त्वरित लिंक्स
MPTET
5 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानव आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च और अंतिम मनोवैज्ञानिक आवश्यकता—**'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization)**—जिसे किसी व्यक्ति की अपनी पूरी क्षमता, अद्वितीय योग्यताओं और रचनात्मक संभावनाओं को पूरी तरह से विकसित करने और प्राप्त करने की आंतरिक इच्छा और आवश्यकता के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, आंतरिक अभिप्रेरण (Intrinsic Motivation) और आत्म-साक्षात्कार के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मास्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत के अनुसार, आत्म-सिद्धि (Self-Actualization) पिरामिड का सबसे शीर्ष स्तर है। जब तक नीचे की आवश्यकताएं (शारीरिक, सुरक्षा, सामाजिक और सम्मान संबंधी) संतुष्ट नहीं होतीं, तब तक व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता और रचनात्मकता (आत्म-सिद्धि) का उपयोग करने की ओर अग्रसर नहीं हो सकता। शिक्षा के क्षेत्र में, शिक्षकों को ऐसा अनुकूल और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना चाहिए जो विद्यार्थियों को उनकी सर्वोच्च क्षमताओं को पहचानने और विकसित करने में सक्षम बनाए।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Sociocultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वन/मचान निर्माण' (Scaffolding) की अवधारणाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक समस्या-समाधान (Collaborative Problem Solving), आंतरिक वाक् (Inner Speech), और सांस्कृतिक उपकरणों (Cultural Tools) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) तथा 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पूर्णतया कार्यशील व्यक्ति' (Fully Functioning Person) एवं 'सार्थक छात्र-केंद्रित शिक्षण' की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी की आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation), आत्म-स्वीकृति और व्यक्तिगत विकास को प्राथमिकता दी जाती है तथा शिक्षक एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) की भूमिका निभाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक स्वास्थ्य, स्वायत्तता और समग्र व्यक्तित्व विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा सिद्धांत' (Humanistic Theory of Motivation) जिसे 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) भी कहा जाता है, के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर की आवश्यकता यानी 'आत्म-सिद्धि या आत्म-बोध' (Self-Actualization) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपनीिक क्षमताओं, रचनात्मकता और潛न्विता (Potential) का पूर्ण विकास और उपयोग करने के लिए प्रेरित होता है, तथा यह स्थिति तभी प्राप्त होती है जब उसकी निचला स्तर की शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान संबंधी सभी आवश्यकताएं संतोषजनक रूप से पूरी हो चुकी होती हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आंतरिक विकास, स्व-निर्देशित अधिगम और सर्वोच्च बौद्धिक व सृजनात्मक क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय—**'विलोपन या क्षय' (Extinction)**—जिसे उस प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ अनुबंधित उद्दीपक (Conditioned Stimulus - CS) को बिना अननुबंधित उद्दीपक (Unconditioned Stimulus - US) के बार-बार प्रस्तुत किए जाने पर अनुबंधित अनुक्रिया (Conditioned Response - CR) धीरे-धीरे कम होने लगती है और अंततः समाप्त हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अवांछित व्यवहारों के शमन, आदत में सुधार और अनुकूलित प्रतिक्रियाओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद' (Connectionism) या 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित मुख्य अधिगम नियमों—'तत्परता का नियम' (Law of Readiness), 'अभ्यास का नियम' (Law of Exercise), और 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—तथा उनके गौण (सहायक) नियमों के तार्किक अनुप्रयोग एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'संतोष और असंतोष के नियम' (Law of Satisfaction and Discomfort) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.