त्वरित लिंक्स
UPTET
4 views
उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों के संदर्भ में, ब्रज क्षेत्र में 'चरकुला नृत्य' किस विशेष अवसर पर आयोजित किया जाता है और इस नृत्य की मुख्य विशेषता क्या होती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र का 'चरकुला नृत्य' एक अत्यंत प्रसिद्ध लोक नृत्य है। यह मुख्य रूप से होली के दूसरे दिन (दूज) किया जाता है। इस नृत्य में महिलाएं अपने सिर पर बैलगाड़ी या रथ के पहिए (जिस पर 108 या उससे अधिक जलते हुए दीपक रखे होते हैं) को रखकर संतुलन बनाते हुए ब्रज के लोकगीतों की धुनों पर नृत्य करती हैं। यह नृत्य राधा-कृष्ण की आराधना और ब्रज संस्कृति का अनूठा प्रतीक है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities - विशेष रूप से डिस्लेक्सिया / Dyslexia) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'ऑक्सीपिटो-टेम्पोरल विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (VWFA), 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Wernicke's Area से संबंधित), और 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Broca's Area) के बीच फोनोलॉजिकल डिकोडिंग (Phonological Decoding), दृश्य-श्रव्य एकीकरण (Audiovisual Integration), और ऑर्थोग्राफिक मैपिंग (Orthographic Mapping) की सक्रियण विफलता तथा दोषपूर्ण तंत्रिका नेटवर्क (Neural Disconnectivity) की गतिकी, तथा सैम्युअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा गढ़ा गए 'लर्निंग डिसेबिलिटी' प्रत्यय और आधुनिक बहुसंवेदी शिक्षण विधियों (مثل Orton-Gillingham Method) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिसेबिलिटी ऑप्टिमाइज्ड रेमेडियल पेडागोजी' (Neuro-Disability Optimized Remedial Pedagogy) और विद्यार्थियों में ध्वन्यात्मक जागरूकता (Phonological Awareness), पाठ्य-बोध (Reading Comprehension) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
हिंदी भाषा शिक्षण में 'मौखिक अभिव्यक्ति' (Oral Expression) की दक्षता का मूल्यांकन करने के लिए निम्नलिखित में से कौन सी परीक्षा या गतिविधि सबसे अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक मानी जाती है?
→
प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली, वैदिक काल और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शैक्षणिक व दार्शनिक केंद्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के 'वाराणसी' (काशी) को प्राचीन काल से ही वेदों, उपनिषदों और दर्शनशास्त्र की उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है, जहाँ उपनिषद काल में काशिराज अजातशत्रु और दार्शनिक उद्दालक आरुणि जैसे विद्वानों की सभाओं का उल्लेख मिलता है।
2. 'नैमिषारण्य' (वर्तमान सीतापुर जिला), जिसका उल्लेख पुराणों में 80,000 ऋषियों की तपोभूमि के रूप में मिलता है, प्राचीन वैदिक संस्कृति और पुराणों के श्रवण-वाचन का एक अत्यंत पवित्र अरण्य (वन) केंद्र था।
3. बौद्ध काल में उत्तर प्रदेश के 'श्रावस्ती' स्थित जेतवन आर्म (Jetavana) और 'कौशाम्बी' स्थित घोषइटाराम विहार केवल धार्मिक गतिविधियों के केंद्र थे, और यहाँ किसी भी प्रकार की उच्च बौद्ध शिक्षा या तार्किक दर्शन की शिक्षा देने की कोई व्यवस्था नहीं थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम और जैव-भू-रासायनिक चक्र (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'नाइट्रोजन चक्र' के अंतर्गत वायुमंडल की स्वतंत्र नाइट्रोजन गैस का पौधों द्वारा सीधे उपयोग नहीं किया जा सकता, इसलिए राइजोबियम जैसे जीवाणु इसका स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) करते हैं, और अमोनीकरण की प्रक्रिया के माध्यम से अमोनिया का नाइट्रेट्स में परिवर्तन नाइट्रोसोमोनास और नाइट्रोबैक्टर जैसे जीवाणुओं द्वारा किया जाता है।
2. 'कार्बन चक्र' में प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को कम करती है, जबकि श्वसन, जीवाश्म ईंधनों का दहन और वनों की कटाई वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को बढ़ाते हैं।
3. 'फास्फोरस चक्र' एक गैसीय चक्र (Gaseous Cycle) का उत्कृष्ट उदाहरण है, क्योंकि फास्फोरस का मुख्य भंडार वायुमंडल होता है और यह चक्र वायुमंडलीय परिसंचरण के माध्यम से ही संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र में संचालित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम पठार' (Plateau of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, गैरी (Gary) और अन्य मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम पठार के कारणों' (थकान, प्रेरणा की कमी, जटिलता में वृद्धि और अनुचित शिक्षण विधियाँ) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'स्ट्रिएटम' (Striatum), और 'संवेदी-प्रेरक नेटवर्क' (Sensorimotor Network) के बीच सिनेप्टिक अतिभार (Synaptic Overload), डोपामिनर्जिक मार्ग की संवेदनशीलता में कमी, और स्वचालितता (Automaticity) व संज्ञानात्मक लचीलेपन के बीच गतिरोध की सक्रियण गतिकी, तथा लुईस (Luhse) के 'अधिगम वक्र' (Learning Curve) के पठार बिंदु के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्लेटऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Plateau Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक विश्राम रणनीतियों (Cognitive Rest Strategies), परिवर्तनशील शिक्षण विधियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.