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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बालकों में 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा यानी यह समझ कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा या द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है, किस विकासात्मक अवस्था की मुख्य विशेषता है?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता का विकास 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) के दौरान होता है। इस अवस्था में बालक यह समझने में सक्षम हो जाता है कि किसी वस्तु का रूप, रंग या आकार बदलने पर भी उसका आयतन, द्रव्यमान या संख्या समान बनी रहती है। पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था के बच्चों में इस क्षमता का अभाव होता है (वे केंद्रीयकरण/Centration के शिकार होते हैं)।
Related Questions
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बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के प्रणेता लेव वायगोत्स्की के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास में भाषा और सामाजिक अंतःक्रिया की क्या भूमिका है? निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायगोत्स्की के अनुसार, बच्चे का विकास पहले सामाजिक स्तर पर होता है और बाद में व्यक्तिगत स्तर पर (अंतःमानसिक से अंतर्निहित मानसिक प्रक्रिया)।
2. 'निजी भाषा' (Private Speech) बच्चों के लिए आत्म-नियमन (Self-regulation) का एक साधन है, जो उनके विचारों और व्यवहार को निर्देशित करती है, न कि पियाजे की तरह केवल अहंकेंद्रित वाक्।
3. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) उस अंतर को दर्शाता है जो बच्चा स्वतंत्र रूप से किसी कार्य को करने और किसी वयस्क या अधिक सक्षम साथी (MKO) की सहायता से उस कार्य को पूरा करने के बीच अनुभव करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की परिवहन व्यवस्था, राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) और एक्सप्रेसवे के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश से गुजरने वाला 'राष्ट्रीय राजमार्ग 19' (NH-19, पुराना NH-2) दिल्ली से कोलकाता तक जाता है, जो राज्य के मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख ऐतिहासिक और औद्योगिक शहरों को जोड़ता है।
2. 'पूर्वांचल एक्सप्रेसवे' की कुल लंबाई लगभग 341 किलोमीटर है, जो लखनऊ जिले के चांदसराय से शुरू होकर बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, आजमगढ़ और मऊ से होते हुए गाज़ीपुर जिले के उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा के पास स्थित 'हैदरिया' गांव तक जाती है।
3. 'बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे' की कुल लंबाई लगभग 296 किलोमीटर है, जो चित्रकूट जिले के भरतकूप से शुरू होकर बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन और औरैया से गुजरते हुए इटावा जिले के कुदरैल गांव के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे में मिल जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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सामाजिक अध्ययन शिक्षण के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' (Civil Disobedience Movement) और वर्ष 1930-1931 के दौरान उत्तर प्रदेश (संयुक्त प्रांत) में चले 'कर-बंदी आंदोलन' (No-Tax Campaign) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1930 में महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान उत्तर प्रदेश में कांग्रेस द्वारा लगान और मालगुजारी न देने के लिए 'कर-बंदी आंदोलन' चलाया गया था, जिसका नेतृत्व मुख्य रूप से जवाहरलाल नेहरू और गोविंद वल्लभ पंत जैसे नेताओं ने किया था।
2. उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (प्रयागराज) और रायबरेली जैसे जिलों में किसानों ने जमींदारों और ब्रिटिश सरकार को भू-राजस्व (Land Revenue) देने से स्पष्ट मना कर दिया था।
3. प्रथम गोलमेज सम्मेलन (1930) में कांग्रेस की ओर से महात्मा गांधी ने भाग लिया था, जहाँ उत्तर प्रदेश के कर-बंदी आंदोलन को वापस लेने की शर्त पर गांधी-इरविन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों और तापीय विद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सी परियोजना 'नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन' (NTPC) द्वारा संचालित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) के अंतर्गत आती है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अधिगम पठार के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia), और 'पूर्वकाल इंसुला' (Anterior Insula) के बीच कार्य स्वचालन (Task Automation), संज्ञानात्मक संतृप्ति (Cognitive Saturation), और प्रेरणा संबंधी सुस्ती (Motivational Apathy) की सक्रियण गतिकी, तथा एस.डब्ल्यू. कोल (S.W. Cole) एवं अन्य मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'पठार के निवारण के उपायों' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्लेटॉ ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Plateau Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में थकान प्रबंधन, नवीन शिक्षण रणनीतियों (Novelty in Teaching Strategies) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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