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Indian Polity
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अनुच्छेद 23 क्या रोकता है?
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Detailed Explanation
अनुच्छेद 23 मानव दुर्व्यापार और बलात् श्रम को रोकता है।
Related Questions
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की अधिकारिता, अवमानना की शक्ति तथा न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित संवैधानिक उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 129 के अनुसार उच्चतम न्यायालय एक 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record) है और उसे अपनी अवमानना के लिए, जिसमें न्यायपालिका की गरिमा और प्राधिकार को धूमिल करने वाले कृत्य शामिल हैं, दंड देने की शक्ति प्राप्त है, और इस शक्ति में अपनी किसी भी भूल या आदेश का स्वयं पुनरावलोकन करने की अंतर्निहित शक्ति भी सम्मिलित है।
2. संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति को उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने की शक्ति प्राप्त है, और यदि विधि या तथ्य का कोई ऐसा सार्वजनिक महत्व का प्रश्न उत्पन्न होता है जिस पर राष्ट्रपति राय मांगता है, तो उच्चतम न्यायालय के लिए राष्ट्रपति को अपनी राय देना अनिवार्य होता है, तथा राष्ट्रपति उस राय को मानने के लिए भी पूर्णतः बाध्य होता है।
3. राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) अधिनियम, 2014 को उच्चतम न्यायालय ने 'सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन बनाम भारत संघ वाद (2015)' में संविधान के मूल ढांचे (Basic Structure) यानी न्यायपालिका की स्वतंत्रता का उल्लंघन करने के कारण असंवैधानिक और शून्य घोषित कर दिया था, जिसके फलस्वरूप कॉलेजियम प्रणाली पुनः प्रभावी हो गई।
4. संविधान के अनुच्छेद 145 के अनुसार उच्चतम न्यायालय को संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए, राष्ट्रपति के अनुमोदन से न्यायालय की पद्धति और प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए नियम बनाने की शक्ति प्राप्त है, किंतु संवैधानिक मामलों (Constitutional Matters) की सुनवाई के लिए बैठने वाले न्यायाधीशों की न्यूनतम संख्या पाँच होनी अनिवार्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत भारत के राष्ट्रपति की आपातकालीन, कूटनीतिक और कार्यकारी शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा या उसकी समाप्ति के लिए राष्ट्रपति को मंत्रिमंडल (Cabinet) की लिखित संस्तुति प्राप्त होना अनिवार्य है, और 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 के पश्चात राष्ट्रपति इस उद्घोषणा को वापस लेने या जारी रखने के लिए मंत्रिपरिषद की सलाह से स्वतंत्र होकर अपने स्वविवेक का प्रयोग कर सकता है।
2. भारत का राष्ट्रपति देश का औपचारिक राज्यप्रमुख (Head of the State) होने के नाते सभी अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ और समझौते राष्ट्रपति के नाम से ही किए जाते हैं, किंतु अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व और संधियों/समझौतों का वास्तविक अनुसमर्थन (Ratification) केवल प्रधानमंत्री या उनके द्वारा अधिकृत मंत्रिपरिषद द्वारा किया जाता है, जिसके लिए संसद की पूर्व अनुमति सर्वथा अनिवार्य है।
3. अनुच्छेद 74 के अंतर्गत राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग करने में मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार कार्य करेगा, किंतु राष्ट्रपति इस सलाह को पुनर्विचार के लिए एक बार वापस भेज सकता है और पुनर्विचार के पश्चात लौटाई गई सलाह के अनुसार कार्य करने के लिए राष्ट्रपति संवैधानिक रूप से बाध्य होता है, जिसे 44वें संविधान संशोधन द्वारा और अधिक स्पष्ट किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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उपराष्ट्रपति को हटाने का प्रस्ताव कहाँ पेश किया जाता है?
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भारतीय संसद के गठन, लोकसभा और राज्यसभा की संरचना तथा विधाई प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 79 के अनुसार भारत की संसद के तीन अंग हैं—राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा, और राष्ट्रपति यद्यपि संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं होता है, तथापि वह संसद का अभिन्न अंग होता है क्योंकि संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित कोई भी विधेयक तब तक अधिनियम नहीं बनता जब तक राष्ट्रपति उस पर अपनी अनुमति (Assent) प्रदान नहीं कर देता।
2. राज्यसभा में राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों के प्रतिनिधियों का निर्वाचन अप्रत्यक्ष रूप से होता है, जिसमें प्रत्येक राज्य के प्रतिनिधियों का निर्वाचन राज्य की विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा किया जाता है, तथा संघ राज्यक्षेत्रों के मामले में यह निर्वाचन संसद द्वारा विधि द्वारा विहित रीति से होता है (वर्तमान में केवल दिल्ली और पुडुचेरी तथा जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा में प्रतिनिधि हैं)।
3. विधाई प्रक्रिया के अंतर्गत, धन विधेयकों (Money Bills) को छोड़कर किसी भी साधारण विधेयक को संसद के किसी भी सदन में पुनःस्थापित (Introduce) किया जा सकता है, और यदि किसी साधारण विधेयक पर संसद के दोनों सदनों के बीच गतिरोध उत्पन्न हो जाता है, तो संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत राष्ट्रपति दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) आहुत कर सकता है, जिसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष द्वारा की जाती है, तथा संयुक्त बैठक में यह विधेयक उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से पारित किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में 'विधि के समक्ष समानता' का अधिकार दिया गया है?
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