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UPTET
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त और प्रासंगिक है?

Detailed Explanation

पर्यावरण अध्ययन (EVS) और समग्र शिक्षा में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) का मुख्य उद्देश्य केवल रटने की क्षमता की जांच करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक, भावनात्मक और क्रियात्मक पक्षों (शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक दोनों) का निरंतर आकलन करना है ताकि शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में सुधार किया जा सके।
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'वाक्य रचना' और 'अर्थ के आधार पर वाक्य भेद' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अर्थ के आधार पर वाक्य के कुल आठ भेद होते हैं, जिनमें 'विधानवाचक', 'निषेधवाचक', 'प्रश्नवाचक', 'आज्ञावाचक', 'इच्छावाचक', 'संदिग्धवाचक' (या संदेहवाचक), 'संकेतवाचक' और 'विस्मयबोधक' वाक्य शामिल हैं। 2. 'शायद आज शाम को भारी वर्षा हो' यह वाक्य 'संदेहवाचक वाक्य' का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, क्योंकि इसमें क्रिया के होने में संदेह या अनिश्चितता का बोध होता है। 3. 'यदि तुम परिश्रम करते, तो अवश्य सफल होते' यह वाक्य 'इच्छावाचक वाक्य' के अंतर्गत आता है, क्योंकि इसमें वक्ता अपनी किसी तीव्र इच्छा या शुभकामना को व्यक्त कर रहा होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली, वैदिक काल और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शैक्षणिक व दार्शनिक केंद्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के 'वाराणसी' (काशी) को प्राचीन काल से ही वेदों, उपनिषदों और दर्शनशास्त्र की उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है, जहाँ उपनिषद काल में काशिराज अजातशत्रु और दार्शनिक उद्दालक आरुणि जैसे विद्वानों की सभाओं का उल्लेख मिलता है। 2. 'नैमिषारण्य' (वर्तमान सीतापुर जिला), जिसका उल्लेख पुराणों में 80,000 ऋषियों की तपोभूमि के रूप में मिलता है, प्राचीन वैदिक संस्कृति और पुराणों के श्रवण-वाचन का एक अत्यंत पवित्र अरण्य (वन) केंद्र था। 3. बौद्ध काल में उत्तर प्रदेश के 'श्रावस्ती' स्थित जेतवन आर्म (Jetavana) और 'कौशाम्बी' स्थित घोषइटाराम विहार केवल धार्मिक गतिविधियों के केंद्र थे, और यहाँ किसी भी प्रकार की उच्च बौद्ध शिक्षा या तार्किक दर्शन की शिक्षा देने की कोई व्यवस्था नहीं थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विशिष्ट बालकों की शिक्षा और समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education for Gifted and CWSN Children) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जोसेफ रेंजुल्ली (Joseph Renzulli) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनशीलता और प्रतिभा के तीन-वलय मॉडल' (Three-Ring Conception of Giftedness: औसत से ऊपर की बौद्धिक क्षमता, उच्च स्तर की सृजनशीलता, और उच्च स्तर की कार्य प्रतिबद्धता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'एंटोरहिनल कॉर्टेक्स' (Entorhinal Cortex), और 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) के बीच कार्यकारी नियंत्रण, दीर्घकालिक स्मृति समेकन, और विसर्जन (Flow State) की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'प्रतिभा का वांसर्ट मॉडल' (WICS Model: Wisdom, Intelligence, and Creativity Synthesized) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित उत्कृष्टता शिक्षाशास्त्र (Differentiated Excellence Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक कौशल, जटिल समस्या-समाधान व समग्र क्षमता संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अध्ययन' के अंतर्गत 'भारतीय संविधान और राजव्यवस्था' के संदर्भ में, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-I और 243-Y के अंतर्गत गठित 'राज्य वित्त आयोग' (State Finance Commission) की संवैधानिक स्थिति, स्थानीय निकायों (पंचायतों और नगर पालिका परिषदों) की वित्तीय स्थिति की समीक्षा, करों, शुल्कों और टोल के समर्पण या विनियोजन के सिद्धांतों की अनुशंसा, तथा राज्यपाल द्वारा आयोग की रिपोर्ट को राज्य विधानमंडल के पटल पर रखे जाने की अनिवार्यता के वैधानिक, प्रशासनिक और संघीय ढांचे से जुड़े आयामों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पियाजे के अनुसार बालक अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं अपने पर्यावरण के साथ सक्रिय अन्वेषण (Active Exploration) द्वारा करता है, जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार उच्च मानसिक क्रियाओं का विकास मुख्य रूप से सामाजिक अंतःक्रिया, संस्कृति और भाषा के आंतरिकरण (Internalization) के माध्यम से होता है। 2. पियाजे द्वारा प्रस्तावित 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) को वाइगोत्स्की ने बालक के विकास में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक सामाजिक बाधा माना है, और उनके अनुसार यह वयस्कों की नकल मात्र है जिसका संज्ञानात्मक विकास से कोई सीधा संबंध नहीं होता है। 3. वाइगोत्स्की के 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) की अवधारणा यह दर्शाती है कि अधिगम का वास्तविक स्तर और संभावित स्तर के बीच का अंतर केवल जैविक परिपक्वता (Biological Maturation) द्वारा निर्धारित होता है, न कि किसी अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) के सहयोग से। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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