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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पियाजे के अनुसार बालक अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं अपने पर्यावरण के साथ सक्रिय अन्वेषण (Active Exploration) द्वारा करता है, जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार उच्च मानसिक क्रियाओं का विकास मुख्य रूप से सामाजिक अंतःक्रिया, संस्कृति और भाषा के आंतरिकरण (Internalization) के माध्यम से होता है।
- 2. पियाजे द्वारा प्रस्तावित 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) को वाइगोत्स्की ने बालक के विकास में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक सामाजिक बाधा माना है, और उनके अनुसार यह वयस्कों की नकल मात्र है जिसका संज्ञानात्मक विकास से कोई सीधा संबंध नहीं होता है।
- 3. वाइगोत्स्की के 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) की अवधारणा यह दर्शाती है कि अधिगम का वास्तविक स्तर और संभावित स्तर के बीच का अंतर केवल जैविक परिपक्वता (Biological Maturation) द्वारा निर्धारित होता है, न कि किसी अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) के सहयोग से।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: जीन पियाजे का सिद्धांत 'निर्मितिवादिता' (Constructivism) पर आधारित है जहाँ बच्चा नन्हा वैज्ञानिक बनकर पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया करके ज्ञान का निर्माण करता है। वहीं, लेव वाइगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत संस्कृति, सामाजिक अंतःक्रिया और भाषा को संज्ञानात्मक विकास का केंद्र मानता है।
कथन 2 गलत है: पियाजे ने 'अहंकेन्द्रित वाक्' को बच्चे की आत्म-केंद्रित सोच का परिणाम माना है, लेकिन वाइगोत्स्की ने इसे 'निजी वाक्' (Private Speech) के रूप में देखा और कहा कि यह बालक के अपने व्यवहार को विनियमित (Self-regulation) करने का एक शक्तिशाली साधन है, न कि केवल वयस्कों की अर्थहीन नकल।
कथन 3 गलत है: ZPD की अवधारणा जैविक परिपक्वता पर आधारित नहीं है, बल्कि यह वास्तविक विकास के स्तर और 'अधिक ज्ञानी अन्य' (More Knowledgeable Other - MKO) जैसे शिक्षक, अभिभावक या साथी के मार्गदर्शन में संभावित विकास के स्तर के बीच का अंतर है।
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उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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