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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन क्राउडर (Norman Crowder) के 'शाखीय अभिक्रमित अनुदेशन' (Branching Programmed Instruction) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक संप्रत्यय—**'नैदानिक उपचारात्मक शाखा' (Remedial Branching)**—जिसे उस विशिष्ट अनुदेशात्मक तंत्र के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षार्थी द्वारा बहुविकल्पीय प्रश्न का गलत उत्तर देने पर उसे मुख्य शिक्षण पथ से हटाकर एक वैकल्पिक या उपशाखा (Branch) में भेज दिया जाता है, जहाँ उसकी विशिष्ट त्रुटि का निदान करके उसे सरल चरणों में पुनः समझाया जाता है और फिर मुख्य धारा में वापस लाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं के समाधान, सुधारात्मक पुनर्नवीनीकरण (Remedial Feedback) और स्वायत्त गति से अधिगम (Self-paced Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
नॉर्मन क्राउडर द्वारा प्रतिपादित 'शाखीय अभिक्रमित अनुदेशन' (Branching Programmed Instruction) व्यक्तिगत भिन्नताओं को स्वीकार करने वाली एक अत्यंत प्रभावी प्रणाली है। स्किनर के रेखीय अनुदेशन (Linear Programming) के विपरीत, क्राउडर का यह मॉडल विद्यार्थियों को बहुविकल्पीय प्रारूप में प्रश्न देता है। यदि विद्यार्थी सही उत्तर चुनता है, तो उसे आगे की सामग्री पर भेजा जाता है; परंतु यदि वह गलत उत्तर चुनता है, तो उसे एक 'नैदानिक उपचारात्मक शाखा' (Remedial Branch) में भेजा जाता है जहाँ उसकी विशिष्ट भ्रांति या त्रुटि का कारण समझाकर उसे सुधारात्मक निर्देश दिए जाते हैं। यह प्रक्रिया व्यक्तिगत छात्रों की कमजोरियों का निदान (Diagnosis) और उपचार (Remediation) करते हुए उन्हें अपनी व्यक्तिगत गति (Self-paced learning) से सीखने में सक्षम बनाती है। अतः विकल्प (b) इस मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय का सबसे सटीक और प्रामाणिक वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
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