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UPTET
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हिंदी भाषा शिक्षण और अधिगम प्रक्रिया में 'उपचारात्मक शिक्षण' (Remedial Teaching) का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की अधिगम संबंधी कठिनाइयों और त्रुटियों को दूर करना है। इस संदर्भ में, उपचारात्मक शिक्षण की प्रक्रिया का सबसे पहला और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक चरण निम्नलिखित में से कौन सा माना जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हिंदी भाषा शिक्षण में उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) से पूर्व 'निदानात्मक परीक्षण' (Diagnostic Testing) अत्यंत आवश्यक है। इसके तहत विद्यार्थियों की कमजोरियों, त्रुटियों और अधिगम बाधाओं के मूल कारणों का गहन विश्लेषण और निदान किया जाता है। निदान के बिना उपचारात्मक शिक्षण सफल नहीं हो सकता, क्योंकि रोग का सही पता चले बिना उसका सटीक उपचार संभव नहीं है।
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'वाक्य भेद', 'वाच्य' और 'पदबंध' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रचना या बनावट के आधार पर वाक्य के तीन प्रमुख भेद होते हैं - सरल वाक्य, मिश्र वाक्य और संयुक्त वाक्य; जबकि अर्थ के आधार पर वाक्य के कुल आठ भेद माने जाते हैं (जैसे विधानवाचक, निषेधवाचक, आज्ञावाचक आदि)।
2. 'कर्मवाच्य' (Passive Voice) का प्रयोग केवल अकर्मक क्रियाओं के साथ ही संभव है, क्योंकि इसमें कर्ता की प्रधानता होती है और कर्म का होना अनिवार्य नहीं होता है, जबकि 'कृतृवाच्य' में क्रिया का संबंध सीधे कर्म से होता है।
3. 'पदबंध' (Phrase) एक से अधिक पदों (शब्दों) का वह समूह है जो मिलकर एक ही पद (इकाई) का कार्य करता है और इसके प्रमुख पाँच भेद होते हैं - संज्ञा पदबंध, सर्वनाम पदबंध, विशेषण पदबंध, क्रिया पदबंध और क्रिया-विशेषण पदबंध।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के खनिज संसाधनों और उनकी प्राप्ति वाले प्रमुख जिलों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'यूरेनियम' - ललितपुर जिला (यह उत्तर प्रदेश का एकमात्र ऐसा जिला है जहाँ यूरेनियम के सीमित भंडार पाए जाते हैं।)
2. 'डोलोमाइट' - सोनभद्र जिला (इसके कजरी क्षेत्र में डोलोमाइट के प्रचुर भंडार हैं, जिसका उपयोग इस्पात उद्योग और refractories में किया जाता है।)
3. 'कांच बालू (Glass Sand)' - इलाहाबाद (प्रयागराज) और चित्रकूट जिले (यहाँ की गंगा और यमुना नदियों के किनारे मिलने वाली बालू उच्च कोटि के कांच निर्माण के लिए प्रसिद्ध है।)
4. 'रॉक फॉस्फेट' - बांदा और ललितपुर जिले (इस खनिज का मुख्य उपयोग रासायनिक उर्वरकों के निर्माण में कृषि क्षेत्र के लिए किया जाता है।)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भूगर्भिक संरचना और खनिज संसाधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का दक्षिणी पठारी क्षेत्र (जिसे बुंदेलखंड का पठार भी कहा जाता है) प्राचीन गोंडवाना लैंड का हिस्सा है, जहाँ आर्कियन युग की नीस और ग्रेनाइट चट्टानों में संगमरमर, ऐस्बेस्टस और यूरेनियम जैसे प्रमुख खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
2. राज्य में 'चूना पत्थर' (Limestone) का प्रमुख भंडार मिर्जापुर (कंडारी क्षेत्र) और सोनभद्र (गुर्हा और कनकबारी) जिलों में पाया जाता है, जो सीमेंट उद्योग का मुख्य कच्चा माल है।
3. उत्तर प्रदेश में 'कोयला' (Coal) का एकमात्र प्रमुख भंडार सिंगरौली कोयला क्षेत्र (सोनभद्र जिला) में स्थित है, और राज्य में 'यूरेनियम' का सीमित भंडार ललितपुर जिले में खोजा गया है।
4. उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है जो 'कांच बालू' (Glass Sand) के उत्पादन में प्रथम स्थान रखता है, और यह विशेष रूप से इलाहाबाद (प्रयागराज), चित्रकूट और बांदा जिलों के गंगा-यमुना के कछारी क्षेत्रों से निकाला जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की प्रमुख झीलों, तालों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति (जिले) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मोती झील' उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले में स्थित एक प्रमुख कृत्रिम जलाशय है, जिसका निर्माण ब्रिटिशकाल में पेयजल आपूर्ति और शहर के सौंदर्यकरण के लिए किया गया था।
2. 'गोकुल बैराज परियोजना' उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना नदी पर बनाई गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य आगरा और मथुरा शहरों को पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
3. 'शेखा झील' (Shekha Lake) उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित एक प्राकृतिक मीठे पानी की झील है, जिसे पक्षी अभ्यारण्य के रूप में भी विकसित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ (Learning Styles)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड कोब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र (Experiential Learning Cycle: मूर्त अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग)' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी-चालक कॉर्टेक्स' (Sensory-Motor Cortex), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia) के बीच सूचना एकीकरण, वैचारिक पुनर्रचना और मोटर निष्पादन की सक्रियण गतिकी, तथा नील फ्लेमिंग (Neil Fleming) के 'VARK मॉडल' (विजुअल, ऑडिटरी, रीडिंग/राइटिंग, काइनेस्थेटिक) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरी कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Multi-Sensory Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में अनुभवात्मक समझ, संज्ञानात्मक अनुकूलनशीलता व समग्र चिंतन कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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