त्वरित लिंक्स
Civil services
4 views
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XV' के अंतर्गत निर्वाचन आयोग और निर्वाचन से संबंधित प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार भारत के निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) में एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और उतने ही अन्य निर्वाचन आयुक्त, यदि कोई हों, होते हैं जितने राष्ट्रपति समय-समय पर निर्धारित करते हैं, और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से हटाने की प्रक्रिया और आधार सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान ही होते हैं।
- 2. अन्य निर्वाचन आयुक्तों या क्षेत्रीय आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश के बिना राष्ट्रपति द्वारा उनके पद से हटाया जा सकता है, क्योंकि उन्हें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के समान संवैधानिक सुरक्षा और महाभियोग जैसी विशेष प्रक्रिया प्राप्त नहीं होती है।
- 3. वर्ष 1993 में संसद द्वारा बनाए गए एक अधिनियम के माध्यम से निर्वाचन आयोग को एक बहु-सदस्यीय निकाय (Multi-member Body) बना दिया गया, तथा यह भी प्रावधान किया गया कि यदि आयोग के सदस्यों के बीच किसी निर्णय पर मतभेद होता है, तो निर्णय बहुमत के आधार पर लिया जाएगा, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त को वीटो पावर (Veto Power) प्राप्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार, निर्वाचन आयोग मुख्य निर्वाचन आयुक्त और राष्ट्रपति द्वारा समय-समय पर नियुक्त अन्य निर्वाचन आयुक्तों से मिलकर बनता है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को संसद द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया (अर्थात साबित कदाचार या असमर्थता के आधार पर संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव) के माध्यम से ही हटाया जा सकता है।
कथन 2 सही है: संविधान के अनुच्छेद 324(5) के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश पर ही राष्ट्रपति द्वारा अन्य निर्वाचन आयुक्तों को उनके पद से हटाया जा सकता है। अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की तरह सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जैसी विशेष निष्कासन प्रक्रिया (महाभियोग जैसी) प्राप्त नहीं होती है।
कथन 3 गलत है: निर्वाचन आयोग को बहु-सदस्यीय निकाय वर्ष 1989 में और फिर स्थायी रूप से अक्टूबर 1993 में 'मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (сеvа शर्ते) अधिनियम, 1991' में संशोधन के माध्यम से बनाया गया था, न कि 1993 के किसी नए अधिनियम से। इसके अतिरिक्त, आयोग के भीतर निर्णय बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं, लेकिन मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पास किसी भी प्रकार की 'वीटो पावर' (Veto Power) नहीं होती है; सभी आयुक्तों के मतों का समान महत्व होता है।
Related Questions
→
भारतीय इतिहास, कला और संस्कृति के संदर्भ में, मध्यकालीन भारत के दौरान सल्तनत और मुगल काल में प्रयुक्त होने वाले राजस्व और प्रशासनिक शब्दों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सल्तनत काल में 'उश्र' (Ushr) एक प्रकार का भूमि कर था जो मुस्लिम किसानों से उनकी भूमि की उपज पर लिया जाता था, जबकि 'खराज' (Kharaj) गैर-मुस्लिमों से वसूला जाने वाला भू-राजस्व था।
2. मुगल प्रशासनिक व्यवस्था में 'मदद-ए-माश' (Madad-e-mash) या 'स्यूरगुल' (Suyurghal) सम्राट या स्थानीय अधिकारियों द्वारा विद्वानों, धार्मिक व्यक्तियों और जरूरतमंदों को दिए जाने वाले राजस्व-मुक्त अनुदान (Revenue-free grants) थे।
