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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत सह-शैक्षणिक क्षेत्रों (Co-scholastic Areas) के आकलन के लिए निम्नलिखित में से किस विधि या उपकरण का प्रयोग सबसे अधिक प्रभावी और प्रामाणिक माना जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पर्यावरण अध्ययन (EVS) में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के तहत विद्यार्थियों के सह-शैक्षणिक क्षेत्रों (जैसे दृष्टिकोण, मूल्य, सामाजिक कौशल, पर्यावरणीय संवेदना, आदतें आदि) का आकलन करने के लिए गुणात्मक पद्धतियाँ सबसे उपयुक्त होती हैं। 'अवलोकन अनुसूचियां' (Observation Schedules) और 'उपाख्यानात्मक अभिलेख' (Anecdotal Records) शिक्षक को बच्चों के वास्तविक व्यवहार, दैनिक गतिविधियों और पर्यावरण के प्रति उनके दृष्टिकोण का सूक्ष्म और प्रामाणिक डेटा प्रदान करते हैं, जिन्हें केवल लिखित या वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं द्वारा नहीं मापा जा सकता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs: शारीरिक आवश्यकताएँ, सुरक्षा, अपनेपन/सम्बद्धता, सम्मान, और आत्म-सिद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System), 'वेंट्रलग्रुप न्यूक्लियस एक्यूम्बेंस' (Ventral Striatum / Nucleus Accumbens), और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) के बीच होमियोस्टैटिक विनियमन, डोपामाइन-संचालित पुरस्कार मार्ग (Dopaminergic Reward Pathways), और उच्च-क्रम के आत्म-नियमन की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी और रिचर्ड रायन के 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मोटिवेशन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Motivation Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation), मनोवैज्ञानिक सुरक्षा व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि जलवायु के दृष्टिकोण से कुल 9 (नौ) अलग-अलग कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की विविध भौगोलिक और मौसमी दशाओं को प्रदर्शित करते हैं।
2. बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ चिकनी और उपजाऊ होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की अत्यधिक क्षमता होती है, और ये विशेष रूप से रबी के मौसम में चने और गेहूं की कृषि के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती हैं।
3. उत्तर प्रदेश के पूर्वी और तराई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पाई जाने वाली 'नवीन जलोढ़ मृदा' को स्थानीय भाषा में 'खादर' कहा जाता है, जो प्रतिवर्ष बाढ़ के पानी द्वारा नवीकृत होने के कारण धान और गन्ने की बंपर पैदावार के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, कला और सांस्कृतिक उत्सवों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पाई डण्डा' (Pai Danda) नृत्य उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जो गुजरात के 'डांडिया' नृत्य से काफी मिलता-जुलता है और इसे मुख्य रूप से अहीर समुदाय के लोगों द्वारा श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर लाठियों और डंडों के साथ प्रदर्शित किया जाता है।
2. 'चरकुला' (Charkula) नृत्य ब्रज क्षेत्र का एक कठिन और पारंपरिक नृत्य है, जिसमें महिलाएं अपने सिर पर लगभग 108 जलते हुए दीपों से बना हुआ एक भारी पहिया रखकर नृत्य करती हैं, और यह भगवान राधा-कृष्ण की आराधना में किया जाता है।
3. 'ढोला' (Dhola) गायन और 'ख्याल' (Khyal) गायन शैली उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र (विशेषकर आगरा और मेरठ मंडल) में अत्यंत लोकप्रिय लोक-गायन विधाएं हैं, जिनमें ऐतिहासिक योद्धाओं, पौराणिक कथाओं और लोक-नायकों के वीरतापूर्ण प्रसंगों का काव्यात्मक वर्णन किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बुद्ध की शिक्षाओं और उनके द्वारा स्थापित संघ की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, बौद्ध धर्म की किस संगीति (Council) के दौरान 'स्थविरवाद' और 'महासांगिक' नामक दो प्रमुख संप्रदायों में विभाजन स्पष्ट रूप से सामने आया था और इसका तात्कालिक कारण क्या था?
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उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाओं और 'एक जिला, एक उत्पाद' (ODOP) योजना के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'टेराकोटा शिल्प' (Terracotta Craft) - गोरखपुर जिला (यह पकी हुई मिट्टी के पारंपरिक कलात्मक खिलौनों और मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है, जिसे जीआई (GI) टैग भी प्राप्त है।)
2. 'बर्तनों और पीतल के हस्तशिल्प' - मुरादाबाद जिला (इसे 'पीतल नगरी' के रूप में जाना जाता है और यहाँ धातु की नक्काशी का कार्य प्रमुखता से होता है।)
3. 'जरी-ज़रदोज़ी कला' - रामपुर जिला (यह पारंपरिक रूप से सोने और चांदी के तारों की कढ़ाई के लिए प्रसिद्ध है, जिसे ओडीओपी योजना के तहत शामिल किया गया है।)
4. 'काष्ठ कला (लकड़ी के खिलौने)' - सहारनपुर जिला (यह लकड़ी की नक्काशी और घरेलू सजावटी वस्तुओं के लिए पूरे देश में विशिष्ट स्थान रखता है।)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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