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General Science — Free MCQ Questions & Mock Test
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🎯 136 Mock Tests Khelein
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विद्युत परिपथों और चालकों के विद्युत गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी धात्विक चालक का विद्युत प्रतिरोध (Electrical Resistance) उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है और तापमान में वृद्धि होने पर धात्विक चालकों का प्रतिरोध बढ़ जाता है क्योंकि मुक्त इलेक्ट्रॉनों का औसत विश्राम काल (Relaxation time) घट जाता है। 2. किर्चॉफ का द्वितीय नियम (पाश नियम या KVL) ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी बंद लूप में कुल विद्युत वाहक बलों का बीजगणितीय योग उस लूप के विभिन्न भागों में उत्पन्न विभवांतरों के बीजगणितीय योग के बराबर होता है। 3. जब कई प्रतिरोधकों को समांतर क्रम (Parallel) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध से कम होता है, और परिपथ की कुल धारा व्यक्तिगत धाराओं के योग के बराबर होती है। 4. एक आदर्श अमीटर का आंतरिक प्रतिरोध अनंत होना चाहिए ताकि वह जिस श्रेणीक्रम में जोड़ा जाए, उससे अधिकतम धारा प्रवाहित हो सके और वह धारा का यथार्थ मापन कर सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हार्मोनल नियंत्रण प्रणालियों की क्रियात्मक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हाइपोटैलेमस (Hypothalamus) द्वारा स्रावित होने वाले 'रिलीजिंग हार्मोन्स' (Releasing hormones) एडिनोहाइपोफाइसिस (अग्र पीयूष ग्रंथि) की ग्रंथिल कोशिकाओं को उनके विशिष्ट हार्मोनों के संश्लेषण और स्रावण के लिए प्रेरित करते हैं, जबकि इसका पश्च भाग (न्यूरोहाइपोफाइसिस) केवल हाइपोटैलेमस द्वारा निर्मित ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन का भंडारण और विमोचन करता है। 2. पैराथाइरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) एक हाइपरकैल्सेमिक हार्मोन है जो रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को बढ़ाने के लिए अस्थियों के विखनिजीकरण (Bone resorption) को प्रेरित करता है और वृक्क नलिकाओं में कैल्शियम के पुनर्अवशोषण को बढ़ाता है। 3. अधिवृक्क वल्पुट (Adrenal Cortex) का मध्य क्षेत्र 'जोना रेटिकुलारिस' मुख्य रूप से एंड्रोजन (नर हार्मोन) का स्रावण करता है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों में यौवनारम्भ के दौरान रोमकूपों, कक्षीय और जघन बालों के विकास के लिए उत्तरदायी होते हैं। 4. अग्न्याशय की लैंगरहैंस द्वीपिकाओं की डेल्टा (δ) कोशिकाएँ 'सोमैटोस्टैटिन' (Somatostatin) का स्रावण करती हैं, जो अल्फा कोशिकाओं से ग्लूकागन और बीटा कोशिकाओं से इंसुलिन के स्रावण को तीव्र गति से उत्तेजित करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों, उनके संचरण के माध्यम, रोगजनकों तथा उनके निदान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'टिटनेस' (Tetanus) एक जीवाणु जनित संक्रामक रोग है जो क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी (Clostridium tetani) के बीजाणुओं द्वारा होता है, और इसके विषैले एक्सोटॉक्सिन (टिटेनोस्पासमिन) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करके कंकाल पेशियों में दीर्घकालिक अनैच्छिक संकुचन (Spasms) उत्पन्न करते हैं। 2. 'एड्स' (AIDS) का कारक ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) एक रेट्रोवाइरस है जिसमें आनुवंशिक पदार्थ के रूप में एकल-रज्जुक डीएनए (Single-stranded DNA) पाया जाता है, जो मुख्य रूप से शरीर की $CD4^+$ सहायक टी-कोशिकाओं को संक्रमित करता है। 3. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy) जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, माइकोबैक्टीरियम लेप्री के कारण होता है, जो एक अंतःकोशिकीय जीवाणु है और मुख्य रूप से परिधीय तंत्रिकाओं, त्वचा तथा ऊपरी श्वसन पथ के ऊतकों को प्रभावित करता है। 4. 'कालाजार' (Kala-azar) या विसरल लीशमैनियासिस एक प्रोटोजोआ जनित रोग है, जिसका संचरण 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी - Phlebotomus) द्वारा होता है, और यह परजीवी मुख्य रूप से मानव शरीर की यकृत, प्लीहा और अस्थि मज्जा की रेटिकुलोएन्डोथेलियल कोशिकाओं में गुणन करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) सामान्यतः घटती है, क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में वृद्धि होती है, जिससे बाह्यतम इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर अधिक तीव्रता से आकर्षित होते हैं। 