3. अकबर के शासनकाल में 'दहसाला' (Dahsala) या 'टोडरमल बंदोबस्त' प्रणाली के तहत पिछले दस वर्षों (1570 से 1580 के दशक) के दौरान विभिन्न फसलों की औसत उपज और औसत कीमतों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करके भू-राजस्व का निर्धारण किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1916 के 'लखनऊ समझौते' (Lucknow Pact) और उससे संबंधित राजनीतिक परिदृश्य के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लखनऊ समझौते के अंतर्गत कांग्रेस और मुस्लिम लीग ने एक साझा राजनीतिक मंच पर आकर ब्रिटिश सरकार के समक्ष उत्तरदायी शासन (Responsible Government) की मांग की थी, और इसी समझौते के तहत कांग्रेस ने पहली बार प्रांतीय विधानमंडलों में मुसलमानों के लिए 'पृथक निर्वाचक मंडलों' (Separate Electorates) की व्यवस्था को औपचारिक रूप से स्वीकार किया था।
2. वर्ष 1916 के इस संयुक्त अधिवेशन की अध्यक्षता अंबिका चरण मजूमदार (A. C. Majumdar) ने की थी, और इसी अधिवेशन के दौरान कांग्रेस के नरम दल (Moderates) और गरम दल (Extremists) का पुनर्मिलन हुआ था, जिसमें एनी बेसेंट और बाल गंगाधर तिलक की प्रमुख भूमिका थी।
3. यद्यपि लखनऊ समझौते को हिंदू-मुस्लिम एकता के एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में देखा जाता है, किंतु इसने भविष्य की सांप्रदायिक राजनीति के लिए भी मार्ग प्रशस्त कर दिया, क्योंकि कांग्रेस द्वारा पृथक निर्वाचक मंडलों की स्वीकृति ने आगे चलकर 'द्वि-राष्ट्र सिद्धांत' (Two-Nation Theory) और देश के विभाजन की नींव को मजबूत करने का कार्य किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1946 में गठित 'अंतरिम सरकार' (Interim Government) और इसके घटनाक्रमों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में 2 सितंबर 1946 को गठित अंतरिम सरकार में मुस्लिम लीग शुरू में शामिल नहीं हुई थी, किंतु बाद में वायसरवेज एग्जीक्यूटिव काउंसिल (Viceroy's Executive Council) के उपाध्यक्ष का पद मुस्लिम लीग के नेता लियाकत अली खान को सौंप दिया गया था ताकि वे सरकार में शामिल हो सकें।
2. अक्टूबर 1946 में मुस्लिम लीग औपचारिक रूप से अंतरिम सरकार में शामिल हुई, और इसके सदस्य लियाकत अली खान को वित्त विभाग (Finance Department) का पोर्टफोलियो सौंपा गया, जिसके माध्यम से उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले अन्य विभागों के वित्तपोषण और प्रशासनिक नियंत्रण में बाधा उत्पन्न की।
3. संविधान सभा (Constituent Assembly), जिसका गठन कैबिनेट मिशन योजना के तहत किया गया था, की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई, जिसमें मुस्लिम लीग के सदस्यों ने पाकिस्तान की मांग को लेकर इस बैठक का पूर्ण बहिष्कार किया और अंतरिम सरकार तथा संविधान सभा दोनों को द्विपक्षीय बातचीत से पूरी तरह अलग रखा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
सामान्य विज्ञान और पर्यावरण के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण' (National Biodiversity Authority - NBA) और 'जैव विविधता प्रबंधन समितियों' (Biodiversity Management Committees - BMCs) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) की स्थापना 'जैव विविधता अधिनियम, 2002' के प्रावधानों के तहत एक सांविधिक, स्वायत्त निकाय के रूप में की गई है, जिसका मुख्यालय चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित है।
2. जैव विविधता अधिनियम, 2002 के अनुसार देश के सभी स्थानीय निकायों (चाहे वे ग्रामीण हों या शहरी) को अपने स्तर पर अनिवार्य रूप से 'जैव विविधता प्रबंधन समितियों' (BMCs) का गठन करना होता है, जिनका मुख्य कार्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जैव संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान का प्रलेखन करके 'जन जैव विविधता रजिस्टर' (People's Biodiversity Register - PBR) तैयार करना है।
3. राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) को किसी भी विदेशी नागरिक, कंपनी या अनिवासी भारतीय (NRI) द्वारा देश के भीतर जैव संसाधनों या उससे जुड़े पारंपरिक ज्ञान के उपयोग के लिए किए जाने वाले आवेदन पर अनुमति या अनुमोदन प्रदान करने का अनन्य अधिकार प्राप्त है, और इस प्रक्रिया में राज्य जैव विविधता बोर्डों (SBBs) से परामर्श करना अनिवार्य नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
अंतर्राज्यीय परिषद (Inter-State Council) का गठन किस अनुच्छेद के तहत किया जाता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.