BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
6 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन क्राउडर (Norman Crowder) के 'शाखीय अभिक्रमित अनुदेशन' (Branching Programmed Instruction) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक संप्रत्यय—**'नैदानिक उपचारात्मक शाखा' (Remedial Branching)**—जिसे उस विशिष्ट अनुदेशात्मक तंत्र के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षार्थी द्वारा बहुविकल्पीय प्रश्न का गलत उत्तर देने पर उसे मुख्य शिक्षण पथ से हटाकर एक वैकल्पिक या उपशाखा (Branch) में भेज दिया जाता है, जहाँ उसकी विशिष्ट त्रुटि का निदान करके उसे सरल चरणों में पुनः समझाया जाता है और फिर मुख्य धारा में वापस लाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं के समाधान, सुधारात्मक पुनर्नवीनीकरण (Remedial Feedback) और स्वायत्त गति से अधिगम (Self-paced Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

नॉर्मन क्राउडर द्वारा प्रतिपादित 'शाखीय अभिक्रमित अनुदेशन' (Branching Programmed Instruction) व्यक्तिगत भिन्नताओं को स्वीकार करने वाली एक अत्यंत प्रभावी प्रणाली है। स्किनर के रेखीय अनुदेशन (Linear Programming) के विपरीत, क्राउडर का यह मॉडल विद्यार्थियों को बहुविकल्पीय प्रारूप में प्रश्न देता है। यदि विद्यार्थी सही उत्तर चुनता है, तो उसे आगे की सामग्री पर भेजा जाता है; परंतु यदि वह गलत उत्तर चुनता है, तो उसे एक 'नैदानिक उपचारात्मक शाखा' (Remedial Branch) में भेजा जाता है जहाँ उसकी विशिष्ट भ्रांति या त्रुटि का कारण समझाकर उसे सुधारात्मक निर्देश दिए जाते हैं। यह प्रक्रिया व्यक्तिगत छात्रों की कमजोरियों का निदान (Diagnosis) और उपचार (Remediation) करते हुए उन्हें अपनी व्यक्तिगत गति (Self-paced learning) से सीखने में सक्षम बनाती है। अतः विकल्प (b) इस मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय का सबसे सटीक और प्रामाणिक वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
Share:

Related Questions

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'मूर्त अनुभव से अमूर्त conceptualization तक की प्रक्रिया' (Concrete Experience to Abstract Conceptualization)**—जिसे उस गतिशील संज्ञानात्मक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षार्थी पहले किसी प्रत्यक्ष और व्यावहारिक परिस्थिति में प्रत्यक्ष रूप से अनुभव प्राप्त करता है (Concrete Experience), फिर उस अनुभव का गहन चिंतन और अवलोकन करता है (Reflective Observation), तत्पश्चात उस अनुभव से नए तार्किक सिद्धांतों, नियमों और अवधारणाओं का निर्माण करता है (Abstract Conceptualization), और अंत में उनका विभिन्न परिस्थितियों में परीक्षण करता है (Active Experimentation)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक समायोजन, वैचारिक संश्लेषण और व्यावहारिक बोध के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित तीन प्रतिनिधित्व स्वरूपों—(1) क्रियात्मक प्रतिनिधित्व (Enactive Representation), (2) दृश्य-प्रतिबिम्बात्मक प्रतिनिधित्व (Iconic Representation), और (3) संकेतात्मक प्रतिनिधित्व (Symbolic Representation)—तथा 'खोजपूर्ण अधिगम' (Discovery Learning) और 'स्पाइरल पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) की अवधारणा के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की संवादात्मक संरचनाओं, अमूर्त विचारों के भाषागत रूपांतरण और जटिल अवधारणाओं के क्रमिक पुनर्दर्शन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Sociocultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वन/मचान' (Scaffolding) की अवधारणाओं—विशेषकर जेरोम ब्रूनर द्वारा विस्तारित मचान की तकनीक, आंतरिक वाक् (Inner Speech), और सामाजिक अंतःक्रिया के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञान के सह-निर्माण (Co-construction of Knowledge), आत्म-नियमन (Self-Regulation), और उच्च-स्तरीय मानसिक कार्यों के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Hierarchy of Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित अधिगम के आठ प्रकारों में से 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning) की सर्वोच्च मानसिक स्थिति तथा इसके पूर्ववर्ती चरण 'सिद्धांत अधिगम' (Principle Learning) के मध्य तार्किक संबंध और कक्षा-कक्षीय शिक्षण में उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक कौशलों के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—**'आंशिक पुनर्बलन अनुसूची' (Partial / Intermittent Reinforcement Schedule)**—जिसे एक ऐसी सुदृढ़ीकरण प्रणाली के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ सभी सही अनुक्रियाओं के बाद पुनर्बलन देने के विपरीत, प्रतिक्रियाओं को केवल कभी-कभार या एक निश्चित/अनिश्चित अंतराल या अनुपात के बाद ही पुरस्कृत किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यवहार के स्थायित्व, विलोपन के प्रति उच्च प्रतिरोध (Resistance to Extinction) और दीर्घकालिक आंतरिक अभिप्रेरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.