अन्य सिद्धांतकार (गेसेल, ब्रोनफेनब्रेनर, हॉल, आदि)
Asked 2 months ago · Viewed 11 times
उत्तर प्रदेश की कृषि, बागवानी और उनके विशिष्ट उत्पादन क्षेत्रों (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में स्थित 'महर्षि वशिष्ठ स्वायत्त राज्य चिकित्सा महाविद्यालय' के निकट कृषि विभाग द्वारा बागवानी को बढ़ावा देने हेतु भारत-इजराइल तकनीकी सहयोग से 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल' (सब्जी हेतु उत्कृष्टता केंद्र) की स्थापना की गई है।
- 2. 'लखनऊ' जिला आम उत्पादन और 'अमरूद' की वी.एन.आर. प्रजाति के लिए प्रसिद्ध है, और यहाँ भारत-इजराइल सहयोग से ही 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्रूट्स' (आम एवं फल) बस्ती के बजाय मलिहाबाद, लखनऊ में स्थापित किया गया है।
- 3. उत्तर प्रदेश में कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहन देने के लिए कुल तीन प्रमुख कृषि-पारिस्थितिकीय क्षेत्र (Agro-ecological Zones) हैं, जबकि राज्य को कृषि-जलवायु क्षेत्रों के आधार पर नौ (9) भागों में बांटा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल' उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में ही स्थित बस्ती कृषि विश्वविद्यालय/शोध केंद्र परिसर के अंतर्गत भारत-इजराइल तकनीकी सहयोग से स्थापित किया गया है, लेकिन इसका चिकित्सा महाविद्यालय से सीधा संबंध नहीं है और कथन की तथ्यात्मक संरचना में बस्ती का केंद्र सब्जी (Vegetables) के लिए प्रसिद्ध है जबकि आम के लिए मलिहाबाद (लखनऊ) में उत्कृष्टता केंद्र है। कथन 2 सही है, लखनऊ का मलिहाबाद क्षेत्र आम (विशेषकर दशहरी आम) के उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध है और यहाँ इज़राइल के सहयोग से 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्रूट्स' स्थापित है। कथन 3 बिल्कुल सही है, उत्तर प्रदेश को कृषि और जलवायु की विभिन्नता के आधार पर 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में तथा पारिस्थितिकीय भिन्नता के आधार पर 20 कृषि-पारिस्थितिकीय उपक्षेत्रों (या वृहद स्तर पर 3-4 क्षेत्रों) में विभाजित किया जाता है, जहाँ सामान्यतः कृषि-जलवायु क्षेत्रों की संख्या 9 ही मानी जाती है। अतः कथन 2 और 3 सही हैं।
अगला प्रश्न →
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी के अंतर्गत 'पारिस्थितिकीय अनुक्रमण' (Ecological…
← पिछला प्रश्न
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिकीय पिरामिड'…
Related Questions
→
पारिस्थितिकीय पिरामिड (Ecological Pyramids) और उनके विभिन्न प्रकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकीय पिरामिड की अवधारणा का प्रतिपादन सबसे पहले चार्ल्स एल्टन (Charles Elton) ने किया था, जिन्हें 'एल्टोनियन पिरामिड' के नाम से भी जाना जाता है, जो विभिन्न पोषण स्तरों (Trophic Levels) पर जीवों की संख्या, जैवभार या ऊर्जा के संबंधों को रेखांकित करते हैं।
2. एक सामान्य स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में 'संख्या का पिरामिड' (Pyramid of Numbers) सदैव सीधा (Upright) होता है, क्योंकि इसमें उत्पादकों (पेड़-पौधों) की संख्या शाकाहारी और मांसाहारी जीवों की तुलना में अत्यधिक अधिक होती है।
3. इसके विपरीत, एक बड़े वृक्ष के पारिस्थितिकी तंत्र में 'संख्या का पिरामिड' उल्टा (Inverted) हो जाता है, क्योंकि एक विशाल वृक्ष (उत्पादक) पर आश्रित पक्षियों (शाकाहारी) और उन पर पलने वाले परजीवियों (परजीवी पोषण स्तर) की संख्या क्रमिक रूप से बढ़ती जाती है।
4. 'ऊर्जा का पिरामिड' (Pyramid of Energy) किसी भी पारिस्थितिकी तंत्र में सर्वदा और अनिवार्य रूप से सीधा ही होता है, जो लिंडमैन के 10 प्रतिशत नियम (10% Law) का पालन करता है, जिसके तहत एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर केवल 10 प्रतिशत ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
