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UPTET
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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों और तापीय विद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सी परियोजना 'नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन' (NTPC) द्वारा संचालित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) के अंतर्गत आती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश में अनपरा तापीय विद्युत परियोजना (Anpara Thermal Power Station) सोनभद्र जिले में स्थित है और इसका संचालन उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) द्वारा किया जाता है। इसके विपरीत, सिंगरौली (सोनभद्र), रिहंद (सोनभद्र), और दादरी (गौतम बुद्ध नगर) परियोजनाएं केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम 'एनटीपीसी' (NTPC) द्वारा संचालित की जाती हैं।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक इतिहास के परिप्रेक्ष्य में, निम्नलिखित में से किस वर्ष में उत्तर प्रदेश (तत्कालीन संयुक्त प्रान्त) की विधान परिषद (Legislative Council) का गठन पहली बार किया गया था और इसका प्रथम सत्र कहाँ आयोजित हुआ था?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम पठार और मानसिक थकान' के संदर्भ में, आर्थर गेट्स (Arthur Gates) और रसेल (Russell) द्वारा विश्लेषित 'अधिगम के पठार' (Plateaus in Learning) के अंतर्गत 'प्रेरणा की कमी', 'गलत शिक्षण विधियों', और 'शारीरिक-मानसिक थकान' (Physiological & Mental Fatigue) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा विलियम मैकडगल (William McDougall) द्वारा प्रतिपादित 'मूलप्रवृत्तियों का सिद्धांत' (Instinct Theory) के अंतर्गत 'संवेगों और मूलप्रवृत्तियों' (जैसे भय और पलायन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, उपचारात्मक शिक्षण चक्र (Remedial Teaching Cycle) और विद्यार्थियों में संचयी अधिगम अवरोधों को दूर करने में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षणशास्त्र (Pedagogy) और इसकी राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन को एक एकीकृत (Integrated) विषय के रूप में पढ़ाया जाता है, जिसके अंतर्गत विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा के मुद्दों तथा अवधारणाओं को आपस में जोड़कर प्रस्तुत किया जाता है।
2. NCF 2005 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर EVS पाठ्यक्रम की रूपरेखा 'छह प्रमुख थीम' (Themes) पर आधारित है, जो 'परिवार और मित्र', 'भोजन', 'पानी', 'आवास', 'यात्रा' और 'हम चीजें कैसे बनाते हैं' हैं।
3. पर्यावरण अध्ययन की शिक्षा-शास्त्रीय पद्धति में 'क्षेत्रीय भ्रमण' (Field Trips), 'प्रोजेक्ट कार्य' और 'सहयोगात्मक अधिगम' को द्वितीयक महत्व दिया जाता है, क्योंकि पाठ्यपुस्तकों का रटकर अध्ययन करना ही प्राथमिक स्तर पर ज्ञानार्जन का एकमात्र और सबसे प्रभावी माध्यम माना गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और उपचारात्मक शिक्षण' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia - गणितीय विकार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'इंट्रापेरिएटल सर्कस' (Intraparietal Sulcus - IPS), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'वेंट्रल ऑसिपिटोटेपोरल कॉर्टेक्स' (Ventral Occipitotemporal Cortex) के बीच संख्यात्मक परिमाण प्रसंस्करण (Numerical Magnitude Processing), स्थानिक संख्या रेखा प्रतिनिधित्व (Spatial Number Line Representation), और कार्य स्मृति (Working Memory) की सक्रियण गतिकी, तथा स्टैनिस्लास दहाएने (Stanislas Dehaene) के 'ट्रिपल-कोड मॉडल' (Triple-Code Model: विजुअल अरेबिक नंबर फॉर्म, वर्बल ऑडिटरी वर्ड फॉर्म, और एनालॉग मैग्नीट्यूड रिप्रेजेंटेशन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिसकैल्कुलिया ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Dyscalculia Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी संख्यात्मक रणनीतियों, कंक्रीट-पिक्टोरियल-एब्स्ट्रैक्ट (CPA) दृष्टिकोण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि क्षेत्रों और फसल प्रतिरूप (Crop Pattern) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड क्षेत्र) में पाई जाने वाली 'मार' और 'भाट' मृदाएं क्रमशः चिकनी और उपजाऊ होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की अपूर्व क्षमता होती है, जिस कारण यहाँ बिना सिंचाई के भी रबी की फसलें (जैसे चना और मटर) अच्छी हो जाती हैं।
2. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soil) को स्थानीय भाषा में 'खादर' (नवीन जलोढ़) और 'बांगर' (प्राचीन जलोढ़) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, जो पोटाश और चूने से समृद्ध होती है लेकिन नाइट्रोजन और ह्यूमस की इसमें कमी पाई जाती है।
3. राज्य के तराई क्षेत्र में पाई जाने वाली 'तराई मृदा' दलदली और नम होती है, जो मुख्य रूप से धान और गन्ने की सघन कृषि के लिए अत्यधिक उपयुक्त मानी जाती है।
4. उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों (पूर्वांचल क्षेत्र) में पाई जाने वाली 'लवण प्रभावित' या उसर/रेह मृदा में सोडियम कार्बोनेट और सोडियम क्लोराइड की अधिकता के कारण कृषि उत्पादकता शून्य होती है, और इसे सुधारने के लिए जिप्सम का प्रयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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