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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं लोक वित्त के संदर्भ में, 'सार्वजनिक ऋण प्रबंधन' (Public Debt Management) और ट्रेजरी बिल (Treasury Bills) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ट्रेजरी बिल (T-Bills) भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले अल्पकालिक मौद्रिक उपकरण (Short-term money market instruments) हैं, जिन्हें वर्तमान में तीन अवधियों— 91 दिन, 182 दिन और 364 दिन के लिए जारी किया जाता है, और ये शून्य-कूपन बांड (Zero-coupon bonds) के रूप में कार्य करते हैं जिन पर कोई निश्चित ब्याज दर नहीं दी जाती बल्कि इन्हें अंकित मूल्य से छूट पर बेचा जाता है।
- 2. भारत में केंद्र सरकार के सभी प्रकार के आंतरिक और बाह्य ऋणों के प्रबंधन की वैधानिक जिम्मेदारी और कार्यकारी नियंत्रण सीधे तौर पर 'भारतीय रिजर्व बैंक' (RBI) के पास निहित है, और इसमें केंद्र सरकार की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं होती है।
- 3. 'अर्थोपाय अग्रिम' (Ways and Means Advances - WMA) केंद्र और राज्य सरकारों को आरबीआई द्वारा प्रदान की जाने वाली एक अस्थायी ऋण सुविधा है, जिसका उपयोग उनकी प्राप्तियों और भुगतानों के बीच के अस्थायी असंतुलन (Cash flow mismatches) को पाटने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: ट्रेजरी बिल (T-Bills) भारत सरकार के अल्पकालिक ऋण उपकरण हैं जो वर्तमान में 91 दिन, 182 दिन और 364 दिन की परिपक्वता अवधि में उपलब्ध हैं। इन्हें शून्य-कूपन बांड के रूप में जारी किया जाता है, यानी इन पर कोई कूपन (ब्याज) दर नहीं होती, बल्कि इन्हें अंकित मूल्य (Face Value) से कम कीमत पर बेचा जाता है और परिपक्वता पर पूरा अंकित मूल्य दिया जाता है।
कथन 2 गलत है: ऐतिहासिक रूप से RBI केंद्र सरकार के सार्वजनिक ऋण का प्रबंधन करता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में सरकार ने सार्वजनिक ऋण प्रबंधन को अधिक पेशेवर और पारदर्शी बनाने के लिए वित्त मंत्रालय के अंतर्गत 'सार्वजनिक ऋण प्रबंधन प्रकोष्ठ' (Public Debt Management Cell - PDMC) या स्वतंत्र एजेंसी की दिशा में कदम उठाए हैं। इसके अलावा, बाह्य ऋण प्रबंधन का एक बड़ा हिस्सा वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग (EA Department) द्वारा संभाला जाता है, और RBI पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से इसका एकमात्र नियंत्रक नहीं है।
कथन 3 सही है: 'अर्थोपाय अग्रिम' (WMA) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा केंद्र और राज्य सरकारों को दी जाने वाली एक अल्पकालिक ऋण सुविधा है ताकि उनके नकदी प्रवाह के अस्थायी असंतुलन (Cash flow mismatches) को दूर किया जा सके।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XV' के अंतर्गत 'निर्वाचन आयोग' (Election Commission) और 'अनुच्छेद 324 से 329' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार, निर्वाचन आयोग एक अखिल भारतीय निकाय है जो संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण के साथ-साथ राज्यों में पंचायतों और नगर पालिकाओं के चुनावों का भी अधीक्षण करता है।
2. निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, किंतु अन्य निर्वाचन आयुक्तों को हटाने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त की अनिवार्य संस्तुति (Recommendation) होना आवश्यक है।
3. संविधान के अनुच्छेद 329 के तहत यह प्रावधान किया गया है कि संसद या राज्य विधानमंडल के लिए चुनावों के संबंध में किसी भी कानून की वैधता को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती, और चुनाव संबंधी विवादों का एकमात्र समाधान केवल निर्वाचन याचिका (Election Petition) के माध्यम से उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013' (National Food Security Act - NFSA) और उससे संबंधित प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह अधिनियम देश की कुल जनसंख्या के लगभग दो-तिहाई हिस्से (ग्रामीण क्षेत्र के 75% और शहरी क्षेत्र के 50% लोगों) को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) के तहत अत्यधिक रियायती दरों पर खाद्यान्न प्राप्त करने का कानूनी अधिकार प्रदान करता है।
2. अधिनियम के अंतर्गत कवर किए गए प्रत्येक पात्र व्यक्ति को प्रतिमाह 5 किलोग्राम खाद्यान्न (चावल, गेहूं और मोटे अनाज) क्रमशः 3, 2 और 1 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दरों पर प्राप्त करने का अधिकार है, तथा 'अंत्योदय अन्न योजना' (AAY) के परिवारों को प्रति परिवार प्रतिमाह निश्चित 35 किलोग्राम खाद्यान्न मिलना जारी रहता है।
3. इस अधिनियम के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को गर्भावस्था के दौरान और बच्चे के जन्म के छह महीने बाद तक स्थानीय आंगनवाड़ी के माध्यम से भोजन के साथ-साथ कम से कम 6,000 रुपये की मातृत्व लाभ राशि (Maternity Benefit) प्राप्त करने का वैधानिक अधिकार है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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