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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities - विशेष रूप से डिस्लेक्सिया / Dyslexia) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'फॉनेटिक्स और फॉनोलॉजिकल प्रोसेसिंग' (Phonological Processing) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Superior Temporal Gyrus - STG), 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), और 'वेंट्राल ऑसिपिटो-टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Ventrolateral Occipito-Temporal Cortex - Visual Word Form Area) के बीच श्रवण-दृश्य समन्वय, ध्वन्यात्मक विच्छेदन (Phonemic Decoding), और शब्द पहचान की सक्रियण गतिकी, तथा सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम अक्षमता की संकल्पना' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिसएबिलिटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Disability Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी शिक्षण रणनीतियों (Multisensory Teaching Strategies - Orton-Gillingham Method), उपचारात्मक शिक्षण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डिस्लेक्सिया एक विशिष्ट तंत्रिका-विकास संबंधी विकार (Neurodevelopmental disorder) है जो मुख्य रूप से मस्तिष्क के 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (VWFA) और 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' के बीच फॉनोलॉजिकल प्रोसेसिंग में असंतुलन या कम कनेक्टिविटी के कारण होता है। बहुसंवेदी शिक्षण विधियाँ (जैसे ऑर्टन-गिलिंघम पद्धति) न्यूरोप्लास्टिसिटी के माध्यम से इन तंत्रिका पथों को पुनर्गठित करने में सहायता करती हैं।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, कृषि-जलवायु प्रदेशों और मृदा प्रकारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 (नौ) कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, और यहाँ पाई जाने वाली 'परवा' (Parwa) मृदा मुख्य रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र की एक हल्की दोमट मृदा है जिसमें बालू और चिकनी मिट्टी का मिश्रण होता है, जो चना और ज्वार की खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
2. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में पाई जाने वाली 'रूँड़' (Rund) या कछार की मिट्टी हर साल बाढ़ के पानी द्वारा लाई जाती है, जिसके कारण यह अत्यंत उपजाऊ होती है और इसमें पोटाश तथा चूने की अधिकता होती है, किंतु नाइट्रोजन की भारी कमी पाई जाती है।
3. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी और पहाड़ी क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'भाबर' (Bhabhar) मृदा में से 'भाबर' मृदा मुख्य रूप से सहारनपुर से लेकर कुशीनगर तक तराई के ठीक उत्तर में कंकड़-पत्थर और मोटे रेत से युक्त होती है, जहाँ नदियाँ भूमिगत हो जाती हैं और कृषि कार्य के लिए यह अत्यधिक उपजाऊ होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, मृदा अपरदन और कृषि संबंधी विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी और पश्चिमी जिलों (विशेषकर आगरा, इटावा और औरैया) में यमुना और उसकी सहायक नदियों द्वारा तीव्र जल प्रवाह के कारण 'अवनलिका अपरदन' (Gully Erosion) होता है, जिसके फलस्वरूप ऊबड़-खाबड़ और गहरी घाटियों वाले 'बीहड़' (Ravines) क्षेत्रों का निर्माण हुआ है।
2. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में पाई जाने वाली मिट्टी मुख्यतः मटियाियार और दोमट होती है, जिसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस की प्रचुरता होती है, लेकिन इसमें पोटाश और चूने की अत्यधिक कमी पाई जाती है जिसके कारण यहाँ केवल बाजरा और ज्वार की खेती की जाती है।
3. राज्य के पूर्वी मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और मिट्टी की क्षारीयता (Alkalinity) को दूर करने के लिए जिप्सम (Gypsum) के प्रयोग की संस्तुति की जाती है, क्योंकि यह मृदा के पीएच (pH) मान को संतुलित करने में सहायक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम शैलियाँ (Learning Styles)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड कोब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवजन्य अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: मूर्त अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा, और सक्रिय प्रयोग) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'संवेदी-चालक कॉर्टेक्स' (Sensory-Motor Cortex) के बीच सूचना एकीकरण (Information Integration), स्मृति समेकन (Memory Consolidation), और लचीले संज्ञानात्मक नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा नील फ्लेमिंग (Neil Fleming) के 'VARK मॉडल' (Visual, Auditory, Reading/Writing, and Kinesthetic) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'मल्टी-मोडल कॉग्निटिव पेडागोजी' (Multi-Modal Cognitive Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत अधिगम अनुकूलन, वैचारिक लचीलेपन व समग्र बौद्धिक प्रसंस्करण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम वक्रीकरण' (Learning Curves) के संदर्भ में, जब सीखने की प्रक्रिया के शुरुआती चरणों में अधिगम की गति अत्यंत तीव्र होती है और जैसे-जैसे अभ्यास बढ़ता है, अधिगम की दर मंद पड़ती जाती है, तो इस प्रकार के उत्तल वक्र (Convex Curve) या 'धनात्मक वृद्धि वक्र' (Positive Acceleration Curve) के विपरीत 'ऋणात्मक वृद्धि वक्र' (Negative Acceleration Curve) के वैज्ञानिक स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि-जलवायु प्रदेशों और फसल वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान, वर्षा और मृदा की विविधता को दर्शाते हैं।
2. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली नवीन जलोढ़ मृदा को 'खादर' (Khadar) कहा जाता है, जो प्रतिवर्ष बाढ़ के निक्षेपों द्वारा नवीकृत होती है और इसमें पोटाश तथा चूने की अधिकता होती है, जबकि नाइट्रोजन की कमी पाई जाती है।
3. बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'परवा' (Parwa) मृदा हल्की बलुई-दोमट प्रकार की मृदा होती है, जो मुख्य रूप से ढलान वाले क्षेत्रों में पाई जाती है और इसमें ज्वार, बाजरा तथा तिल की खेती की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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