उरी ब्रोनफेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) के 'पारिस्थितिकी प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'माइक्रोसिस्टम या सूक्ष्मतंत्र' (Microsystem)**—जिसे उस सबसे भीतरी और प्रत्यक्ष पर्यावरणीय स्तर के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें विकासशील बच्चा सीधे तौर पर अंतःक्रिया करता है, जैसे कि उसका परिवार, सहपाठी, विद्यालय, शिक्षक और आस-पड़ोस—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सामाजिक-संज्ञानात्मक विकास, पारस्परिक संबधों और सीखने के परिवेश के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
'उत्तर प्रदेश की भूगोल एवं पर्यावरण' के संदर्भ में, राज्य में पाए जाने वाले 'उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन' (Tropical Deciduous Forests) और 'कंटीली झाड़ियों एवं शुष्क वन क्षेत्रों' (Thorn Forests and Scrublands) के पारिस्थितिकीय वितरण, प्रमुख वृक्ष प्रजातियों (जैसे साल, सागौन, महुआ, शीशम, और बबूल), तथा उत्तर प्रदेश के तराई, भाबर और दक्षिण के पठारी क्षेत्रों में जलवायु और मृदा के अंतर्संबंधों के वैज्ञानिक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिक अनुक्रमण' (Ecological Succession) के न्यूरो-संज्ञानात्मक और पारिस्थितिक संदर्भ में, 'प्राथमिक अनुक्रमण' (Primary Succession - नग्न चट्टानों या नए रेत के टीलों पर जीवन की शुरुआत और पायोनीयर कम्युनिटी का विकास) के लिए आवश्यक चरणों (जैसे चट्टानों का अपक्षय, लाइकेन और मॉस का प्रकटन, मृदा का निर्माण और क्रमिक प्रजातियों का प्रतिस्थापन) तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - दीर्घकालिक पारिस्थितिकीय योजना और पर्यावरण प्रबंधन), 'Ventral Striatum' (दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता और जैव-सस्टेनेबिलिटी के प्रति रिवार्ड प्रोसेसिंग), तथा 'Posterior Cingulate Cortex' (PCC - प्रकृति के साथ आत्म-पहचान और पारिस्थितिकीय गतिकी का बोध) के बीच सहयोगात्मक न्यूरोनल सिंक्रनाइजेशन तथा इको-कॉग्निटिव पेडागोजी के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
इनमें से किस लगाव में शिशु माता-पिता को सुरक्षित आधार के रूप में उपयोग करते हैं?
→
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी के अंतर्गत 'पारिस्थितिकीय अनुक्रमण' (Ecological Succession) और 'जैव भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक अनुक्रमण (Primary Succession) उस नग्न क्षेत्र में प्रारंभ होता है जहाँ पहले से कोई जीवित समुदाय मौजूद नहीं था, जैसे कि नवनिर्मित लावा चट्टानें या ठंडा हुआ ग्लेशियर, और इसमें 'पायनियर समुदाय' (Pioneer Community) के रूप में प्रायः लाइकेन या मॉस का विकास होता है।
2. जलारंभी अनुक्रमण (Hydrarch Succession) जल निकायों से शुरू होकर नम क्षेत्रों से गुजरते हुए अंततः एक शुष्क या मध्यम (Mesic) वन समुदाय में परिवर्तित हो जाता है, जिसमें जलकुंभी, रीड-स्वैम्प और दलदली अवस्थाएँ क्रमशः आती हैं।
3. फॉस्फोरस चक्र एक प्रकार का गैसीय जैव भू-रासायनिक चक्र है, जिसमें फॉस्फोरस का मुख्य भंडार वायुमंडल होता है और यह चक्र वायुमंडलीय निक्षेपण के माध्यम से संचालित होता है।
4. 'ओडम' (Odum) के अनुसार पारिस्थितिकीय अनुक्रमण एक दिशात्मक प्रक्रिया है जो समुदाय के जैवभार और जातियों की विविधता में क्रमिक वृद्धि के साथ अंततः एक परिपक्व और स्थिर 'क्लाइमैक्स कम्युनिटी' (Climax Community) पर समाप्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.