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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, सर्वोच्च न्यायालय के 'मूल क्षेत्राधिकार' (Original Jurisdiction) तथा इसके अंतर्गत आने वाले मामलों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 131 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय का मूल क्षेत्राधिकार केंद्र सरकार और एक या अधिक राज्यों के बीच अथवा दो या अधिक राज्यों के बीच किसी भी ऐसे कानूनी विवाद (Legal Dispute) के निपटारे से संबंधित है, जिसमें किसी विधिक अधिकार के अस्तित्व या सीमा का प्रश्न शामिल हो।
- 2. सर्वोच्च न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार के अंतर्गत संसद या राज्य विधानमंडल के किसी सदस्य के निर्वाचन से उत्पन्न होने वाले विवाद, वित्त आयोग की सिफ़ारिशों से जुड़े वित्तीय मामले और केंद्र तथा राज्यों के बीच सामान्य वाणिज्यिक संधियों (Commercial Treaties) या समझौतों से उत्पन्न होने वाले विवाद पूरी तरह से शामिल होते हैं।
- 3. 'संविधान के भाग III द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन' के लिए सर्वोच्च न्यायालय के पास अनुच्छेद 32 के तहत जो मूल क्षेत्राधिकार है, वह अनुच्छेद 131 के अंतर्गत आने वाले अंतर-सरकारी विवादों के मूल क्षेत्राधिकार से अलग और विशिष्ट है, क्योंकि अनुच्छेद 32 के तहत केवल व्यक्ति या संस्थाएं ही नहीं बल्कि राज्य भी अपने मौलिक अधिकारों के हनन के लिए सीधे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत सर्वोच्च न्यायालय का मूल क्षेत्राधिकार (Original Jurisdiction) केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच, या राज्यों के आपसी कानूनी विवादों का न्यायनिर्णयन करता है, बशर्ते इसमें कोई विधिक अधिकार (Legal Right) का प्रश्न शामिल हो।
कथन 2 गलत है: संविधान के अनुच्छेद 131 के परन्तुक (Proviso) के अनुसार, किसी संधि, समझौते या संविदा (Treaty, Agreement, Covenant) से उत्पन्न होने वाले विवाद जो संविधान के लागू होने से पहले किए गए थे और वर्तमान में भी लागू हैं, सर्वोच्च न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार के दायरे से बाहर रखे गए हैं। इसके अलावा, वित्त आयोग की सिफारिशों से जुड़े मामले और संसद/विधानमंडल के निर्वाचन विवाद (जो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत उच्च न्यायालय जाते हैं) अनुच्छेद 131 में शामिल नहीं हैं।
कथन 3 सही है: अनुच्छेद 32 के अंतर्गत मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय का मूल क्षेत्राधिकार, अनुच्छेद 131 के अंतर-सरकारी मूल क्षेत्राधिकार से पृथक है। अनुच्छेद 32 के तहत केवल नागरिक और व्यक्ति ही नहीं, बल्कि 'राज्य' भी अन्य राज्यों या केंद्र के विरुद्ध अपने मौलिक अधिकारों के हनन पर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सकते हैं (जैसे कर्नाटक राज्य बनाम भारत संघ मामले में हुआ था)। अतः कथन 1 और 3 सही हैं।
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भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1916 के 'लखनऊ समझौते' (Lucknow Pact) और उससे संबंधित राजनीतिक परिदृश्य के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लखनऊ समझौते के अंतर्गत कांग्रेस और मुस्लिम लीग ने एक साझा राजनीतिक मंच पर आकर ब्रिटिश सरकार के समक्ष उत्तरदायी शासन (Responsible Government) की मांग की थी, और इसी समझौते के तहत कांग्रेस ने पहली बार प्रांतीय विधानमंडलों में मुसलमानों के लिए 'पृथक निर्वाचक मंडलों' (Separate Electorates) की व्यवस्था को औपचारिक रूप से स्वीकार किया था।
2. वर्ष 1916 के इस संयुक्त अधिवेशन की अध्यक्षता अंबिका चरण मजूमदार (A. C. Majumdar) ने की थी, और इसी अधिवेशन के दौरान कांग्रेस के नरम दल (Moderates) और गरम दल (Extremists) का पुनर्मिलन हुआ था, जिसमें एनी बेसेंट और बाल गंगाधर तिलक की प्रमुख भूमिका थी।
3. यद्यपि लखनऊ समझौते को हिंदू-मुस्लिम एकता के एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में देखा जाता है, किंतु इसने भविष्य की सांप्रदायिक राजनीति के लिए भी मार्ग प्रशस्त कर दिया, क्योंकि कांग्रेस द्वारा पृथक निर्वाचक मंडलों की स्वीकृति ने आगे चलकर 'द्वि-राष्ट्र सिद्धांत' (Two-Nation Theory) और देश के विभाजन की नींव को मजबूत करने का कार्य किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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अनुच्छेद 21-A के कार्यान्वयन के लिए कौन सा अधिनियम पारित किया गया था?
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भारतीय राजव्यवस्था के संदर्भ में, भारतीय संविधान की 'सातवीं अनुसूची' (Seventh Schedule) के अंतर्गत संघ, राज्य और समवर्ती सूचियों (Union, State, and Concurrent Lists) तथा विधायी शक्तियों के वितरण के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुच्छेद 246 के तहत विधायी विषयों का त्रिविध वितरण किया गया है, जिसमें 'संघ सूची' (List I) में मूल रूप से 97 विषय थे जो वर्तमान में बढ़कर 100 हो गए हैं, 'राज्य सूची' (List II) में मूल रूप से 66 विषय थे जिन्हें घटाकर वर्तमान में 61 कर दिया गया है, और 'समवर्ती सूची' (List III) में मूल रूप से 47 विषय थे जिन्हें 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा बढ़ाकर 52 कर दिया गया है।
2. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा राज्य सूची के पाँच महत्वपूर्ण विषयों—शिक्षा, वन, वन्यजीवों और पक्षियों का संरक्षण, नाप-तोल, तथा न्याय का प्रशासन (उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के गठन को छोड़कर)—को समवर्ती सूची में स्थानांतरित कर दिया गया था।
3. यदि संघ सूची या समवर्ती सूची के किसी विषय पर संसद द्वारा बनाई गई विधि और राज्य सूची के किसी विषय पर राज्य विधानमंडल द्वारा बनाई गई विधि के बीच कोई असंगति या विरोधाभास उत्पन्न होता है, तो हमेशा राज्य विधानमंडल की विधि को सर्वोच्चता प्राप्त होगी, भले ही वह समवर्ती सूची का मामला क्यों न हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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