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समावेशी शिक्षा
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. आरटीई अधिनियम, 2009 की धारा 3 के तहत 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है, जिसमें गंभीर और बहु-विकलांगता (Severe and Multiple Disabilities) से ग्रसित बच्चों को घर आधारित शिक्षा (Home-based Education) प्रदान करने का विशेष प्रावधान भी शामिल है।
  2. 2. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF, 2005) 'समावेशी शिक्षा' की वकालत करती है जिसके अनुसार विशेष बच्चों के लिए अलग से विशेष विद्यालयों (Special Schools) की स्थापना करना ही प्राथमिक और अनिवार्य शर्त है ताकि सामान्य विद्यालय मुख्यधारा के शिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
  3. 3. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य और विशेष आवश्यकता वाले बालकों को एक ही छत के नीचे एक साथ बिना किसी भेदभाव के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, जिससे 'अधिगम की सार्वभौमिक रूपरेखा' (Universal Design for Learning - UDL) को बढ़ावा मिलता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि आरटीई अधिनियम, 2009 और इसके संशोधनों के तहत 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को शिक्षा का अधिकार है, तथा गंभीर विकलांगता वाले बच्चों के लिए घर आधारित शिक्षा का प्रावधान भी किया गया है। कथन 2 गलत है क्योंकि NCF 2005 और समावेशी शिक्षा का मूल उद्देश्य विशेष विद्यालयों को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि 'सामान्य विद्यालयों' में ही सभी बच्चों को एक साथ पढ़ाना (Mainstreaming/Inclusion) है। कथन 3 सही है क्योंकि समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य यूडीएल (UDL) के सिद्धांतों पर आधारित होकर बिना किसी भेदभाव के एक साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है।
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NEP 2020 में यह संस्तुति की गई है कि प्रत्येक विद्यालय में विशेष शिक्षकों की भारी कमी को दूर करने के लिए केवल गैर-आवासीय विशेष विद्यालयों को ही बढ़ावा दिया जाएगा और सामान्य विद्यालयों में विशेष बुनियादी ढांचे (Barrier-free Infrastructure) का निर्माण पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा। 3. 'समग्र शिक्षा अभियान' (Samagra Shiksha Abhiyan) के अंतर्गत समावेशी शिक्षा के घटकों के तहत दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क सहायक उपकरण (Assistive Devices), पाठ्यपुस्तकें और स्टाइपेन्ड (Stipend) जैसी वित्तीय एवं शैक्षणिक सहायता प्रदान की जाती है ताकि उनके ठहराव (Retention) को सुनिश्चित किया जा सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और बाल-केन्द्रित शिक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) को सामान्य विद्यालयों में प्रवेश देना है, और इसके लिए सामान्य पाठ्यचर्या या शिक्षण विधियों में किसी भी प्रकार के लचीलेपन या अनुकूलन की आवश्यकता नहीं होती है। 2. 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