जीन पियाजे
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'संवेदी-गामक अवस्था' (Sensorimotor Stage: जन्म से लगभग 2 वर्ष) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए:
- 1. इस अवस्था में शिशु अपनी ज्ञानेंद्रियों (Senses) और शारीरिक गतिविधियों (Motor Actions) के माध्यम से संसार का अन्वेषण करता है और वस्तुओं को केवल प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करता है।
- 2. इस चरण की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का विकास है, जिसके तहत बालक यह समझने लगता है कि वस्तुएं तब भी अस्तित्व में रहती हैं जब वे उसकी दृष्टि से ओझल हो जाती हैं।
- 3. इस अवस्था के दौरान बालक में 'प्रतीकात्मक चिंतन' (Symbolic Thought) और भाषा के प्रयोग की पूर्ण क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वह अपने विचारों को शब्दों और संकेतों के माध्यम से व्यक्त करने में सक्षम हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'संवेदी-गामक अवस्था' (Sensorimotor Stage) जन्म से लगभग 2 वर्ष की आयु तक होती है। इस अवस्था में शिशु अपनी ज्ञानेंद्रियों और शारीरिक गतिविधियों द्वारा सीखते हैं और 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) इस चरण की एक प्रमुख विशेषता है (कथन 1 और 2 सही हैं)। हालांकि, 'प्रतीकात्मक चिंतन' (Symbolic Thought) और भाषा का पूर्ण विकास इस अवस्था में नहीं होता, बल्कि यह अगली अवस्था यानी 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) की विशेषता है। अतः कथन 3 गलत है।
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पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा सबसे बेहतर सीखता है:
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है?
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पियाजे के अनुसार 'आत्मसात्करण' (Assimilation) क्या है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालक में 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता का पूर्ण विकास हो जाता है, जिससे वह यह समझ पाता है कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन करने पर भी उसकी मात्रा या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
2. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बच्चे वस्तुओं और घटनाओं के वर्गीकरण (Classification), उत्क्रमणीयता (Reversibility) और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यताओं में पारंगत हो जाते हैं, लेकिन वे अमूर्त तार्किक चिंतन और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetical-deductive reasoning) का उपयोग करने में असमर्थ होते हैं।
3. पियाजे के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) वह अंतिम चरण है जो किशोरावस्था से प्रारंभ होता है, जिसमें व्यक्ति वैज्ञानिक पद्धति से सोचना सीखता है और विभिन्न संभावनाओं के आधार पर अमूर्त समस्याओं का समाधान कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) में बच्चों के भीतर 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह से विकसित हो जाता है, जिससे वे यह समझ जाते हैं कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन करने से उसकी मात्रा या आयतन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
2. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) के दौरान बालकों में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता आ जाती है, जिससे वे किसी वस्तु या समस्या को केवल एक ही आयाम के बजाय एक साथ कई दृष्टियों से देखने में सक्षम होते हैं।
3. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) लगभग 11-12 वर्ष की आयु से प्रारंभ होती है, जिसमें बालक अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) करने की योग्यता अर्जित कर लेते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage: लगभग 2 से 7 वर्ष) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालकों में 'जीववाद' (Animism) की प्रवृत्ति पाई जाती है, जिसके तहत वे निर्जीव वस्तुओं (जैसे खिलौने, गुड़िया या बादल) को भी सजीव मानकर उनमें मानवीय भावनाएं और चेतना होने की कल्पना करते हैं।
2. बालक 'अहमकेंद्रिता' (Egocentrism) से ग्रसित होता है, जिसका अर्थ है कि वह केवल अपने दृष्टिकोण से ही दुनिया को देखता है और यह मान कर चलता है कि दूसरे लोग भी ठीक वैसे ही सोचते और महसूस करते हैं जैसा वह स्वयं करता है।
3. इस चरण के दौरान बालकों में 'पलटावी गुण' या उत्क्रमणीयता (Reversibility) की पूर्ण क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वे आसानी से यह समझ लेते हैं कि यदि पानी को बर्फ में बदला जा सकता है, तो बर्फ को पुनः पानी में भी परिवर्तित किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालकों में 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-deductive Reasoning) की क्षमता विकसित होती है, जिससे वे अमूर्त समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न संभावनाओं और परिकल्पनाओं का तार्किक रूप से परीक्षण कर सकते हैं।
2. इस चरण के दौरान किशोरों में 'अहंप्रकेंद्रिता' (Adolescent Egocentrism) की भावना उत्पन्न होती है, जिसके अंतर्गत वे 'काल्पनिक दर्शक' (Imaginary Audience) और 'व्यक्तिगत कथा' (Personal Fable) जैसी मानसिक अनुभूतियों का अनुभव करते हैं।
3. इस अवस्था में पहुँचने पर बालक बिना किसी भौतिक या मूर्त सहारे के केवल भाषाई प्रतीकों और मौखिक बयानों के आधार पर ही तार्किक निष्कर्ष निकालने में पूरी तरह सक्षम हो जाते हैं, और संरक्षण (Conservation) का नियम इस अवस्था से बहुत पहले ही समाप्त हो चुका होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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