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समावेशी शिक्षा
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) और बाल अधिकारों के दृष्टिकोण से निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल शारीरिक रूप से विकलांग बालकों को सामान्य विद्यालयों में प्रवेश देना है, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
  2. 2. NCF 2005 के अनुसार, समावेशी शिक्षा केवल विशेष विद्यालयों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सामान्य विद्यालयों को ही अपनी शिक्षण पद्धतियों, पाठ्यक्रम और भौतिक बुनियादी ढाँचे में ऐसा लचीलापन लाना चाहिए जो प्रत्येक विविधतापूर्ण पृष्ठभूमि और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे की व्यक्तिगत सीखने की गति को स्वीकार कर सके।
  3. 3. समावेशी शिक्षा का दर्शन 'अतिरिक्त सहायता और विशिष्ट शिक्षण रणनीतियों' पर जोर देता है ताकि सामान्य कक्षा कक्ष में सभी बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि समावेशी शिक्षा का दायरा केवल शारीरिक रूप से विकलांग बालकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, भाषाई और बौद्धिक रूप से वंचित तथा भिन्न क्षमताओं वाले सभी बच्चे शामिल होते हैं। कथन 2 और 3 बिल्कुल सही हैं; NCF 2005 के अनुसार समावेशी शिक्षा का अर्थ सामान्य विद्यालयों में ही विविधता को अपनाना और लचीली शिक्षण प्रणालियों के माध्यम से प्रत्येक बच्चे की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करना है।
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'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) का सिद्धांत समावेशी कक्षाओं में अधिगम की बाधाओं को दूर करने के लिए बहुविध प्रस्तुतिकरण (Multiple Means of Representation), बहुविध अभिव्यक्ति (Multiple Means of Expression) और बहुविध सहभागिता (Multiple Means of Engagement) के प्रावधान पर बल देता है। 3. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act 2009) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) दोनों ही दिव्यांग और सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से वंचित बच्चों की मुख्यधारा की शिक्षा के लिए 'समान अवसर' और 'विशेष सहायता' दोनों की वकालत करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → समावेशी शिक्षा के संदर्भ में 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के बीच निम्नलिखित में से कौन सा मूलभूत और सबसे सटीक अंतर है? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में सभी बच्चों (चाहे वे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक रूप से किसी भी वर्ग के हों) को बिना किसी भेदभाव के एक साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। 2. यह प्रणाली 'विशेष बच्चों' को मुख्यधारा की शिक्षा से अलग करके उनके लिए विशेष विद्यालयों और पृथक कक्षाओं की स्थापना पर बल देती है, ताकि वे अपनी गति से सीख सकें। 3. राष्ट्रीय पाठ्यकी रूपरेखा (NCF-2005) और भारतीय संविधान का 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE-2009)' भी समावेशी शिक्षा की वकालत करते हैं और इसे प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार मानते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में सभी बच्चों (चाहे वे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक रूप से किसी भी प्रकार से भिन्न हों) को एक साथ एक ही छत के नीचे बिना किसी भेदभाव के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। 2. यह प्रणाली 'विशेष आवश्यकता वाले बालकों' (Children with Special Needs) को मुख्यधारा की शिक्षा से अलग करके उनके लिए विशेष रूप से स्थापित विशिष्ट विद्यालयों (Special Schools) में अनिवार्य रूप से शिक्षा देने पर जोर देती है। 3. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-2005) भी इस बात की वकालत करती है कि शिक्षा प्रणाली को बच्चों की विविध आवश्यकताओं के अनुसार लचीला बनना चाहिए, न कि बच्चों को व्यवस्था के अनुसार ढलने के लिए बाध्य करना चाहिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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