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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'वैश्विक पर्यावरणीय मुद्दे और संधियाँ' के संदर्भ में, वर्ष 1987 में हस्ताक्षरित 'मॉन्ट्रो प्रोटोकॉल' (Montreal Protocol) और वर्ष 2016 में हुए इसके 'किगाली संशोधन' (Kigali Amendment) के वैधानिक, वैज्ञानिक तथा पारिस्थितिकीय प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मॉन्ट्रो प्रोटोकॉल (1987) ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले पदार्थों (ओजोन क्षयकारी पदार्थों - ODSs जैसे CFCs, हैलोन आदि) के संरक्षण और उनके वैश्विक उत्पादन/उपभोग को नियंत्रित करने के लिए एक ऐतिहासिक बहुपक्षीय पर्यावरण समझौता है। इसे वियना कन्वेंशन के तहत अपनाया गया था। इसके पश्चात, वर्ष 2016 में रवांडा की राजधानी किगाली में आयोजित मॉन्ट्रो प्रोटोकॉल की पक्षकारों की 28वीं बैठक में 'किगाली संशोधन' को अपनाया गया। किगाली संशोधन के तहत, HFCs (हाइड्रोफ्लोरोकार्बन), जो ओजोन परत को तो क्षीण नहीं करते लेकिन अत्यधिक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसें हैं और ग्लोबल वार्मिंग का कारण बनती हैं, के उपयोग को अगले 3 दशक में 80% से अधिक कम करने का कानूनी रूप से बाध्यकारी लक्ष्य रखा गया है। अतः विकल्प (a) इस विषय का सर्वाधिक सटीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'मूल्यांकन और मापन (Evaluation and Measurement)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) द्वारा प्रतिपादित 'शैक्षिक उद्देश्यों का वर्गीकरण' (Bloom's Taxonomy: ज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोगामक पक्ष) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'अमिकडाला' (Amygdala), और 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex) के बीच उच्च-क्रम चिंतन, संवेगात्मक मूल्य निर्धारण, और कौशल एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा नॉर्मन ग्रोनलुंड (Norman Gronlund) और रॉबर्ट ग्लेसर (Robert Glaser) के 'रचनात्मक और योगात्मक मूल्यांकन मॉडल' (Formative and Summative Evaluation) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, एविडेंस-बेस्ड फॉर्मेटिव पेडागोजी (Evidence-Based Formative Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुआयामी संज्ञानात्मक दक्षता, सतत प्रगति निगरानी व समग्र मूल्यांकन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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भारतीय संविधान के निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण समितियों के संदर्भ में, संविधान सभा द्वारा गठित 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) के अध्यक्ष डॉ. बी. आर. अम्बेडकर के अतिरिक्त अन्य सदस्यों के नामों और उनके राजनीतिक/कानूनी योगदान के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा युग्म ऐसा है जो प्रारूप समिति के सदस्य के रूप में शामिल नहीं था?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली, गुरुकुल परंपरा और बौद्धकालीन शिक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वैदिक कालीन शिक्षा में 'प्रवज्या' (Pravrajya) संस्कार बौद्ध मठों में प्रवेश और प्राथमिक शिक्षा के आरंभ का सूचक था, जबकि 'उपनयन' संस्कार वैदिक शिक्षा प्रणाली में ब्रह्मचर्य आश्रम में प्रवेश का प्रतीक था।
2. नालंदा विश्वविद्यालय के विपरीत, वल्लभी (Vallabhi) विश्वविद्यालय मुख्य रूप से हीनयान (Theravada) बौद्ध संप्रदाय के अध्ययन का एक प्रमुख केंद्र था, जहाँ धर्म-दर्शन के साथ-साथ अर्थशास्त्र, नीतिशास्त्र और व्यवसायिक शिक्षा भी दी जाती थी।
3. प्राचीन काल में विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना पाल वंश के राजा धर्मपाल द्वारा की गई थी, जो वज्रयान बौद्ध धर्म और तांत्रिक शिक्षा के साथ-साथ तर्कशास्त्र (Logic) के अध्ययन के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत एवं लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के तुलनात्मक संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे का मानना था कि बालक का संज्ञानात्मक विकास उसकी जैविक परिपक्वता (Biological Maturation) और पर्यावरण के साथ सक्रिय भौतिक अन्वेषण से पहले होता है, जबकि भाषा इस विकास का उपोत्पाद (By-product) मात्र है।
2. वायगोत्स्की के अनुसार भाषा और चिंतन आरंभ में दो स्वतंत्र और अलग गतिविधियाँ होती हैं, लेकिन लगभग 2 वर्ष की आयु के आसपास बालक के भीतर भाषा और विचार आपस में मिल जाते हैं, जिससे बालक 'आंतरिक वाक्' (Inner Speech) के माध्यम से अपने चिंतन को विनियमित करना सीखता है।
3. पियाजे के सिद्धांत में 'बालक को एक छोटा वैज्ञानिक' (Little Scientist) माना गया है जो ज्ञान का निर्माण स्वयं अपने स्वतंत्र प्रयासों से करता है, जबकि वायगोत्स्की के सिद्धांत में ज्ञान के सह-निर्माण (Co-construction) के लिए सामाजिक अंतःक्रिया और सांस्कृतिक उपकरणों को केंद्रीय महत्व दिया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा यह समझने लगता है कि किसी वस्तु का आकार या रूप बदल जाने पर भी उसका द्रव्यमान, भार और आयतन अपरिवर्तित (समान) रहता है, तो पियाजे के संज्ञानात्मक विकास की यह अवस्था निम्नलिखित में से किस नाम से जानी जाती है और यह किस बौद्धिक क्षमता को दर्शाती है?
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