प्रतिबंधित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: कार्बन कैप्चर और स्टोरेज (CCS) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें बिजली संयंत्रों या औद्योगिक प्रक्रियाओं जैसे बड़े बिंदु स्रोतों (Point Sources) से कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) के उत्सर्जन को पकड़ा जाता है, संपीड़ित किया जाता है और स्थायी भंडारण के लिए भूमिगत भूगर्भीय संरचनाओं में ले जाया जाता है।
कथन 2 सही है: डायरेक्ट एयर कैप्चर (DAC) तकनीक पॉइंट-सोर्स कैप्चर से अलग है क्योंकि यह रासायनिक और भौतिक प्रणालियों का उपयोग करके सीधे परिवेशी वायु (Ambient Air) से CO2 को खींचती है, न कि किसी कारखाने की चिमनी से।
कथन 3 गलत है: CCU (Carbon Capture and Utilization) के तहत पकड़ी गई CO2 का उपयोग केवल सिंथेटिक ईंधन और निर्माण सामग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उपयोग वाणिज्यिक रूप से खाद्य एवं पेय पदार्थ उद्योग (जैसे कार्बोनेटेड पेय), ग्रीनहाउस में पौधों की वृद्धि बढ़ाने और 'उन्नत तेल पुनर्प्राप्ति' (Enhanced Oil Recovery - EOR) प्रक्रियाओं में व्यापक रूप से किया जाता है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 110' के अंतर्गत 'धन विधेयक' (Money Bill) की परिभाषा, उसके उपबंधों और संसद में उसकी प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोई विधेयक धन विधेयक तभी माना जाता है जब उसमें केवल कर लगाने, करों के उत्सादन, परिहार, परिवर्तन या विनियमन से संबंधित प्रावधान हों, और इसके निर्धारण के लिए लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) का निर्णय अंतिम होता है, जिसे किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।
2. धन विधेयक को स्थापित करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश (Prior Recommendation) आवश्यक होती है, और इसे केवल लोकसभा में ही पुनःस्थापित किया जा सकता है, राज्यसभा में नहीं।
3. राज्यसभा को धन विधेयक को अस्वीकार करने का पूर्ण अधिकार है, किंतु वह इसमें संशोधन नहीं कर सकती है, तथा राज्यसभा को अधिकतम 'चौदह दिनों' के भीतर विधेयक को अपनी सिफारिशों के साथ लोकसभा को वापस लौटाना अनिवार्य होता है, अन्यथा उस अवधि की समाप्ति पर वह विधेयक दोनों सदनों द्वारा उसी रूप में पारित मान लिया जाता है जिस रूप में वह लोकसभा द्वारा पारित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और भारतीय संविधान के अंतर्गत 'संविधान के बुनियादी ढांचा' (Basic Structure) के सिद्धांत तथा न्यायिक पुनरावलोकन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'संविधान का बुनियादी ढांचा' सिद्धांत का प्रतिपादन सर्वप्रथम वर्ष 1973 के प्रसिद्ध केशवानंद भारती मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किया गया था, जिसमें न्यायालय ने यह निर्धारित किया कि संसद को अनुच्छेद 368 के तहत संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की शक्ति है, परंतु यह शक्ति संविधान की मूल संरचना को नष्ट या परिवर्तित करने तक विस्तारित नहीं होती है।
2. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संविधान की नौवीं अनुसूची (Ninth Schedule) में शामिल किए जाने वाले कानूनों की न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के संदर्भ में यह प्रतिपादित किया गया है कि 24 अप्रैल 1973 के बाद नौवीं अनुसूची में जोड़े गए सभी कानूनों की इस आधार पर न्यायिक समीक्षा की जा सकती है कि वे संविधान के भाग III में प्रदत्त मौलिक अधिकारों या बुनियादी ढांचे के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं या नहीं।
3. न्यायिक स्वतंत्रता (Judicial Independence) को भारतीय संविधान के 'बुनियादी ढांचे' का एक अनिवार्य हिस्सा माना गया है, जिसके तहत संसद के पास यह पूर्ण शक्ति सुरक्षित है कि वह न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े किसी भी सांविधिक कानून को अपने साधारण बहुमत और विधायी विशेषाधिकार के बल पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायिक समीक्षा के दायरे से पूरी तरह बाहर कर सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय इतिहास, कला और संस्कृति के संदर्भ में, सल्तनत काल के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था और सैन्य सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सल्तनत काल में 'इक्ता' (Iqta) व्यवस्था एक प्रकार की भू-राजस्व असाइनमेंट प्रणाली थी, जिसके तहत सैन्य कमांडरों या अधिकारियों (जिन्हें इक्तादार या मुक्ती कहा जाता था) को वेतन के बदले एक निश्चित क्षेत्र से राजस्व एकत्र करने का अधिकार दिया जाता था, और यह मूल रूप से सुल्तान इल्तुतमिश के शासनकाल में बड़े पैमाने पर संगठित की गई थी।
2. सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी सेना को मजबूत करने और सैनिकों को नकद वेतन देने के लिए बाजार नियंत्रण (Market Control) और मूल्य स्थिरीकरण की नीति लागू की थी, जिसके तहत उसने घोड़ों की पहचान के लिए 'दाग' (Daag) प्रथा और सैनिकों के हुलिया का पंजीकरण करने की प्रणाली शुरू की थी।
3. मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में दीवान-ए-कोही (Diwan-e-Kohi) नामक एक नए कृषि विभाग की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य की प्रत्यक्ष देखरेख में बंजर भूमि को कृषि योग्य बनाना और किसानों को तकावी (Takavi) ऋण प्रदान करना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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तुगलकाबाद किला किसके द्वारा बनवाया गया था?
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महात्मा गांधी ने कांग्रेस के किस एकमात्र अधिवेशन की अध्यक्षता की थी?
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