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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) तथा 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पूर्णतया कार्यशील व्यक्ति' (Fully Functioning Person) एवं 'सार्थक छात्र-केंद्रित शिक्षण' की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी की आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation), आत्म-स्वीकृति और व्यक्तिगत विकास को प्राथमिकता दी जाती है तथा शिक्षक एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) की भूमिका निभाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक स्वास्थ्य, स्वायत्तता और समग्र व्यक्तित्व विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कार्ल रोजर्स के मानवतावादी सिद्धांत और अनुभवात्मक अधिगम के अनुसार, शिक्षा का मुख्य उद्देश्य 'पूर्णतया कार्यशील व्यक्ति' का निर्माण करना है। इस उपागम में शिक्षक कोई सत्तावादी नियंत्रक न होकर एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) होता है जो छात्रों को सुरक्षित वातावरण, सहानुभूति और 'सकारात्मक बिना शर्त स्वीकृति' (Unconditional Positive Regard) प्रदान करता है। इससे विद्यार्थियों में आंतरिक प्रेरणा जागृत होती है, वे अपने अनुभवों से अर्थ निकालते हैं और उनका समग्र व्यक्तित्व स्वस्थ रूप से विकसित होता है। अतः विकल्प (c) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक कथन है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास' (Social Contract and Individual Rights Orientation)**—जिसे उस उत्तरोत्तर उत्तर-पारंपरिक स्तर (Post-Conventional Level) के चरण के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के कल्याण के लिए लचीले समझौते होने चाहिए, और यदि कोई कानून मानवाधिकारों या सामाजिक न्याय के विरुद्ध हो, तो उसे बदला जाना चाहिए—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की तार्किक स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक सहभागिता और उच्च-स्तरीय नैतिक विवेक के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) तथा 'मचान या पाटन' (Scaffolding) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी की वास्तविक विकास स्तर (Actual Developmental Level) और संभावित विकास स्तर (Potential Developmental Level) के बीच के अंतराल को किसी सक्षम वयस्क या सहकर्मी द्वारा दी जाने वाली अस्थायी, संरचित और संवेदनशील सहायता (Scaffolding) के माध्यम से पाटा जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक समस्या-समाधान, संज्ञानात्मक विस्तार (Cognitive Extension), और स्वतंत्र स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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