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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ (Learning Styles)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड कोब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र (Experiential Learning Cycle: मूर्त अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग)' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी-चालक कॉर्टेक्स' (Sensory-Motor Cortex), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia) के बीच सूचना एकीकरण, वैचारिक पुनर्रचना और मोटर निष्पादन की सक्रियण गतिकी, तथा नील फ्लेमिंग (Neil Fleming) के 'VARK मॉडल' (विजुअल, ऑडिटरी, रीडिंग/राइटिंग, काइनेस्थेटिक) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरी कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Multi-Sensory Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में अनुभवात्मक समझ, संज्ञानात्मक अनुकूलनशीलता व समग्र चिंतन कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड कोब का प्रयोगात्मक अधिगम चक्र और नील फ्लेमिंग का VARK मॉडल न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। मूर्त अनुभव (Concrete Experience) से लेकर सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation) तक की प्रक्रिया में मस्तिष्क के संवेदी कॉर्टेक्स, हिप्पोकैम्पस, बेसल गैन्ग्लिया और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स की सक्रिय सहभागिता होती है। यह मल्टीसेंसरी और रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Constructivist Pedagogy) के सिद्धांतों के अनुकूल है, जो छात्रों को उनकी विशिष्ट अधिगम शैलियों के माध्यम से ज्ञान के निर्माण और उच्च-क्रम संज्ञानात्मक कौशल के विकास में सहायता करता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के बहुकारकीय एवं त्रिआयामी सिद्धांतों' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक एडवर्ड थार्नडाइक (E.L. Thorndike) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Multi-Factor Theory) के अंतर्गत 'तुकबंदी, गति और स्थल संबंधी तत्वों' तथा हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के बीच के दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों और प्रमुख खाद्यान्न फसलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि और जलवायु की विभिन्नताओं के आधार पर कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जहाँ तराई क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की सबसे उपजाऊ जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) पाई जाती है।
2. बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ चिकनी और उपजाऊ होती हैं, जिनमें जल धारण करने की उच्च क्षमता होती है और सूखने पर उनमें चौड़ी तथा गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
3. राज्य में कुल खाद्यान्न उत्पादन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है, और यहाँ सर्वाधिक क्षेत्रफल पर बोई जाने वाली फसल गेहूँ है, जबकि उत्पादन में धान का स्थान प्रथम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों (Wildlife Sanctuaries) और पक्षी विहारों (Bird Sanctuaries) के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'नवाबगंज पक्षी विहार' - उन्नाव जिला (यह उत्तर प्रदेश का सबसे पहला स्थापित पक्षी विहार है, जिसका नाम अब बदलकर 'चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार' कर दिया गया है।)
2. 'ओखला पक्षी विहार' - गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद जिलों की सीमा पर यमुना नदी के तट पर स्थित है।
3. 'लाख बहुतसी पक्षी विहार' - कन्नौज जिला (यह क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पक्षी विहार है।)
4. 'सोहागीबरवा वन्यजीव विहार' - महाराजगंज जिला (यह विहार गंडक नदी के तट के पास स्थित है और मुख्य रूप से गिद्धों तथा बाघों के संरक्षण के लिए जाना जाता है।)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, अपवाह तंत्र और जलवायु विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में पाई जाने वाली 'राड़' (Raar) या कछार मृदा का निर्माण नदियों द्वारा लाई गई नवीन जलोढ़ मिट्टी से होता है, जो अत्यधिक उपजाऊ होती है और इसमें नाइट्रोजन की प्रचुरता तथा फास्फोरस की अधिकता पाई जाती है।
2. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Maar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ चिकनी मिट्टी की प्रधानता वाली होती हैं; मार मृदा काले रंग की होती है जो भीगने पर चिपचिपी और सूखने पर बड़ी-बड़ी दरारें छोड़ती है, जबकि काबर मृदा हल्के भूरे रंग की दोमट प्रवृत्ति की होती है।
3. उत्तर प्रदेश की जलवायु मुख्य रूप से 'उष्णकटिबंधीय मानसूनी' (Tropical Monsoon) है, जहाँ राज्य के दक्षिणी-पूर्वी पठारी भाग में वार्षिक वर्षा का औसत पश्चिमी मैदानी और बुंदेलखंड क्षेत्र की तुलना में सर्वाधिक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की ऊर्जा संरचना, बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और जल विद्युत उत्पादन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में रिहंद नदी (सोन नदी की सहायक) पर बना 'रिहंद बांध' (गोविन्द बल्लभ पंत सागर) राज्य की पहली और सबसे बड़ी बहुउद्देशीय परियोजना है, जो सोनभद्र जिले में स्थित है और इससे प्राप्त जल विद्युत का उपयोग मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्रों एवं ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए किया जाता है।
2. उत्तर प्रदेश में स्थित 'ओबरा जल विद्युत केंद्र' और 'माताटीला बांध परियोजना' (बेतवा नदी पर) राज्य के प्रमुख जल विद्युत उत्पादन केंद्र हैं, जो सिंचाई सुविधाओं के साथ-साथ बुंदेलखंड जैसे कम वर्षा वाले क्षेत्रों में विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं।
3. राज्य में कुल विद्युत उत्पादन में जल विद्युत (Hydro Power) का हिस्सा थर्मल पावर (कोयला आधारित) और सौर ऊर्जा की तुलना में सबसे अधिक है, क्योंकि उत्तर प्रदेश की नदियाँ बारहमासी होने के कारण वर्ष भर अधिकतम क्षमता से जल विद्युत का उत्पादन करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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