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Indian Polity
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अनुच्छेद 17 क्या है?

Detailed Explanation

छुआछूत का अंत।
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोगों (SPSC) की संरचना, स्वतंत्रता और शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 316 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, किंतु दोनों ही मामलों में आयोग के किसी सदस्य को उसके कार्यकाल की समाप्ति से पूर्व केवल राष्ट्रपति द्वारा ही अनुच्छेद 317 में वर्णित आधारों (जैसे दिवालिया होना, कदाचार या शारीरिक/मानसिक अक्षमता) पर हटाया जा सकता है, भले ही उसकी नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की गई हो। 2. संविधान के अनुच्छेद 319 के तहत राज्य लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष अपने कार्यकाल की समाप्ति के पश्चात संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में अथवा किसी अन्य राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त होने का पात्र होता है, किंतु वह भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य रोजगार का पात्र नहीं होता है। 3. संघ लोक सेवा आयोग अपनी वार्षिक प्रगति रिपोर्ट राष्ट्रपति को प्रस्तुत करता है, जिसे राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाता है, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपता है, जिसे राज्यपाल राज्य के विधानमंडल के समक्ष रखवाता है, और इस रिपोर्ट में आयोग द्वारा उन मामलों का भी विशेष उल्लेख किया जाता है जिनमें आयोग की सलाह को सरकार द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान की अनुसूचियों, भागों तथा राजभाषाओं के संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के भाग XVII के अंतर्गत अनुच्छेद 343 से 351 तक संघ की राजभाषा का उपबंध किया गया है, जिसके तहत संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में संशोधनों के माध्यम से जोड़कर वर्तमान में 22 राजभाषाएँ कर दिया गया है। 2. संविधान की नौवीं अनुसूची को प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम, 1951 द्वारा जोड़ा गया था, जिसका उद्देश्य मुख्य रूप से भूमि सुधार और जमींदारी उन्मूलन से संबंधित कानूनों को न्यायिक समीक्षा से बचाना था, और केशवानंद भारती वाद (1973) के पश्चात अब इस अनुसूची के अंतर्गत आने वाले सभी कानूनों की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है यदि वे संविधान के मूल ढाँचे का उल्लंघन करते हैं। 3. भारत के राजनीतिक दलों (Political Parties) को राष्ट्रीय या राज्यीय दल के रूप में मान्यता प्रदान करने की शक्ति भारतीय निर्वाचन आयोग को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत प्राप्त है, तथा चुनाव चिन्ह (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के प्रावधानों के अंतर्गत दलों को मान्यता दी जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के प्रथम भाग के अंतर्गत 'संघ एवं उसके राज्य क्षेत्र' (अनुच्छेद 1-4) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 2 के तहत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा ऐसे निबंधनों और शर्तों को ठीक समझे, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकेगी, जबकि अनुच्छेद 3 संसद को किसी राज्य के क्षेत्र को घटाने, बढ़ाने या उसके नाम में परिवर्तन करने का अधिकार देता है, और इसके लिए संबंधित राज्य के विधानमंडल की पूर्व सहमति होना अनिवार्य है। 2. अनुच्छेद 3 के अंतर्गत किसी नए राज्य के निर्माण या मौजूदा राज्य की सीमाओं में परिवर्तन से संबंधित विधेयक को राष्ट्रपति की सिफारिश के बिना संसद के किसी भी सदन में पुनः स्थापित नहीं किया जा सकता है, तथा राष्ट्रपति इस विधेयक को संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास उसके विचार जानने के लिए भेजते हैं, और राज्य विधानमंडल द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर दी गई राय राष्ट्रपति या संसद पर आबद्धकर (Binding) होती है। 3. अनुच्छेद 4 यह स्पष्ट करता है कि अनुच्छेद 2 या अनुच्छेद 3 के अधीन बनाए गए नए राज्यों के प्रवेश या गठन तथा राज्यों की सीमाओं या नामों में परिवर्तन से संबंधित विधियों को संविधान के अनुच्छेद 368 के प्रयोजन के लिए 'संविधान संशोधन' नहीं माना जाएगा, अर्थात ऐसी विधियाँ साधारण बहुमत से पारित की जा सकती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के जनक किसे कहा जाता है? संसद के किसी सदस्य की अयोग्यता पर निर्णय कौन लेता है?
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