जीन पियाजे
Asked 2 months ago · Viewed 14 times
बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार भाषा और विचार शुरुआत में जीवन के शुरुआती वर्षों में दो स्वतंत्र और अलग स्रोतों से उत्पन्न होते हैं, लेकिन लगभग दो वर्ष की आयु के बाद वे आपस में मिलकर 'मौखिक सोच' (Verbal Thought) का निर्माण करते हैं।
- 2. जीन पियाजे (Jean Piaget) के अनुसार भाषा का विकास मुख्य रूप से संज्ञानात्मक विकास का परिणाम है और बच्चों में देखा जाने वाला 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) उनकी संज्ञानात्मक अपरिपक्वता को दर्शाता है, जो आयु बढ़ने के साथ स्वतः लुप्त हो जाता है।
- 3. नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता पूरी तरह से उनके सामाजिक परिवेश और वयस्कों के साथ की गई अनुदेशात्मक अंतःक्रिया पर निर्भर करती है, न कि किसी जन्मजात जैविक संरचना पर।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि लेव वाइगोत्स्की के अनुसार भाषा और विचार शुरुआत में स्वतंत्र होते हैं और लगभग दो वर्ष की आयु में आपस में मिल जाते हैं। कथन 2 सही है क्योंकि जीन पियाजे के अनुसार भाषा संज्ञानात्मक विकास का उपोत्पाद है और अहंकेन्द्रित वाक् संज्ञानात्मक अपरिपक्वता दर्शाता है जो बाद में समाप्त हो जाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि नोम चोमस्की का 'LAD' सिद्धांत भाषा सीखने की जन्मजात और जैविक क्षमता (Innate Biological Capacity) पर जोर देता है, न कि केवल सामाजिक परिवेश या अनुदेशात्मक अंतःक्रिया पर।
अगला प्रश्न →
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development)…
← पिछला प्रश्न
बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में…
Related Questions
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, नोम चॉम्स्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन सिद्धांत' (Language Acquisition Theory) के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सी अवधारणा उनके मुख्य दृष्टिकोण का सबसे सटीक वर्णन करती है?
→
बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार भाषा केवल विचारों को व्यक्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संज्ञानात्मक विकास को आकार देने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपकरण है।
2. नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की जन्मजात क्षमता होती है और व्याकरण के सार्वभौमिक नियम उनके अंतर्जात होते हैं।
3. जीन पियाजे (Jean Piaget) के अनुसार भाषा का विकास बच्चे के अहंकेंद्रित वाक् (Egocentric Speech) से शुरू होता है और धीरे-धीरे सामाजिक वाक् में परिवर्तित होता है, जो वाइगोत्स्की के इस विचार से पूरी तरह मेल खाता है कि निजी वाक् (Private Speech) पूरी तरह से सामाजिक अंतःक्रिया का परिणाम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे (Jean Piaget) के अनुसार भाषा का विकास मुख्य रूप से संज्ञानात्मक विकास का उपोत्पाद (By-product) है, और बच्चों में देखा जाने वाला 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) उनकी संज्ञानात्मक अपरिपक्वता को दर्शाता है जो दूसरों के दृष्टिकोण को समझने में असमर्थता का प्रतीक है।
2. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार भाषा और विचार शुरुआती जीवन में दो स्वतंत्र और अलग स्रोत से उत्पन्न होते हैं, लेकिन लगभग दो वर्ष की आयु के बाद वे आपस में मिलकर 'मौखिक सोच' (Verbal Thought) का निर्माण करते हैं, और उनका 'व्यक्तिगत वाक्' (Private Speech) बच्चों को स्व-विनियमन (Self-regulation) में मदद करता है।
3. नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता एक सामाजिक अनुबंधन का परिणाम है, न कि कोई जन्मजात या जैविक विशेषता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
'भाषा विकास और साइकोलिंग्विस्टिक्स के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, नोम चॉम्स्की (Noam Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन युन्त्र' (Language Acquisition Device - LAD) और 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) की अवधारणा के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area) और 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area) की व्याकरणिक प्रसंस्करण तथा अर्थबोध संबंधी सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के भाषा और विचार के विकास संबंधी दृष्टिकोणों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुभाषी संवर्धन और विद्यार्थियों में संप्रेषण दक्षता के विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की सबसे सटीक व्याख्या करती है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास एक निरंतर (Continuous) प्रक्रिया है जो जैविक परिपक्वता (Biological Maturation) और पर्यावरण के साथ सक्रिय अंतःक्रिया (Active Interaction) के माध्यम से होती है, जिसमें 'आत्मसातीकरण' (Assimilation) और 'समायोजन' (Accommodation) मुख्य संतुलनकारी प्रक्रियाएँ हैं।
2. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बच्चों में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिसके कारण वे किसी वस्तु के आकार, रूप या रंग में परिवर्तन होने पर भी उसके द्रव्यमान, भार या आयतन के स्थिर रहने की वास्तविकता को आसानी से समझ लेते हैं।
3. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बच्चे तार्किक रूप से सोचना शुरू कर देते हैं, लेकिन उनका यह तार्किक चिंतन केवल मूर्त (Concrete) या प्रत्यक्ष वस्तुओं और घटनाओं तक ही सीमित होता है, न कि अमूर्त (Abstract) या काल्पनिक प्रस्तावों पर।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
बच्चों के संज्ञानात्मक विकास और भाषा अर्जन के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सिद्धांतों के तुलनात्मक अध्ययन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे का मानना था कि बच्चों में विचार (Thought) का विकास भाषा से पहले होता है और भाषा उनके संज्ञानात्मक विकास का ही एक उत्पाद है, जबकि लेव वाइगोत्स्की के अनुसार भाषा और विचार शुरुआत में स्वतंत्र होते हैं, लेकिन लगभग दो वर्ष की आयु के बाद वे आपस में मिल जाते हैं।
2. पियाजे ने बच्चों को 'सक्रिय अन्वेषक' (Active Explorers) माना है जो अपने भौतिक पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया करके स्वयं ज्ञान का निर्माण करते हैं, जबकि वाइगोत्स्की ने बच्चे के संज्ञानात्मक विकास में सामाजिक-सांस्कृतिक अंतःक्रिया, भाषा और 'मोर नॉलेजेबल अदर' (MKO) की भूमिका को सर्वोपरि माना है।
3. पियाजे के अनुसार 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) बच्चों की अपरिपक्वता को दर्शाता है जो किसी अन्य के दृष्टिकोण को समझने में असमर्थ होते हैं, जबकि वाइगोत्स्की इसे 'व्यक्तिगत वाक्' (Private Speech) कहते हैं जो बच्चों को अपने व्यवहार को विनियमित (Self-regulation) करने में सहायता प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.