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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सी अवस्था 'अनुमानित-निगमनात्मक चिंतन' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त तर्क' (Abstract Reasoning) के विकास की विशेषता को सबसे सटीक रूप से दर्शाती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 11 वर्ष से किशोरावस्था एवं आगे) में बालकों के भीतर अमूर्त चिंतन, तार्किक सोच और 'अनुमानित-निगमनात्मक चिंतन' की क्षमता का पूर्ण विकास होता है। इस अवस्था में बच्चे बिना किसी प्रत्यक्ष या भौतिक वस्तु की उपस्थिति के केवल परिकल्पनाओं (Hypothesis) के आधार पर समस्याओं का समाधान करने और जटिल वैचारिक समस्याओं को हल करने में सक्षम हो जाते हैं।
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की सबसे सटीक व्याख्या करती है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विशिष्ट अधिगम अक्षमता (Learning Disabilities - Specific LD)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डिस्लेक्सिया (Dyslexia) के 'फोनोलॉजिकल डेफिसिट मॉडल' (Phonological Deficit Model) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएं हेमिस्फीयर के टेम्पो-पैरिएटल जंक्शन' (Left Temporoparietal Junction), 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), और 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (VWFA - ऑसिपिटो-टेम्पोरल कॉर्टेक्स) के बीच ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण (Phonological Processing), दृश्य-शब्द मैपिंग (Visual-Word Mapping), और ऑर्थोग्राफिक डिकोडिंग की सक्रियण गतिकी, तथा स्टैनिस्लास दहाने (Stanislas Dehaene) के 'न्यूरोनल रीसाइक्लिंग हाइपोथैसिस' (Neuronal Recycling Hypothesis) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरियल फोनिक्स-बेस्ड पेडागोजी (Multisensory Phonics-Based Pedagogy) और विद्यार्थियों में पठन दक्षता, फोनोलॉजिकल जागरूकता व समग्र साक्षरता कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालकों के भीतर 'संरक्षण' (Conservation) का गुण विकसित हो जाता है, जिससे वे यह समझ जाते हैं कि किसी वस्तु के रूप, आकार या रंग में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, आयतन या द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है।
2. बच्चे वस्तुओं को उनके किसी एक गुण (जैसे केवल रंग या केवल आकार) के आधार पर वर्गीकृत करने की बजाय कई मानदंडों के आधार पर एक साथ छाँट सकते हैं, जिसे 'वर्गीकरण' (Classification) की क्षमता कहा जाता है।
3. इस अवस्था के दौरान बालक पूरी तरह से 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) और 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क' में पारंगत हो जाते हैं, और उन्हें अपने तर्कों की पुष्टि के लिए प्रत्यक्ष या भौतिक रूप से सामने मौजूद वस्तुओं की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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