2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान हैलोजन समूहों में सबसे अधिक होता है, और आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में सबसे अधिक होता है। 3. आयनन एन्थैल्पी (Ionisation Enthalpy) का मान किसी भी आवर्त में न्यूनतम क्षार धातुओं (Alkali Metals) के लिए और अधिकतम उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) के लिए होता है। 4. तत्वों के धात्विक गुण (Metallic Character) वर्ग में नीचे की ओर जाने पर बढ़ते हैं क्योंकि आयनन ऊर्जा के मान कम होने से इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/आवर्त_सारणी" target="_blank" rel="noopener">विकिपीडिया संदर्भ</a> में दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) और कोशिका अंगों की संरचना तथा उनके विभाजन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. माइटोकॉन्ड्रिया और हरित लवक (Chloroplasts) अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिका अंगक हैं, जिनमें उनका स्वयं का वृत्ताकार डीएनए, 70S प्रकार के राइबोसोम और प्रोटीन संश्लेषण करने की क्षमता पाई जाती है, क्योंकि इनकी उत्पत्ति अंतःसहप्रजीविता (Endosymbiosis) सिद्धांत के अनुसार प्राचीन प्रोकैरियोटिक जीवों से मानी जाती है। 2. गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus) मुख्य रूप से ग्लाइकोसिलेशन (Glycosylation) और ग्लाइकोलिपिड के निर्माण का प्रमुख स्थल है, और इसका 'सिस' (Cis) या निर्माण मुख (Forming face) हमेशा प्लाज्मा झिल्ली की ओर तथा 'प्रान्स' (Trans) या परिपक्व मुख हमेशा केंद्रक की ओर उन्मुख होता है। 3. समसूत्री विभाजन (Mitosis) की 'मेटाफेज' (Metaphase) अवस्था के दौरान गुणसूत्र सबसे अधिक संघनित और स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं, और इस अवस्था में तर्कु तंतु (Spindle fibers) गुणसूत्रों के काइनेटोकोर (Kinetochore) से जुड़ जाते हैं। 4. लाइसोसोम एकल झिल्ली से घिरे ऐसे कोशिका अंगक हैं जिनमें अम्लीय फॉस्फेटेज और हाइड्रोलेस जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइम भरपूर मात्रा में होते हैं, जो केवल बाह्य पदार्थों के पाचन में सहायक होते हैं, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/कोशिका_(जीवविज्ञान)" target="_blank" rel="noopener">विकिपीडिया संदर्भ</a> में दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों की जैव रासायनिक एवं आनुवंशिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ABO रक्त समूह प्रणाली लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर उपस्थित ग्लाइकोप्रोटीन या एंटीजन (A और B) की उपस्थिति पर आधारित होती है, जिनका संश्लेषण 'I' जीन द्वारा नियंत्रित होता है, जिसके तीन एलील ($I^A$, $I^B$, और $i$) होते हैं और यह बहु-युग्मविकल्पी (Multiple allelism) तथा सह-प्रभाविता (Codominance) का उत्कृष्ट उदाहरण है। 2. 'आरएच कारक' (Rh factor) एक अन्य महत्वपूर्ण एंटीजन है जिसकी खोज मैकाक रीसस बंदर में की गई थी; यदि किसी व्यक्ति के रक्त में Rh एंटीजन अनुपस्थित है, तो वह Rh-ऋणात्मक कहलाता है, और 'गर्भक्ता रक्ताकोरकता' (Erythroblastosis fetalis) की गंभीर स्थिति तब उत्पन्न होती है जब पिता Rh-धनात्मक और माता Rh-धनात्मक होती है। 3. सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता (Universal Recipient) रक्त समूह AB होता है क्योंकि इसकी प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी (Agglutinins) अनुपस्थित होते हैं, जिससे यह किसी भी समूह के रक्त को प्राप्त कर सकता है बिना किसी गंभीर प्रतिरक्षी प्रतिक्रिया के। 4. रुधिर स्कंदन (Blood coagulation) की जटिल कैस्केड प्रक्रिया में, थ्रॉम्बोप्लास्टिन और कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) की उपस्थिति में प्रोथ्रॉम्बिन, सक्रिय थ्रॉम्बिन में परिवर्तित होता है, जो आगे घुलनशील फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन तंतुओं में बदल देता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/रक्त_समूह" target="_blank" rel="noopener">विकिपीडिया संदर्भ</a> में दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्रकाशिकी में लेंसों और दर्पणों के परावर्तन तथा अपवर्तन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी उत्तल दर्पण (Convex mirror) की फोकस दूरी धनात्मक होती है और यह हमेशा वस्तु की स्थिति चाहे जो भी हो, एक आभासी, सीधी और छोटी छवि बनाता है, जिसका उपयोग वाहनों में पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में किया जाता है क्योंकि इसका दृष्टि क्षेत्र (Field of view) विस्तृत होता है। 2. जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और उसका आपतन कोण माध्यम के क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक हो जाता है, तो किरण का अपवर्तन होने के बजाय वह उसी माध्यम में वापस लौट जाती है, जिसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहा जाता है। 3. जल में डूबे हुए एक वायु के बुलबुले का व्यवहार उत्तल लेंस की तरह होता है क्योंकि प्रकाश की किरणें विरल माध्यम (वायु) से सघन माध्यम (जल) में जाती हैं, जिससे किरणें अभिसरित हो जाती हैं। 4. एक समतल दर्पण की आवर्धन क्षमता (Magnification) का मान हमेशा +1 होता है, जिसका अर्थ है कि इसके द्वारा बनने वाली छवि का आकार वस्तु के आकार के बराबर और हमेशा सीधी होती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/प्रकाशिकी" target="_blank" rel="noopener">विकिपीडिया संदर्भ</a> में दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं में कोशिका कंकाल (Cytoskeleton) और केंद्रक की सूक्ष्म संरचनात्मक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. साइटोस्केलेटन (कोशिका कंकाल) मुख्य रूप से तीन प्रकार के प्रोटीन तंतुओं—सूक्ष्म तंतु (Microfilaments), सूक्ष्मनलिकाएं (Microtubules) और मध्यवर्ती तंतु (Intermediate filaments)—से मिलकर बना एक नेटवर्क होता है, जो कोशिका को आंतरिक यांत्रिक समर्थन, गतिशीलता और आकार प्रदान करता है। 2. केंद्रक आवरण (Nuclear envelope) एक दोहरी झिल्ली वाली संरचना है, जिसके बाहरी झिल्ली का अंतरिक्ष आमतौर पर अंतःद्रव्यी जालिका (Endoplasmic reticulum) की झिल्ली से जुड़ा होता है, और इसमें उपस्थित 'न्यूक्लियर पोर कॉम्प्लेक्स' (Nuclear pore complexes) मैक्रोमोलेक्यूल्स के द्वि-दिशात्मक परिवहन को नियंत्रित करते हैं। 3. केंद्रिका (Nucleolus) केंद्रक के भीतर एक झिल्ली-रहित (Membrane-less) सघन क्षेत्र होता है, जो मुख्य रूप से राइबोसोमल आरएनए (rRNA) के संश्लेषण और राइबोसोम के उप-इकाइयों के संयोजन का प्रमुख स्थल होता है। 4. गुणसूत्रों की संरचना में भाग लेने वाले 'हिस्टोन' (Histone) प्रोटीन क्षारीय प्रकृति के होते हैं, जिनमें लाइसिन और आर्जिनिन जैसे धनात्मक आवेशित अमीनो अम्ल प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो ऋणावेशित डीएनए को अपने चारों ओर लपेटकर न्यूक्लियोसोम बनाते हैं, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/कोशिका_कंकाल" target="_blank" rel="noopener">विकिपीडिया संदर्भ</a> में दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र की सूक्ष्म क्रियात्मक प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आमाशय की भित्ति में स्थित पैराइटल या ऑक्सिंटिक कोशिकाएँ हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ-साथ 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) स्रावित करती हैं, जो क्षुद्रांत के शोषी अंगों द्वारा विटामिन $B_{12}$ के अवशोषण के लिए अनिवार्य होता है। 2. फेफड़ों में गैसीय विनिमय के समय, जब रक्त सक्रिय ऊतकों से गुजरता है जहाँ उच्च $CO_2$ सांद्रता और कम $pH$ होता है, तो हीमोग्लोबिन की ऑक्सीजन के प्रति बंधुता घट जाती है, जिससे ऑक्सीजन का विमोचन आसान हो जाता है, जिसे 'बोर प्रभाव' (Bohr effect) कहा जाता है। 3. मानव हृदय के संवहन तंत्र में 'सिनोएट्रियल नोड' (SA Node) प्राकृतिक पेसमेकर के रूप में कार्य करता है क्योंकि यह स्वतः क्रियाविभव उत्पन्न करने की उच्चतम क्षमता रखता है, जबकि 'एट्रियोवेंट्रिकुलर नोड' (AV Node) आवेगों में थोड़ा विलंब उत्पन्न करता है ताकि आलिंदों का संकुचन निलयों के संकुचन से पूर्णतः पहले हो सके। 4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में तंत्रिका तंतुओं पर माइलिन आच्छद (Myelin sheath) का निर्माण 'शवान कोशिकाओं' (Schwann cells) द्वारा किया जाता है, जो नमक-मेड़ संचरण (Saltatory conduction) के माध्यम से आवेगों के संचरण की गति को धीमा कर देती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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