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उत्तर प्रदेश की मृदा एवं कृषि विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्यवर्ती मैदानी क्षेत्रों में पाई जाने वाली 'नवीन जलोढ़ मृदा' को 'खादर' (Khadar) कहा जाता है, जिसमें पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है, किंतु नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी पाई जाती है।
- 2. बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ चिकनी और भारी काली मिट्टी जैसी होती हैं, जो सूखने पर कठोर हो जाती हैं और जिनमें नमी धारण करने की अत्यधिक क्षमता होती है।
- 3. राज्य के पर्वतीय एवं तराई क्षेत्रों में पाई जाने वाली 'राँड़' (Randh) और 'पंडुवा' (Parwa) मृदाएँ अत्यधिक उपजाऊ होती हैं और उनमें रासायनिक उर्वरकों के बिना भी धान और गेहूँ की बंपर पैदावार होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: उत्तर प्रदेश के मैदानी भागों में नदियों द्वारा हर साल लाई जाने वाली नई जलोढ़ मिट्टी को 'खादर' कहते हैं, जिसमें पोटाश और चूना प्रचुर मात्रा में होता है जबकि नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी होती है। कथन 2 सही है: बुंदेलखंड क्षेत्र की 'मार' और 'काबर' मृदाएँ चिकनी, उपजाऊ और काली मिट्टी के समान होती हैं, जो नमी बनाए रखने में बहुत आगे होती हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि 'राँड़' या 'राड़' और 'पंडुवा' (Parwa) मृदाएँ बुंदेलखंड क्षेत्र की हल्की और कम उपजाऊ लाल-बलुई मृदाएँ हैं, न कि तराई क्षेत्र की अत्यधिक उपजाऊ मिट्टी।
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शिक्षा मनोविज्ञान और बाल विकास के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की किस अवस्था में व्यक्ति 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) को मान्यता देता है तथा यह मानता है कि नियम लचीले होते हैं और समाज के कल्याण के लिए बदले जा सकते हैं?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और बौद्ध कालीन शिक्षण संस्थानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध मठों में शिक्षा की शुरुआत 'प्रवज्या' (Pravrajya) संस्कार के साथ होती थी, जिसके अंतर्गत 8 वर्ष की आयु पूरी होने पर बालक को मठ में प्रवेश दिया जाता था और वह श्रमण (भिक्षु) बनता था, जबकि उच्च शिक्षा पूरी होने पर 'उपनसंपदा' संस्कार संपन्न होता था।
2. विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना गुप्त वंश के राजा कुमारगुप्त प्रथम द्वारा की गई थी, जो वज्रयान बौद्ध धर्म, तांत्रिक शिक्षा और तर्कशास्त्र के अध्ययन के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध था।
3. तक्षशिला विश्वविद्यालय वर्तमान में पाकिस्तान के रावलपिंडी के पास स्थित प्राचीन शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र था, जहाँ आयुर्वेद, सैन्य विज्ञान, राजनीति शास्त्र और खगोल विज्ञान की शिक्षा दी जाती थी और यहाँ चाणक्य तथा जीवक जैसे महान विद्वानों ने अध्ययन किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्रों और वहाँ की प्रमुख जनजातियों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'थारू जनजाति' - यह जनजाति मुख्य रूप से गोरखपुर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और लखीमपुर खीरी जिलों के तराई क्षेत्रों में निवास करती है, तथा यह दीपावली को 'शोक पर्व' के रूप में मनाती है।
2. 'बुक्सा (बोक्सा) जनजाति' - यह मुख्य रूप से बिजनौर और आगरा जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में पाई जाती है, जो पटवारी नामक पंचायत व्यवस्था का पालन करती है और इनकी भाषा हिंदी तथा ब्रजभाषा से प्रभावित है।
3. 'جونसारी' (जौनसारी) जनजाति - यह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के ललितपुर और झाँसी जिलों के पठारी क्षेत्रों में निवास करती है, तथा बहुपति विवाह प्रथा (Polyandry) इनकी प्रमुख सामाजिक विशेषता है।
4. 'सहरिया जनजाति' - यह मुख्य रूप से ललितपुर जिले में केंद्रित है, जो वनों पर अपनी आजीविका के लिए निर्भर है और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इन्हें विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के रूप में मान्यता दी गई है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की रणनीतियाँ और शिक्षण तकनीक (Learning Strategies and Teaching Techniques)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन हाटी (John Hattie) द्वारा प्रतिपादित 'दृश्यमान अधिगम' (Visible Learning) और 'पारस्परिक शिक्षण' (Reciprocal Teaching: अनुमान लगाना, प्रश्न पूछना, स्पष्ट करना और सारांश देना) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'एन्टेरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (ACC), और 'डॉसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच मेटाकॉग्निटिव निगरानी, त्रुटि अन्वेषण, और सामाजिक-संज्ञानात्मक परिप्रेक्ष्य ग्रहण (Social-Cognitive Perspective Taking) की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD - Zone of Proximal Development) और 'स्काफोल्डिंग' (Scaffolding) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-विजिबल लर्निंग ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Visible Learning Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-नियमित अधिगम (Self-Regulated Learning), सहयोगात्मक समस्या-समाधान व समग्र संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत दी गई विभिन्न सूचियों (संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची) और उनके विषयों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल संविधान में संघ सूची में 97 विषय थे, जबकि वर्तमान में गणना की दृष्टि से इसमें लगभग 100 विषय शामिल हैं, जिनमें रक्षा, विदेशी मामले, परमाणु ऊर्जा, रेलवे और बैंकिंग जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषय आते हैं।
2. राज्य सूची के अंतर्गत मूल रूप से 66 विषय थे, जिन्हें घटाकर वर्तमान में 61 कर दिया गया है, और इसके अंतर्गत पुलिस, सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता, कृषि तथा कारागार जैसे विषय शामिल हैं। 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा 'शिक्षा', 'वन', 'नापतोल' और 'वन्यजीवों एवं पक्षियों का संरक्षण' जैसे विषयों को राज्य सूची से निकालकर समवर्ती सूची में स्थानांतरित कर दिया गया था।
3. समवर्ती सूची (Concurrent List) की अवधारणा को भारतीय संविधान में ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है, और इस सूची में शामिल विषयों पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं, परंतु यदि दोनों के कानूनों में कोई टकराव हो, तो संसद द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होता है, बशर्ते राज्य के कानून को राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति प्राप्त न हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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